पंजाब के लोगों के लिए चिंता की खबर, ड्रग तस्करी के चौंकाने वाले आंकड़े आए सामने
punjabkesari.in Thursday, Mar 26, 2026 - 02:31 PM (IST)
पंजाब डेस्क: पंजाब के लोगों के लिए बहुत चिंता की खबर सामने आई है। दरअसल, केंद्रीय गृह मंत्रालय की रिपोर्ट के मुताबिक, पंजाब अब देश में ड्रग तस्करी के मामलों में नंबर 1 पर पहुंच गया है। पिछले 3 सालों में राज्य में ड्रग तस्करी के मामलों में डेढ़ गुना बढ़ोतरी हुई है। जहां 2023 में 47,475 kg और 2024 में 46,227 kg ड्रग्स जब्त किए गए थे, वहीं 2025 में यह आंकड़ा बढ़कर 1.16 लाख kg हो गया है, जो अब तक का सबसे ज्यादा आंकड़ा है।
पाकिस्तानी ड्रोन सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती बने
रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि पाकिस्तान से लगी सीमा के जरिए ड्रोन का इस्तेमाल करके ड्रग्स की तस्करी की जा रही है। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के मुताबिक, ड्रोन के जरिए हो रही इस तस्करी ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। पाकिस्तानी तस्कर मुख्य रूप से सीमावर्ती गांवों को निशाना बनाते हैं।
बॉर्डर वाले ज़िले बने स्मगलिंग के हॉटस्पॉट
पंजाब के 553 km लंबे इंटरनेशनल बॉर्डर से लगे ज़िले जैसे अमृतसर, तरनतारन, गुरदासपुर, पठानकोट, फिरोजपुर और फाज़िल्का बड़े स्मगलिंग रूट बन गए हैं। इन बॉर्डर इलाकों से न सिर्फ ड्रग्स, बल्कि AK-47, AK-56 राइफलें, RDX और नकली नोट भी बरामद हो रहे हैं, जो देश की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा हैं।
इंडियन आर्मी का बड़ा कदम
इंडियन आर्मी ने अब अपनी ड्रोन वॉरफेयर कैपेबिलिटीज को तेज़ी से बढ़ाना शुरू कर दिया है। वेस्टर्न कमांड के तहत, हर रेजिमेंट के अंदर ड्रोन वॉरफेयर में स्पेशलाइज़ेशन वाली स्पेशल यूनिट्स बनाई जाएंगी। इन यूनिट्स को खास ट्रेनिंग दी जाएगी ताकि वे खतरनाक और मॉडर्न वॉरफेयर की जरूरतों के हिसाब से पूरी तरह से तैयार हो सकें। आर्मी ने यह भी तय किया है कि ड्रोन बनाने के साथ-साथ, उनमें इस्तेमाल होने वाले एम्युनिशन और हथियार भी आर्मी की अपनी वर्कशॉप में बनाए जाएंगे। वेस्टर्न कमांड एक मजबूत, देसी ड्रोन इकोसिस्टम को बढ़ावा देने के लिए इस पूरे मिशन पर 'मिशन मोड' में काम कर रही है।
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