सफाई कर्मचारियों के मुद्दे पर कांग्रेस की एकजुटता फिर सवालों के घेरे में, हाईकमान के अलग-अलग पहुंचने से छिड़ी चर्चा
punjabkesari.in Sunday, Jul 26, 2026 - 10:26 AM (IST)
बरनाला (विवेक सिंधवानी, रवि): बरनाला में सफाई कर्मचारियों के साथ हुई मारपीट के मामले को लेकर पंजाब कांग्रेस ने सरकार के खिलाफ अपना विरोध तो दर्ज कराया, लेकिन पूरे घटनाक्रम के दौरान कांग्रेस की अंदरूनी एकजुटता को लेकर भी कई सवाल खड़े हो गए। हालांकि पार्टी का पूरा हाईकमान बरनाला पहुंचा, लेकिन सभी बड़े नेता एक ही समय और एक ही मंच पर नजर नहीं आए, जिससे राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया।
सुबह मीडिया को जारी किए गए आधिकारिक संदेश में बताया गया था कि पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा तथा अन्य वरिष्ठ नेता सुबह 10 बजे विधायक कुलदीप सिंह काला ढिल्लों के निवास पर पहुंचेंगे और वहां से सफाई कर्मचारियों के धरने में शामिल होंगे। इस संदेश के बाद उम्मीद जताई जा रही थी कि कांग्रेस का पूरा नेतृत्व एकजुट होकर सफाई कर्मचारियों के समर्थन में खड़ा दिखाई देगा।
सुबह के कार्यक्रम में राजा वड़िंग की गैरमौजूदगी बनी चर्चा का विषय
निर्धारित समय पर पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, प्रताप सिंह बाजवा और अन्य वरिष्ठ नेता सफाई कर्मचारियों के धरने में पहुंचे तथा पीड़ित कर्मचारियों से मुलाकात कर उन्हें न्याय दिलाने का भरोसा दिया। हालांकि पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग इस दौरान मौजूद नहीं थे, जिससे राजनीतिक हलकों में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं।
धरने का कार्यक्रम समाप्त होने और अन्य नेताओं के लौटने के बाद शाम के समय अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग बरनाला पहुंचे। उन्होंने घायल सफाई कर्मचारियों का हालचाल जाना, उनके परिवारों से मुलाकात की और बाद में कैंडल मार्च में भी शामिल हुए।
राजा वड़िंग ने एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की
पीड़ित सफाई कर्मचारियों से मुलाकात के दौरान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने अपनी ओर से एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। इसके साथ ही उन्होंने भविष्य में भी हरसंभव मदद का भरोसा दिया। उनकी इस घोषणा का सफाई कर्मचारियों और उनके परिवारों ने स्वागत किया। स्थानीय लोगों के बीच यह बात भी चर्चा का विषय रही कि कांग्रेस के अन्य वरिष्ठ नेताओं ने भले ही अपना समर्थन व्यक्त किया, लेकिन मौके पर किसी अन्य नेता ने आर्थिक सहायता की घोषणा नहीं की।
समर्थक नेताओं की मौजूदगी ने भी खींचा ध्यान
राजनीतिक जानकारों की नजर एक और पहलू पर भी रही। जब पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, प्रताप सिंह बाजवा और अन्य नेता धरने में मौजूद थे, उस समय राजा वड़िंग के करीबी माने जाने वाले कई स्थानीय नेता वहां दिखाई नहीं दिए। इनमें पूर्व चेयरमैन मक्खन शर्मा, वरिष्ठ महिला नेता बीबी सुरिंदर कौर बालियां, पूर्व जिला अध्यक्ष जगजीत धौला, पूर्व युवा अध्यक्ष गुरकीमत सिद्धू, एससी विंग पंजाब के चेयरमैन गुरप्रीत सिंह लक्की पखो तथा महिंदर पाल पखो सहित अन्य नेता शामिल थे। ये सभी नेता शाम को राजा वड़िंग के साथ सफाई कर्मचारियों के पास पहुंचे और कैंडल मार्च में हिस्सा लिया।
एक मंच की उम्मीद, कार्यक्रम दो चरणों में बंटा
सुबह जारी संदेश के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं और आम लोगों को उम्मीद थी कि पार्टी का पूरा नेतृत्व एक ही मंच से सरकार के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करेगा। लेकिन दिन का कार्यक्रम दो अलग-अलग चरणों में होने से कई सवाल खड़े हो गए। हालांकि किसी भी नेता ने इस संबंध में कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसे लेकर चर्चाएं लगातार जारी रहीं।
सफाई कर्मचारियों का मुद्दा बना बड़ा राजनीतिक विषय
सफाई कर्मचारियों के साथ हुई मारपीट का मामला अब प्रदेश स्तर का राजनीतिक मुद्दा बन चुका है। विभिन्न राजनीतिक दल सरकार को घेरने का प्रयास कर रहे हैं, जबकि सफाई कर्मचारी न्याय की मांग पर अड़े हुए हैं। पूरे घटनाक्रम के दौरान कांग्रेस ने पीड़ित कर्मचारियों के समर्थन में अपनी आवाज बुलंद की, लेकिन हाईकमान के अलग-अलग समय पर पहुंचने और स्थानीय नेताओं की बंटी हुई मौजूदगी ने पार्टी के अंदरूनी तालमेल को लेकर नई बहस छेड़ दी है। अब देखना होगा कि आने वाले दिनों में कांग्रेस इस मुद्दे को किस तरह आगे बढ़ाती है और सफाई कर्मचारियों की मांगों को लेकर क्या रणनीति अपनाती है।
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