सरकार बदली पर नहीं बदले हालात, बिना किताबों के ही कक्षाओं में बैठने को मजबूर हुए छात्र

punjabkesari.in Wednesday, Apr 06, 2022 - 09:19 PM (IST)

लुधियाना (विक्की) : राज्य के शिक्षा मॉडल को सुधारने के मकसद से सत्ता में आई आम आदमी पार्टी की सरकार में सरकारी स्कूलों के बच्चों का नया सैशन पुराने हालातों के अनुरूप ही शुरू होगा क्योंकि इस बार भी सैशन शुरू हो गया है लेकिन बच्चे बिना किताबों के ही क्लासिज में बैठने को मजबूर हैं। पंजाब के सभी सरकारी प्राइमरी, मिडिल, हाई और सीनियर सैकेंडरी स्कूलों में नए शैक्षणिक सत्र  2022-23 की शुरूआत हो गई है। जहां एक तरफ अध्यापकों ने बच्चों को नई कक्षा का सिलेबस करवाना शुरू कर दिया है, वहीं दूसरी तरफ विभाग द्वारा दी जाने वाली पाठ्य पुस्तकों का अभी कोई अता-पता नहीं है। किसी भी स्कूलों में अभी तक एक भी पुस्तक नहीं पहुंची है। अगर यही हाल रहा तो पिछले साल की तरह इस बार भी विद्यार्थियों को काफी देरी से किताबें मिल सकती हैं। 

वहीं अध्यापकों का कहना है कि विभाग को यह बताने की जरूरत नहीं है कि उन्होंने हर वर्ष 1 अप्रैल से पहले स्कूलों में किताबें स्कूलों में पहुंचानी होती है। लेकिन अभी तक किताबों को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। आज नए सैशन के पहले दिन शहर के 992 प्राइमरी और 533 अपर प्राइमरी स्कूलों के लगभग 2.70 लाख विद्यार्थियों ने बिना किताबों के पढ़ाई की और आने वाले दिनों में भी ऐसे ही स्थिति बने रहने की संभावना है क्योंकि खुद विभाग को भी मालूम नहीं है कि किताबे कब आएंगी। 
बता दें कि किताबों के लिए बच्चों की गिनती काफी समय पहले ही ब्लॉक स्तर के आधार पर जा चुकी है। 

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Content Writer

Subhash Kapoor

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