अवैध माइनिंग को लेकर पंजाब में सियासी घमासान, तरुण चुघ ने AAP सरकार पर साधा निशाना
punjabkesari.in Tuesday, Mar 03, 2026 - 04:13 PM (IST)
पंजाब डेस्क : पंजाब में कथित अवैध माइनिंग को लेकर सियासी माहौल गरमा गया है। विपक्षी दलों ने आम आदमी पार्टी की राज्य सरकार पर माइनिंग माफिया को संरक्षण देने का आरोप लगाया है। इसी के चलते बीजेपी राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने ट्वीट कर पंजाब सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि, ''आम आदमी पार्टी के कट्टर ईमानदार मॉडल का कच्चा चिट्ठा खुल गया है। क्या भगवंत मान सरकार खुद अवैध माइनिंग करवा रही है।
AAP के 'कट्टर ईमानदार' मॉडल का कच्चा चिट्ठा! क्या भगवंत मान सरकार खुद चला रही है माइनिंग माफिया?
— Tarun Chugh (@tarunchughbjp) March 3, 2026
आम आदमी पार्टी का पंजाब में एक ही काम रह गया है पंजाब के खजाने और कुदरती साधनों की सरेआम लूट!
पहले इनके अपने सांसद मलविंदर कंग ने माना कि पंजाब में अवैध माइनिंग चल रही है। और अब, जल… pic.twitter.com/aVYyu8vyeV
तरुण चुघ ने निशाना साधते हुए कहा कि, आम आदमी पार्टी द्वारा पंजाब के खजाने और कुदरती साधनों को सरेआम लूटने का काम ही रह गया है। इनके अपने सांसद मालविंदर कंग ने ही माना कि पंजाब में अवैध माइनिंग चल रही है और मामला तब तूल पकड़ गया जब जल संसाधन विभाग के एक एसडीओ (इंजीनियर नवप्रीत सिंह) द्वारा मुख्यमंत्री को लिखे गए कथित पत्र का हवाला देते हुए कई गंभीर आरोप सार्वजनिक किए गए। पत्र में रूपनगर और श्री आनंदपुर साहिब क्षेत्र में अवैध माइनिंग और विभागीय अनियमितताओं का जिक्र होने का दावा किया गया है।
आरोपों के अनुसार, कुछ वरिष्ठ अधिकारियों पर क्रेशर मालिकों से मासिक अवैध वसूली करने, अंतरराज्यीय चेक पोस्टों पर नियमों की अनदेखी करने और क्यू-फॉर्म के दुरुपयोग जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। साथ ही यह भी कहा गया है कि अवैध माइनिंग से जुड़े मामलों में की गई शिकायतों को दबाने और कार्रवाई में ढिलाई बरतने की बात सामने आई है। जारी किए गए पत्र में कहा गया है कि चेक पोस्टों पर सरेआम लूट: अंतर्राज्यीय (Interstate) चेक पोस्टों पर अपने चहेते कर्मचारियों को बिठाकर, माफिया के ट्रकों को बिना पर्ची के 'चोर रास्तों' से निकाला जा रहा है।
- Q-Form का महाघोटाला: एक ही Q-Form पर माफिया के कई-कई ट्रक निकाले जा रहे हैं। जब SDO ने इसकी शिकायत (ई-फाइल नं. 1045536) की, XEN ने उस फाइल को ही दबा दिया!
- पकड़े गए ट्रक को छोड़ना: दिखावे के लिए SE ने अवैध माइनिंग का एक ट्रक (PB 11 DM 9013) पकड़ा, और फिर बिना कोई कार्रवाई किए उसे छोड़कर मामले को रफा-दफा कर दिया।
- "जिहदा खेत ओहदी रेत" योजना में करोड़ों का चूना: इस सरकारी योजना की आड़ में क्रेशर मालिकों से पैसे लेकर उन्हें अवैध माइनिंग की खुली छूट दी गई और जबरन फर्जी रिटर्न पास करवाई गई।
- झूठी रिपोर्टिंग का दबाव: सतलुज दरिया (संगतपुर पुल) के पास जब SDO और JE ने सैदपुर के एक क्रेशर की अवैध माइनिंग पकड़ी, तो बड़े अफसरों ने दबाव डालकर JE से झूठी रिपोर्ट बनवा दी कि "वहाँ कोई माइनिंग नहीं हुई।"
- बाढ़ के नाम पर भी भ्रष्टाचार: पिछले साल बाढ़ के दौरान बिना टेंडर के फर्जी काम दिखाए गए। जो काम हुआ ही नहीं, उसे "बाढ़ में बह गया" बताकर सरकारी खजाने से पैसे निकालने की कोशिश की गई!
- ईमानदार अफसर को धमकियां: जब SDO ने इन फर्जी चेकों पर साइन करने से मना किया और प्रमुख सचिव (जल संसाधन) से शिकायत की, तो कार्रवाई करने के बजाय प्रमुख सचिव के तकनीकी सलाहकार (XEN जोबनप्रीत सिंह) ने व्हाट्सएप कॉल करके अफसर को धमकाया कि "ये लोग बहुत प्रभावशाली हैं, तुम्हारा नुकसान कर देंगे!" और बाद में प्रमुख सचिव ने भी अफसर को ही सस्पेंड करने की धमकी दे दी!
भगवंत मान जी जवाब दें! क्या आपके "बदलाव" का यही मतलब था? क्या इसीलिए पंजाब की जनता ने आपको वोट दिया था कि आप माइनिंग माफिया को खुली छूट दे दें और ईमानदार अफसरों को धमकियां दिलवाएं? पंजाब देख रहा है कि "कट्टर ईमानदारी" का चोला ओढ़े यह सरकार असल में "कट्टर बेईमान" है।
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