रजिस्ट्री घोटाले में 141 पर कार्रवाई की तैयारी, तहसीलों में मचा हड़कंप
punjabkesari.in Thursday, Aug 20, 2026 - 09:05 AM (IST)
लुधियाना (राज): महानगर की विभिन्न तहसीलों और सब-तहसीलों में हुए कथित बहुचर्चित रजिस्ट्री घोटाले को लेकर प्रशासनिक व कानूनी हलकों में हड़कंप मच गया है। कमर्शियल इमारतों और महंगी शहरी संपत्तियों को दस्तावेजों में कृषि भूमि दिखाकर स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन फीस की भारी चोरी करने के मामले में 141 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी शुरू हो चुकी है। इस कार्रवाई की सुगबुगाहट के बाद से ही तहसीलों में काम करने वाले एजेंटों, वसीका नवीसों और संबंधित अधिकाHरियों में भारी बेचैनी देखी जा रही है।
मामले की जांच में सामने आया है कि शहर के कई प्राइम लोकेशनों पर स्थित कमर्शियल इमारतों, शोरूमों और महंगी जमीनों की रजिस्ट्री कराते समय स्टांप ड्यूटी बचाने के लिए खेल खेला गया था। दस्तावेजों में इन संपत्तियों को जानबूझकर 'कृषि योग्य भूमि' दर्शाया गया, जिससे कम स्टांप ड्यूटी और नगण्य रजिस्ट्रेशन फीस भरकर सरकारी राजस्व को भारी वित्तीय नुकसान पहुंचाया गया। 141 मामलों में अनियमितता सामने आने के बाद सबसे गंभीर सवाल यह उठ रहा है कि क्या यह केवल जमीन खरीदने और बेचने वालों की मिलीभगत थी या इसके पीछे तहसीलों में एक सुव्यवस्थित 'रजिस्ट्री माफिया' काम कर रहा था।
हाईकोर्ट के आदेश पर हो रही जांच, होगी राजस्व की रिकवरी
जानकारी के अनुसार, पूरे मामले की यह व्यापक जांच पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के सख्त निर्देशों के अनुरूप की जा रही है। जांच में यह भी स्पष्ट किया गया है कि जिन-जिन रजिस्ट्रियों में कम स्टांप ड्यूटी जमा होने की पुष्टि होगी, वहां संबंधित पक्षों से स्टांप ड्यूटी की शेष राशि के साथ भारी जुर्माना और ब्याज वसूलने की रिकवरी प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी।
पुराने रिकॉर्ड खंगाले जाने की आशंका से खौफ
प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि अब तहसीलों के पुराने रजिस्ट्री रिकॉर्ड, उस समय लागू कलेक्टर रेट और संपत्ति की भौतिक स्थिति की जांच का दायरा बढ़ाया जा सकता है। यदि जांच की यह सुई आगे बढ़ी, तो कई रसूखदार एजेंट, वसीका नवीस और तत्कालीन सब-रजिस्ट्रार भी शिकंजे में आ सकते हैं।
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