राशन कार्डों की वैरिफिकेशन बनी प्रशासन के लिए चुनौती, 1.82 लाख में सिर्फ 337 कार्डों की जांच पूरी

punjabkesari.in Sunday, Sep 13, 2026 - 12:51 PM (IST)

अमृतसर (नीरज): वोटरों को लुभाने के लिए सरकार की तरफ से नए राशन कार्ड बनाने का काम तो शुरु कर दिया गया और लोगों ने लाखों की संख्या में नए कार्ड बनाने के लिए आवेदन भी दे दिए लेकिन मौजूदा समय जिला प्रशासन अभी तक सिर्फ 337 राशन कार्डों की वैरिफिकेशन ही कर पाया है जबकि अमृतसर देहाती व शहरी इलाकों के कुल 1.82 लाख नए राशन कार्ड आवेदन आए हैं।

वैरिफिकेशन के लिए डिप्टी कमिश्नर की तरफ से जे.ए. टू डी.सी. रैंक की पी.सी.एस. अधिकारी प्रगति सेठी को तैनात किया गया है जबकि अलग-अलग विभागों जिसमें माल विभाग, फूड सप्लाई, निगम व अन्य विभागों को शामिल किया गया है। सरकार की तरफ से वैरिफिकेशन करने का काम 30 सितम्बर तक पूरा करने का अल्टीमेटम दिया गया है लेकिन जिस प्रकार से काम हो रहा है उससे डी.सी. भी खुश नजर नहीं आ रहे हैं। इस मामले में ज्यादातर अधिकारियों व कर्मचारियों की एस.आई.आर. में ड्यूटी होना व बार-बार हड़तालें करना भी बाधा बन रहा है। फिलहाल डी.सी. की तरफ से इस संबंध में सभी विभागों की बैठक बुलाई गई है।

अमीर लोगों ने भी भर दिए सस्ते व फ्री राशन के लिए आवेदन 

उल्लेखनीय है कि ये राशन कार्ड गरीब लोगों को सस्ता राशन देने के लिए बनाए गए थे लेकिन अमीरों ने भी इसमें अपनी एंट्री की और मौजूदा 1.82 लाख आवेदनों में भी हजारों की संख्या में अमीर लोग शामिल हैं जिन्होंने सस्ते व फ्री राशन के लिए आवेदन भरे हैं।

पोर्टल में आ जाता है आवेदन भरने वाले का डाटा 

राशन कार्ड वैरिफिकेशन करने के लिए बनाए गए पोर्टल में आवेदन देने वाले व्यक्ति का सारा डाटा आ जाता है जिससे अधिकारी को पता चल जाता है कि आवेदनकर्ता सरकारी नौकरी करता है या फिर कोई प्राइवेट काम करता है। ऐसे में अमीर लोगों के कार्ड कटने की पूरी संभावना है।

पहले भी इनकम टैक्स, असला, आर.टी.ओ. व माल विभाग ने काटे थे लाखों कार्ड 

गरीब लोगों का हक न मरे और अमीर लोगों के राशन कार्ड काटे जा सकें इसके लिए सरकार ने पिछले वर्षों के दौरान भी वैरिफिकेशन का काम शुरु किया था जिसमें माल विभाग, पुलिस के असला ब्रांच, आर.टी.ओ., पी.एस.पी.सी.एल. के जरिए वैरिफिकेशन करवाई गई थी। माल विभाग बताता था कि राशन कार्ड होल्डर के नाम पर जमीन कितनी है, पुलिस का असला विभाग बताता था कि संबंधित व्यक्ति के पास असला है या नहीं है यदि असला है तो वह अमीर व्यक्ति है और राशन कार्ड के योग्य नहीं है। इसी प्रकार से इनकम टैक्स रिटर्न से भी व्यक्ति के अमीर व गरीब होने का पता चलता था और आरटीओ दफ्तर से यह जानकारी मिलती थी कि आवेदनकर्ता के पास लगजरी गाड़ी है या नहीं है, पीएसपीसीएल के बिल से पता चलता था कि घर में ए.सी व अन्य आधुनिक उपकरण लगे हुए हैं या नहीं हैं।

पोर्टल में बिना कारण कट रहे गरीब लोगों के कार्ड 

प्रशासन के पास कुछ ऐसी शिकायतें भी आ रही हैं जिसमें गरीब लोगों के राशन कार्ड बिना कारण काटे जा रहे हैं। इसमें विभाग की तरफ से ई.के.वाई.सी. न होने के कारण बताए जा रहे हैं लेकिन इन योग्य परिवारों की ई.के.वाई.सी. भी हो चुकी है।

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News Editor

Kalash

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