पंजाब सरकार ने सांसद प्रताप सिंह बाजवा की पुलिस सुरक्षा ली वापिस

8/8/2020 9:28:44 PM

चंडीगढ़ः पंजाब सरकार ने कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य प्रताप सिंह बाजवा की पुलिस सुरक्षा वापिस लेने का फैसला किया है। यह फैसला केंद्रीय सुरक्षा ले रहे बाजवा को किसी किस्म का कोई खतरा न होने के मद्देनजर लिया गया है। सरकारी प्रवक्ता ने आज यहां बताया कि राज्य की पुलिस द्वारा सांसद को दी गई सुरक्षा का कोई मकसद नहीं रहा क्योंकि उन्होंने सीधे तौर पर गृह मंत्री अमित शाह से केंद्रीय सुरक्षा हासिल कर ली थी। ऐसी स्थिति में दोहरी सुरक्षा व्यवस्था को कारगर नहीं माना जा सकता, विशेष रूप से तब, जब राज्यसभा सदस्य ने राज्य की पुलिस में कोई भरोसा न दिखाते हुए केंद्रीय सुरक्षा प्राप्त करना मुनासिब समझा हो। 

प्रवक्ता के मुताबिक बाजवा द्वारा किए दावे के उलट राज्यसभा सदस्य को केंद्रीय सुरक्षा कांग्रेस नेतृत्व के कहने पर नहीं मिली थी। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने संसद सदस्य को पेश किसी किस्म के खतरे का पता लगाने के लिए राज्य सरकार के साथ विचार-विमर्श करने की जरूरत नहीं समझी जो आम तौर पर किसी भी व्यक्ति को केंद्रीय सुरक्षा देने से पहले लाजिमी तौर पर की जाने वाली प्रक्रिया होती है। प्रवक्ता ने बताया कि वास्तव में मौजूदा समय के दौरान वह पंजाब पुलिस द्वारा अतिरिक्त सुरक्षा प्राप्त कर रहे थे जो राज्यसभा सदस्य को दी जाती सुरक्षा से अधिक थी। इसका कारण यह था कि राज्य सरकार ने पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीपीसीसी) के प्रधान रहे होने के कारण उनसे यह बड़ी सुरक्षा वापिस नहीं ली थी। 

नियमानुसा सांसद बनते ही कोई खतरा न होने के मद्देनजर बढ़ी हुई सुरक्षा को वापिस लिया जाना चाहिए था। गृह मंत्रालय की ओर से 19 मार्च को बाजवा को जैड श्रेणी की सुरक्षा दी गई थी और आज तक उनके पास निजी सुरक्षा, घर की सुरक्षा और एस्कॉर्ट के लिए सी.आई.एस.एफ के 25 जवान सहित दो एस्कॉर्ट चालक मौजूद हैं। गत 23 मार्च तक उनके पास चौदह पंजाब पुलिस के कर्मचारी भी तैनात थे लेकिन उनमें से कुछ को कोविड ड्यूटी के मद्देनजर वापिस बुला लिया गया। प्रवक्ता ने कहा कि इस समय बाजवा के पास पंजाब पुलिस के छह कर्मचारी हैं और चालक सहित एक एस्कॉर्ट है जिसको अब वापिस लिया जा रहा है।


Mohit

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