सुनील जाखड़ ने राज्य सरकार पर निशाना साधा, जानें क्या कहा

punjabkesari.in Wednesday, Jul 22, 2026 - 03:23 PM (IST)

चंडीगढ़ (अंकुर तांगड़ी): पंजाब BJP के पूर्व अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने पंजाब में मौजूदा आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पर तीखा हमला करते हुए आरोप लगाया है कि राज्य में लोकतंत्र, प्रशासनिक व्यवस्था और कानून का राज गंभीर संकट में है। जाखड़ ने कहा कि हाल के उपचुनाव सिर्फ एक चुनाव क्षेत्र या एक पार्टी का मामला नहीं है, बल्कि उनके दौरान जो घटनाएं सामने आई हैं, उन्होंने पूरे पंजाब के भविष्य पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। 

जाखड़ ने कहा कि चुनावों में जीतना और हारना लोकतंत्र का हिस्सा है और लोगों का फैसला आखिरी होता है। उन्होंने कहा कि वह यह प्रेस कॉन्फ्रेंस किसी को बधाई देने या किसी से बधाई लेने के लिए नहीं कर रहे हैं, बल्कि उनका मकसद पंजाब से जुड़े बुनियादी मुद्दों पर ध्यान खींचना है। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान जो कुछ भी हुआ, उसका असर लंबे समय तक रहेगा। BJP नेता ने आरोप लगाया कि पंजाब में राजनीति का अपराधीकरण और प्रशासन का हाशिए पर जाना सबसे बड़ी चिंताएं हैं। उन्होंने कहा कि सरकार गैंगस्टरों को लाकर गुंडागर्दी के जरिए राजनीति कर रही है। जाखड़ ने कहा कि अपनी लंबी पब्लिक लाइफ में उन्होंने पंजाब में ऐसा माहौल कभी नहीं देखा।

सुनील जाखड़ ने कहा कि पंजाब एक बॉर्डर वाला राज्य है और ऐसे में क्रिमिनल लोगों को पॉलिटिकल प्रोटेक्शन मिलना न सिर्फ डेमोक्रेसी के लिए बल्कि देश की सिक्योरिटी के लिए भी खतरनाक है। उन्होंने आरोप लगाया कि गंभीर क्राइम से जुड़े लोगों को पॉलिटिक्स में एंट्री देकर डेमोक्रेसी की आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है। 6 महीने पहले सरकार ने बड़े लेवल पर 'ऑपरेशन पराहार' शुरू किया था और दावा किया गया था कि हजारों पुलिसवाले गैंगस्टर्स के खिलाफ एक्शन ले रहे हैं, लेकिन उन्होंने आरोप लगाया कि आज उन्हीं क्रिमिनल लोगों को पॉलिटिकल सपोर्ट मिल रहा है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों के खिलाफ एक्शन लिया जाना चाहिए था, उन्हें इलेक्शन में इस्तेमाल किया गया और पॉलिटिकल पोजीशन दी गईं। जाखड़ ने आरोप लगाया कि चीफ मिनिस्टर भगवंत मान और अरविंद केजरीवाल की लीडरशिप वाली सरकार ने पूरे एडमिनिस्ट्रेशन को प्रेशर में रखा है। अफसरों की फ्रीडम और जमीर खत्म कर दिया गया है और वे डर के माहौल में काम करने को मजबूर हैं। उन्होंने दावा किया कि कई अफसर उनसे पर्सनली मिलने पर भी डरते हैं और खुलकर बोलने में हिचकिचाते हैं, क्योंकि उन्हें सरकार के गुस्से का डर है।

बीजेपी नेता सुनील जाखड़ ने  कहा कि एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर कानून की रक्षा के लिए होते हैं, लेकिन आज उनकी हालत लाचार हो गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने कानून को ताक पर रखकर मनमाने तरीके से एडमिनिस्ट्रेशन चलाने का तरीका अपना लिया है। इससे न सिर्फ ऑफिसर्स का हौसला टूटा है, बल्कि लोगों का भरोसा भी कमजोर हो रहा है। जाखड़ ने विपक्ष पर भी निशाना साधा और कहा कि विपक्षी पार्टियां अपनी जिम्मेदारी निभाने में फेल रही हैं। उन्होंने कहा कि अगर विपक्ष ने अपनी भूमिका मजबूती से निभाई होती तो सरकार को इस तरह काम करने का मौका नहीं मिलता। उन्होंने कहा कि अब सिर्फ विपक्ष को ही नहीं बल्कि पूरे समाज और पंजाब के लोगों को जागरूक होने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि डेमोक्रेसी सिर्फ चुनाव कराने तक ही सीमित नहीं है, बल्कि फेयर एडमिनिस्ट्रेशन, इंडिपेंडेंट इंस्टीट्यूशन और कानून के राज पर भी निर्भर करती है। अगर एडमिनिस्ट्रेशन और लीगल सिस्टम को दबाव में रखा गया तो पूरे राज्य को इसका नुकसान उठाना पड़ेगा।

सुनील जाखड़ ने कहा कि पंजाब पहले ही कई मुश्किल दौर से गुजर चुका है और राज्य को फिर से उसी रास्ते पर धकेलना ठीक नहीं होगा। उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात को देखते हुए पंजाब के लोगों को अलर्ट रहना होगा और डेमोक्रेटिक संस्थाओं की रक्षा के लिए अपनी आवाज़ उठानी होगी। प्रेस कॉन्फ्रेंस के आखिर में जाखड़ ने कहा कि वह ये मुद्दे किसी पर्सनल या पार्टी के फायदे के लिए नहीं उठा रहे हैं, बल्कि पंजाब के भविष्य को ध्यान में रखते हुए लोगों को चेतावनी दे रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अगर क्रिमिनलाइजेशन और एडमिनिस्ट्रेशन पर दबाव की मौजूदा स्थिति जारी रही, तो यह राज्य के लिए एक गंभीर चुनौती साबित हो सकती है।

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News Editor

Kamini

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