मान सरकार के "1000 रुपए" वाले दावे पर भड़के राजा वड़िंग, रैली में सरकार को दी सीधी चुनौती!
punjabkesari.in Tuesday, Feb 17, 2026 - 05:04 PM (IST)
मानसा: पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने आज मानसा में मजदूरों और किसानों के हक में आयोजित एक विशाल रैली को संबोधित करते हुए केंद्र की भाजपा और पंजाब की ‘आप’सरकार पर तीखे शब्दों में हमला बोला। वड़िंग ने मजदूरों की मांगों को लेकर जोरदार आवाज उठाई।
मनरेगा कानून में बदलाव और दिहाड़ी का मुद्दा
राजा वड़िंग ने केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा कानून में किए गए बदलावों की निंदा करते हुए कहा कि अब मजदूरों को काम मांगने पर काम नहीं मिलेगा, बल्कि सरकार तय करेगी कि काम कब और कितनी मजदूरी पर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि कागजों में काम के दिन 125 कर दिए गए हैं, लेकिन हकीकत में मजदूरों को 50 दिन का काम भी नहीं मिल रहा। वड़िंग ने मांग की कि मनरेगा की दिहाड़ी बढ़ाकर 700 रुपये की जाए। इसके साथ ही उन्होंने मनरेगा को खेती से जोड़ने की वकालत की, ताकि मजदूरों को किसानों के खेतों में भी काम मिल सके और उनके रोजगार के दिन बढ़ें। वड़िंग ने नई डिजिटल हाजिरी व्यवस्था और फोटो खींचने की शर्त पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पहले जहां काम मिलता था वहीं हाजिरी लग जाती थी, लेकिन अब हाजिरी कहीं और लगती है और काम पांच किलोमीटर दूर दिया जाता है, जिससे मजदूरों की दिहाड़ी का बड़ा हिस्सा किराए में ही खर्च हो जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि ये तरीके गरीबों को परेशान करने के लिए अपनाए जा रहे हैं।
पंजाब सरकार की नीतियों की आलोचना
पंजाब की ‘आप’ सरकार पर निशाना साधते हुए राजा वड़िंग ने कहा कि चुनावों के समय महिलाओं को 1000 रुपए देने का वादा किया गया था, जो अब तक पूरा नहीं हुआ। उन्होंने लोगों को सतर्क करते हुए कहा कि चुनाव नजदीक आने पर शायद इसका ऐलान कर दिया जाए, लेकिन जनता को पिछले चार साल का बकाया जरूर मांगना चाहिए। उन्होंने यह भी दावा किया कि कांग्रेस सरकार के समय मिलने वाला 30 किलो गेहूं घटाकर अब 5 किलो कर दिया गया है।
राज्य की कानून-व्यवस्था पर चिंता जताते हुए वड़िंग ने कहा कि आज पंजाब में दिनदहाड़े हत्याएं हो रही हैं। उन्होंने सिद्धू मूसेवाला के पिता सरदार बलकौर सिंह का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें अब भी इंसाफ के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। नशों के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि सरकार करोड़ों रुपये रैलियों पर खर्च कर ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ का दिखावा कर रही है, जबकि गांवों में हालात जस के तस हैं। इस मौके पर छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और अन्य वरिष्ठ कांग्रेसी नेता भी मौजूद थे।

