शहीद ASI के परिवार से मिले सुनील जाखड़, बिगड़ती कानून व्यवस्था पर उठाए सवाल
punjabkesari.in Wednesday, Feb 25, 2026 - 06:36 PM (IST)
गुरदासपुर (हरजिंदर सिंह गोराया) : पंजाब के प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ आज शहीद एएसआई गुरनाम सिंह के परिवार से मिलने उनके घर पहुंचे और दुख सांझा किया। बता दें कि बीते दिन पहले पुलिस ने इस मामले में दो युवकों को गिरफ्तार किया था, जिसमें से एक का एनकाउंटर भी कर दिया गया है।
सुनील जाखड़ ने इस अवसर पर पंजाब में बिगड़ती कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए और कहा कि पंजाब सरकार पूरी तरह विफल हो चुकी है और राज्य की कानून व्यवस्था गंभीर रूप से खराब हो गई है। वहीं बटाला में मार्केट कमेटी के चेयरमैन की एक वीडियो पर भी जाखड़ ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी युवाओं को क्या संदेश देना चाहती है और इस संदर्भ में उन्होंने पंजाब सरकार की नीतियों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पहले पंजाब सरकार ने करोड़ों रुपए के एंटी-ड्रोन खरीदे थे, लेकिन आने वाले समय में सिर्फ भाजपा ही पंजाब में सुधार ला सकती है।
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने कहा कि जिस तरह कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भी अब राज्य में बिगड़ती कानून-व्यवस्था को सुधारने के लिए केंद्र सरकार को पत्र लिख रहे हैं, उससे यह स्पष्ट हो गया है कि पंजाब के आम लोगों और अन्य सभी वर्गों की तरह अब विपक्षी कांग्रेस भी मान चुकी है कि राज्य की गंभीर स्थिति को केवल प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री श्री अमित शाह के सशक्त नेतृत्व में भाजपा ही सुधार सकती है। वे आज यहां मीडिया से बातचीत कर रहे थे।
भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि पंजाब को ऐसे मजबूत नेतृत्व की आवश्यकता है जो फैसले लेने और उन्हें लागू करने का साहस रखता हो। तभी कानून-व्यवस्था पर काबू पाया जा सकता है, लोगों को सुरक्षित माहौल मिल सकता है और राज्य को विकास के पथ पर आगे बढ़ाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि यह काम केवल भाजपा ही कर सकती है और अब यह पंजाब की जनता के हाथ में है कि वे रोज़ाना जान गंवाने के डर में जीना चाहते हैं या सामाजिक सद्भाव पर आधारित शांतिपूर्ण पंजाब चुनना चाहते हैं।
सुनील जाखड़ ने कहा कि गैर-जिम्मेदार और अपरिपक्व आम आदमी पार्टी सरकार के कारण राज्य में नार्को-आतंकवाद अब गैंगस्टर नार्को-आतंकवाद में बदल चुका है। गैंगस्टर युवकों को कथित चमक-दमक और ग्लैमरस जीवन के सपने दिखाकर अपने साथ जोड़ लेते हैं; ये युवक आगे चलकर आतंकी संगठनों के लिए आसानी से इस्तेमाल होने वाला ‘तोप का चारा’ बन जाते हैं और राज्य में आतंक फैलाते हैं।
इस स्थिति के लिए मुख्यमंत्री भगवंत मान की अक्षमता को जिम्मेदार ठहराते हुए जाखड़ ने कहा कि राज्य का इंटेलिजेंस नेटवर्क पूरी तरह विफल हो गया है और पुलिस अब घटनाओं के बाद तथाकथित मुठभेड़ करके केवल दिखावटी कार्रवाई और जन आक्रोश को शांत करने तक सीमित रह गई है।
उन्होंने कहा कि हाल के समय में ही पंजाब में हैंड-ग्रेनेड हमलों की लगभग 20 घटनाएं हो चुकी हैं। यह बढ़ते गैंगस्टरों, नशे और आतंकवाद के गठजोड़ का परिणाम है, लेकिन राज्य सरकार इससे निपटने में पूरी तरह नाकाम साबित हुई है। पहले पंजाब AK-47 के आतंक से जूझता रहा और अब हैंड-ग्रेनेड राज्य के लिए नया सामान्य बन गए हैं। इस भय और दहशत का सबसे अधिक असर आम पंजाबी पर पड़ रहा है, जो हर समय जान-माल की सुरक्षा को लेकर चिंतित रहता है। वहीं, जनता की सुरक्षा में तैनात करने के बजाय पुलिस को आप नेताओं के प्री-वेडिंग वीडियोग्राफी शूट में लगाया जा रहा है।
एक अन्य प्रश्न के उत्तर में जाखड़ ने कहा कि मोगा की रैली में मुख्य सचिव और डीजीपी का भाषण देना और बाद में उसे सरकारी कार्यक्रम बताना पूरी तरह हास्यास्पद है। उन्होंने उस दिन मुख्यमंत्री के ट्वीट को मीडिया को दिखाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने स्वयं उस रैली को आम आदमी पार्टी की रैली बताया था। फिर राज्य के शीर्ष सिविल और पुलिस अधिकारी किस हैसियत से उस रैली में बोले?
भाजपा अध्यक्ष ने आगे कहा कि इस समय विपक्षी कांग्रेस पूरी तरह मुख्यमंत्री भगवंत मान के सामने आत्मसमर्पण कर चुकी है और उसका कोई भी नेता आवाज उठाने का साहस नहीं दिखा रहा। ऐसे में उन्होंने कहा कि पंजाब के लोगों को ही अपने राज्य को बचाने के लिए आगे आने का संकल्प लेना होगा। उन्होंने जोड़ा कि भाजपा राज्य को इस दलदल से निकाल सकती है, लेकिन इसके लिए जनता को चुनावों में पार्टी को चुनना होगा—तभी पंजाब गैर-जिम्मेदार और अनुभवहीन आप सरकार के कुशासन से मुक्ति पा सकेगा।

