कांग्रेस नेता के 16 साल के बेटे पर दर्ज हुआ पर्चा! सोशल मीडिया पर Live होकर उठाए सवाल
punjabkesari.in Saturday, Jan 24, 2026 - 11:53 AM (IST)
बरनाला(विवेक सिंधवानी, रवि): बरनाला की राजनीति उस समय गरमा गई जब कांग्रेसी नेता और नगर परिषद बरनाला के पूर्व उपाध्यक्ष महेश कुमार लोटा के 16 वर्षीय नाबालिग बेटे के विरुद्ध पुलिस द्वारा 'चाइना डोर' (प्रतिबंधित डोर) के संबंध में प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई। नगर निगम चुनावों के मुहाने पर इस मामले के सामने आने से शहर में राजनीतिक तूफान जैसा माहौल बन गया है। इस घटना ने न केवल लोटा परिवार को झकझोर कर रख दिया है, बल्कि शहर की राजनीति में भी भारी कड़वाहट पैदा कर दी है।
महेश लोटा ने लाइव आकर कहा— "यह राजनीतिक बदले की कार्रवाई"
महेश लोटा ने सोशल मीडिया पर लाइव आकर आरोप लगाया कि यह पूरी कार्रवाई एक सोची-समझी राजनीतिक साजिश है। उन्होंने कहा कि जब से उन्होंने नगर निगम चुनावों में एक सत्ताधारी नेता के खिलाफ चुनाव लड़ने का इरादा जताया है, उसी दिन से उनके परिवार को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि नाबालिग बेटे के खिलाफ दर्ज यह झूठा मुकदमा राजनीति का सबसे निचला स्तर है। लोटा ने दावा किया, "मेरे 16 वर्षीय बेटे के पास कोई चाइना डोर नहीं थी। यह एक रची हुई साजिश है। नाबालिग बच्चे पर झूठा मामला दर्ज करना राजनीति की सबसे घटिया सोच है।" उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस ने उनकी एक नहीं सुनी और नाजायज तरीके से पर्चा दर्ज कर दिया।
विधायक काला ढिल्लों ने पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल
बरनाला के विधायक कुलदीप सिंह काला ढिल्लों खुलकर महेश लोटा के समर्थन में आए हैं। उन्होंने कहा कि नाबालिग के खिलाफ दर्ज किया गया मुकदमा "झूठ का पुलिंदा" है। उन्होंने एसएसपी से मांग की कि वे इस मामले में व्यक्तिगत रूप से हस्तक्षेप करें और इस कार्रवाई को रद्द करें। उन्होंने चेतावनी दी कि बदले की राजनीति लंबे समय तक नहीं चलती और जिम्मेदार अधिकारियों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा।
इशविंदर जंडू और बाठ भी मैदान में – जंडू ने नाम जोड़ने को बताया 'साजिश'
इस मामले में आम आदमी पार्टी के नेता इशविंदर सिंह जंडू का नाम भी घसीटा गया, लेकिन जंडू ने अपना स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि घटना के समय वे बरनाला में मौजूद ही नहीं थे। उन्होंने कहा, "मुझे बदनाम करने के लिए मेरा नाम जानबूझकर इस मामले से जोड़ा जा रहा है। यह गंदी राजनीति है।" इसी बीच, आम आदमी पार्टी के पूर्व जिला अध्यक्ष और योजना बोर्ड के पूर्व चेयरमैन गुरदीप बाठ ने भी पुलिस की इस कार्रवाई को घोर गलत बताया। उन्होंने कहा कि राजनीतिक विरोधियों के बच्चों का भविष्य खतरे में डालना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है।
नगर निगम चुनावों के राजनीतिक समीकरणों पर बड़ा असर
बरनाला में नगर निगम चुनाव बहुत करीब हैं और ऐसे समय में इस मामले ने राजनीतिक समीकरणों को हिला कर रख दिया है। कांग्रेस इस मुद्दे को बड़ा हथियार बनाकर सत्ताधारी दल पर सीधे हमले कर रही है, जबकि पुलिस अपनी कार्रवाई को कानूनी दायरे में बता रही है। इलाके के लोगों के बीच भी यह चर्चा का केंद्र बना हुआ है कि क्या यह वास्तव में कानूनी कार्रवाई है या राजनीतिक प्रतिशोध का नतीजा। सच्चाई क्या है, यह जांच के बाद ही साफ होगा, लेकिन इस FIR ने बरनाला की राजनीति में तपिश जरूर पैदा कर दी है।

