‘पंजाब का पानी सियासी सौदेबाजी के लिए नहीं है...!’ सुखपाल खैहरा ने SYL पर CM मान को दी चेतावनी
punjabkesari.in Tuesday, Jan 27, 2026 - 05:23 PM (IST)
पंजाब डेस्क : सीनियर कांग्रेस नेता और भुलत्थ MLA सुखपाल सिंह खैहरा ने आज पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को चेतावनी दी है। खैहरा ने कहा कि वे माननीय सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में चल रही बातचीत के दौरान विवादित सतलुज यमुना लिंक (SYL) नहर बनाने या हरियाणा के साथ पंजाब की नदी के पानी के बंटवारे पर कोई भी वादा न करें।
खैहरा ने आगे कहा कि पंजाब की नदी का पानी एक बहुत ही सेंसिटिव और इमोशनल मुद्दा है जो सीधे राज्य की खेती की इकॉनमी, फेडरल अधिकारों और आने वाली पीढ़ियों से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि पंजाब पहले से ही पानी के गंभीर संकट का सामना कर रहा है, ग्राउंडवाटर लेवल खतरनाक दर से गिर रहा है और कई जिले रेगिस्तान बनने की ओर बढ़ रहे हैं। सुखपाल सिंह खैहरा ने साफ कहा कि पंजाब के पास एक बूंद भी अधिक पानी नहीं है। दबाव या पॉलिटिकल वजहों से पंजाब का हक का हिस्सा देने का कोई भी कदम राज्य के किसानों और लोगों के साथ ऐतिहासिक धोखा होगा। खैहरा ने मुख्यमंत्री को याद दिलाया कि पंजाब की पिछली सरकारों ने लगातार कहा है कि राज्य की नदियों का पानी मुख्य रूप से उनकी अपनी जरूरतों के लिए है, क्योंकि पानी का लेवल घट रहा है, आबादी बढ़ रही है, खेती हो रही है और घरेलू मांग बढ़ रही है।
उन्होंने मुख्यमंत्री से अपील की कि वे साइंटिफिक डेटा, नदी किनारे के सिद्धांतों और राज्य में पानी की कमी की जमीनी हकीकत के आधार पर सुप्रीम कोर्ट के सामने पंजाब का स्टैंड मजबूती से रखें। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि किसी भी राजनीतिक समझ या पिछले दरवाजे से किए गए वादे को पंजाब की लंबे समय से चली आ रही स्थिति को कमज़ोर करने की इजाजत नहीं दी जानी चाहिए। खैहरा ने आम आदमी पार्टी लीडरशिप और BJP की केंद्र सरकार के बीच “बढ़ती नजदीकियों” पर भी गंभीर आशंका जताई और कहा कि पंजाब के लोगों को यह जानने का हक है कि SYL नहर जैसे जरूरी मुद्दों पर पर्दे के पीछे कुछ चल रहा है या नहीं। उन्होंने कहा कि इतने जरूरी मामले पर मान सरकार की चुप्पी और साफ़ न होना नागरिकों और किसानों दोनों में शक पैदा कर रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को साफ-साफ सामने आकर पंजाबियों को भरोसा दिलाना चाहिए कि केंद्र के साथ कोई सीक्रेट डील या पॉलिटिकल समझौता नहीं है जिससे पंजाब के पानी के हक को नुकसान हो सकता है।
मान सरकार को पूरी जिम्मेदारी और ट्रांसपेरेंसी के साथ काम करना चाहिए। पंजाब का पानी पॉलिटिकल फायदे के लिए मोलभाव का जरिया नहीं है। मुख्यमंत्री को पंजाब के लोगों को भरोसा दिलाना चाहिए कि उनके हितों की हर कीमत पर रक्षा की जाएगी। खैरा ने इस मुद्दे पर एक साथ स्टैंड लेने के लिए ऑल-पार्टी मीटिंग की भी मांग की, और कहा कि पंजाब के नेचुरल रिसोर्स से जुड़े मामलों को पार्टी पॉलिटिक्स से ऊपर उठना चाहिए।
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