340 फर्जी NOC, करोड़ों का नुकसान...फिर भी जांच में देरी, बड़े अफसरों पर कार्रवाई क्यों नहीं?

punjabkesari.in Saturday, Sep 05, 2026 - 11:02 AM (IST)

अमृतसर (नीरज) : आमतौर पर किसी बड़े प्रशासनिक अधिकारी की तरफ से किसी प्रकार की गड़बड़ी किए जाने पर उसको तुरंत प्रभाव से बदल दिया जाता है या फिर सस्पैंड करके विभागीय कार्रवाई शुरु कर दी जाती है तो वहीं दूसरी तरफ अमृतसर डिवेल्पमेंट अथॉरिटी पुडा के पूर्व अतिरिक्त मुख्य प्रशासक मेजर अमित सरीन की तरफ से करोड़ों रुपयों की 340 जाली एन.ओ.सीज पकड़े जाने के मामले में जहां विभाग की तरफ से एस.डी.ओ. मनबीर और जे.ई. दविन्द्रपाल सहित कुल 4 अधिकारियों व कर्मचारियों को को सस्पैंड किया गया था तो वहीं इस मामले की जांच को ठंडे बस्ते में डालने की साजिश की जा रही है और जांच को लंबा खींचा जा रहा है।

जानकारी के अनुसार शुरुआती जांच में ही 2 कर्मचारियों इशवर सैनी और अशवनी कुमार को सस्पेंड कर दिया गया था और इस मामले में कुछ और बड़े अधिकारियों पर कार्रवाई होने की संभावना थी लेकिन रहस्यमयी तरीके से जांच को उस रफ्तार से अंजाम नहीं दिया जा रहा जिस रफ्तार से जांच की जानी चाहिए थी। पता चला है कि अब यह जांच एक रिटायर जज कर रहे हैं और उनको भी मामले की जांच करते हुए कई महीनों का समय बीत चुका है जबकि विभाग को करोड़ों रुपयों के नुकसान होने संबंधी खुद तत्कालीन ए.डी.सी. (यू.डी.) व अतिरिक्त मुख्य प्रशासक ने अपनी रिपोर्ट भेजी थी। फिलहाल इस समय इस माहौल पर काफी चर्चा हो रही है कि आखिरकार करोड़ों रुपयों के घपले को ठंडे बस्ते में क्यों डाला जा रहा है और किसकी शह पर यह सब हो रहा है।

क्या था मामला

अमृतसर: पुडा के अतिरिक्त मुख्य प्रशासक की तरफ से जब एक एन.ओ.सी. की जांच की गई तो पता चला कि एन.ओ.सी. की फीस विभाग में जमा ही नहीं करवाई गई है। लोगों को एन.ओ.सी. एक ही नंबर पर दोबारा जारी कर दी जाती थी। पुडा के भ्रष्ट कर्मचारियों की तरफ से कालोनाइजर को एक ही दस्तावेज पर 8 एन.ओ.सीज. जारी कर दी थी रिश्वत लेकर इतनी दिलेरी करते थे कि यह भी नहीं सोचते थे कि इस दिलेरी का अंजाम क्या होने वाला है। जानकारी के अनुसार रिहाइशी प्लाट से लेकर कमर्शियल आदि में 50 हजार रुपये से लेकर 5 लाख रुपये तक की रिश्वत ली जाती थी और इस मामले में इशवर सैनी व अशवनी कुमार असिस्टैंट अकेले थे ऐसा संभव नहीं हो सकता था और विभाग के कुछ बड़े अधिकारी भी इसमें शामिल थे जिनको शोकॉज नोटिस मेजर अमित सरीन की तरफ से जारी किया गया था। मामला पुडा के चंडीगढ़ हैडक्वार्टर के उच्चाधिकारियों तक पहुंचने के बाद इसकी जांच जारी थी और पंजाब सरकार के वैसे भी स्पष्ट आदेश हैं कि जो अधिकारी या कर्मचारी रिश्वत लेते हुए पकड़ा जाए या सरकारी खजाने को चूना लगाते पकड़ा गया तो सीधा नौकरी से बर्खास्त किया जाएगा न कि सस्पैंड किया जाएगा लेकिन मौजूदा हालात कुछ और ही बयां कर रहे हैं।

कौन-कौन सी कॉलोनियों को कितनी एन.ओ.सी. दी गई

पुड्डा के भ्रष्ट कर्मचारियों व अधिकारियों ने मिलीभुगत करके कुल 38 कॉलोनियों को 340 जाली एन.ओ.सीज जारी की गई जिनमें बाबा दीप सिंह इंकलेव (गांव सैदोलहल) को 15, बाबा दीप सिंह इंकलेव (गांव नंगली को) 7, बासरकेई (गांव गुमानपुरा) को 5, प्रीत एवैन्यू गांव नंगली को 16, प्रीत नगर गांव नंगली को 1, दशमेश एवैन्यू नंगली को 3, दशमेश नगर गांव नंगली को 1, नौशहरा गांव नौशहरा को1, ड्रीम गार्डन मानांवाला को 6, संत विहार गांव फताहपुर 11, अबादी पाल्म विहार गांव रकशिकारगाह को 2, आबादी प्रीत एवैन्यू नंगली को 2,आबादी प्रीत एवैन्यू नंगली को 2, गोल्डन पाम सिटी गांव रखशिकारगाह को 3, ग्रीन विलाज मानावाला को 8, सिल्वर सिटी गांव मुरादपुरा को 8, बाबा दीप सिंह एवैन्यू नंगली को 9, कपूर एवैन्यू नंगली को 1, आबादी खुरमानियां को 18, बाबा दीप सिंह एवैन्यू नंगली को 13, गोल्डन सिटी गांव दौल कलां को 10, नौशहरा को 12, आबादी भल्ला कालोनी नंगली को 2, गोल्डन अस्सेट चाटीविंड को 7, प्रीत एवैन्यू नंगली को 1, संधू इंकलेव नौशहरा को 2, आबादी स्माइल इंकलेव नंगली को 1, आबादी खुरमानिया गांव खुरमानिया को 51, बाबा दीप सिंह कालोनी गांवव फतेहपुर राजपूतां को 2, श्री रामजी इंकलेव गांव कलेर को 23, श्री रामजी इंकलेव गांव कलेर को 26, गुरु अर्जुन देव इंकलेव पाखरपुरा को 18, बाबा दीप सिंह एवैन्यू नंगली को 10, बाबा दीप सिंह इंकलेव नंगली को 21, हार्ट होमज गांव टांगरा को 6, बोली अडडा (वडाला भिटेवड) को1, बीबी इंकलेव गाव खैराबाद को 1, गार्डन विला गांव खानकोट को 2, द ऐडरेस मानावाला को 1, बलकलां गांव बलकलां को 1,ठाकुर जी इंकलेव मुरादपुरा को 1, संतविहार गांव फतेहपुरा को 1, बीबी इंकलेव गांव खैराबाद को 1, बीबी इंकलेव गांव कंबोह को 1, गौंसाबाद गांव गौंसाबाद को 1, गुरु नगर एवैन्यू मूधल को 1, पंडौरीवडैच को 1, शंकर इस्टेट गांव गौंसाबाद को 2, और संधू इंकलेव को 1 एनओसी मिलाकर कुल 340 जाली एन.ओ.सीज जारी की गई।

सरकार को लगा करोड़ों का चूना

पुड्डा के पूर्व अतिरिक्त मुख्य प्रशासक मेजर अमित सरीन की रिपोर्ट के अनुसार सरकार को जाली एन.ओ.सी. के कारण करोड़ों रुपयों का चूना लगा। यदि सही तरीके से एन.ओ.सी. जारी की होती तो सरकारी खजाने में करोड़ों रुपया जमा होना था लेकिन भ्रष्ट अधिकारियों व कर्मचारियों ने सरकार के खजाने को ही चोरी कर लिया।

विजिलेंस जांच शुरु करे तो होंगे बड़े खुलासे

जिन लोगों को एन.ओ.सी. जारी की गई थी उनको फीस भरने के बावजूद भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। विभाग की तरफ से एन.ओ.सी. को तस्दीक करने के बजाय यह लिख दिया जाता है कि मामला विचाराधीन है जिससे संबंधित व्यक्ति अपनी जमीन जायदाद आगे नहीं बेच पाता है। विजिलेंस विभाग जिसने पिछले चार वर्षों के दौरान बड़ी संख्या में भ्रष्ट अधिकारियों व कर्मचारियों को पकड़ा है ऐसे विभाग के पास पुडा की जांच सौंपनी चाहिए। ऐसा कहना है वॉयस ऑफ अमृतसर के प्रधान विजय कुमार का मानना है कि जिस रफ्तार से जांच होनी चाहिए वैसी नहीं हो रही है।

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News Editor

Urmila

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