पंजाब के 7 अफसरों पर सख्त Action! हुई बड़ी कार्रवाई

punjabkesari.in Monday, Jun 29, 2026 - 12:34 PM (IST)

जालंधर (धवन): पंजाब सरकार ने टैक्नीकल ग्रेड यूरिया के स्थान पर सबसिडी वाले एग्रीकल्चर ग्रेड (नीम-कोटेड) यूरिया की आपूर्ति के मामले में 7 अधिकारियों को चार्जशीट जारी की है, जबकि एक अन्य अधिकारी का तबादला किया गया है। पंजाब सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि मामले में शिकायत मिलने के बाद सहकारिता विभाग के प्रशासनिक सचिव ने मार्कफैड तथा मिल्कफैड के प्रबंध निदेशकों को तत्काल तथ्य-खोज जांच करवाने, लापरवाही के लिए जिम्मेदारी तय करने तथा बिना किसी देरी के कार्रवाई रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे। 

साथ ही टैक्नीकल ग्रेड यूरिया की खरीद के लिए जिम्मेदार महाप्रबंधकों एवं संबंधित अधिकारियों/कर्मचारियों के विरुद्ध 25 जून को ‘मेजर पैनल्टी’ (कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई) शुरू करने के निर्देश भी जारी किए गए थे। इन निर्देशों पर तुरंत कार्रवाई करते हुए मिल्कफैड ने खन्ना कैटल फीड प्लांट के महाप्रबंधक, प्रबंधक (ए.एच.) एवं गुणवत्ता प्रभारी, उप प्रबंधक (खरीद एवं भंडारण)/प्रभारी (एफ. एंड ए.) तथा वरिष्ठ सहायक/खरीद प्रभारी के विरुद्ध ‘मेजर पैनल्टी’ चार्जशीट जारी कर दी है। इसी प्रकार मार्कफैड ने भी प्रथम दृष्टया जिम्मेदार पाए गए अधिकारियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी है तथा मुख्य प्रबंधक को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

वहीं लागू सेवा नियमों के तहत महाप्रबंधक, वरिष्ठ लेखा अधिकारी (जो उप मुख्य लेखा अधिकारी का कार्य देख रहे थे) तथा वरिष्ठ सहायक (जो वाणिज्यिक प्रबंधक का कार्य देख रहे थे) के विरुद्ध ‘मेजर पैनल्टी’ चार्जशीट जारी की गई है। संबंधित वरिष्ठ सहायक (जो वाणिज्यिक प्रबंधक के रूप में तैनात थे) का प्रशासनिक हित में तबादला भी कर दिया गया है। इसके साथ ही जी.एस.टी. से संबंधित अनियमितताओं एवं संभावित वित्तीय उल्लंघनों को ध्यान में रखते हुए कर विभाग को आवश्यक जांच के निर्देश दिए गए थे।

कर विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए मैसर्स इंडो ऑर्गेनिक, गिद्दड़बाहा (पंजाब) के व्यावसायिक परिसर की जांच की तथा फर्म को विस्तृत जांच के लिए अपने लेखा अभिलेख एवं संबंधित रिकॉर्ड प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। पंजाब कर विभाग ने टैक्नीकल ग्रेड यूरिया के रूप में घोषित माल की आपूर्ति के संबंध में मैसर्स मनीषा ट्रेडिंग कंपनी, नई दिल्ली तथा मैसर्स एएम केमिकल, सोनीपत (हरियाणा) की व्यावसायिक गतिविधियों में भी संदिग्ध अनियमितताओं का पता लगाया है। 

जांच से प्रतीत होता है कि आपूर्ति की गई सामग्री जी.एस.टी. दस्तावेजों में घोषित उत्पाद के बजाय कथित रूप से नीम-कोटेड यूरिया थी, जिससे गलत घोषणा, इनपुट टैक्स क्रैडिट (आई.टी.सी.) का अनुचित लाभ लेने अथवा आगे पास करने तथा सरकार द्वारा सबसिडी वाले उर्वरक के संभावित दुरुपयोग (डायवर्जन) की आशंका उत्पन्न होती है। यह मामला कानून के तहत विस्तृत जांच एवं आवश्यक कार्रवाई के लिए क्रमश: प्रधान आयुक्त, सी.जी.एस.टी., नई दिल्ली तथा पंचकूला को भेज दिया गया है। संबंधित अधिकारियों से प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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News Editor

Kamini

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