हंगामे भरी रही नगर निगम की बैठक, विपक्ष ने घोटालों की जांच न होने पर High Court जाने की दी चेतावनी
punjabkesari.in Thursday, Sep 24, 2026 - 06:08 PM (IST)
फगवाड़ा(जलोटा): फगवाड़ा नगर निगम परिसर के मीटिंग हॉल में निगम कमिश्नर रणदीप सिंह हीर और मेयर रामपाल उप्पल की अध्यक्षता में आयोजित नगर निगम हाउस की जनरल हाउस की बैठक के एक बार फिर खासी हंगामेदार रहने की सूचना मिली हैं। दिलचस्प पहलू यह रहा हैं कि अब की बार हुई मीटिंग में सत्तापक्ष से आप की ही एक महिला पार्षद द्वारा निगम की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए गए हैं?
लगभग 6 महीने बाद आयोजित इस बैठक में जहां सत्ता पक्ष के साथ विभिन्न राजनीतिक दलों के पार्षदों ने भाग लिया। वहीं विपक्ष के साथ सत्ताधारी आम आदमी पार्टी की एक पार्षद ने विकास कार्यों की अनदेखी और वार्डों में जनसमस्याओं को लेकर तीखे सवाल उठाए और वह मीटिंग बीच में ही छोड़कर चली गई बताई जाती है?
बैठक की शुरुआत में ही उस समय विवाद हो गया जब मीडिया प्रतिनिधियों को बैठक कक्ष से बाहर जाने के लिए कह दिया गया। इस मुद्दे पर विपक्षी पार्षदों ने इसे लोकतंत्र पर हमला बताते हुए मेयर और प्रशासन के रवैये की कड़ी निंदा की और कहा कि बैठक के अंदर होने वाली धांधलियों को छिपाने के लिए यह कदम उठाया गया है।
हालांकि मेयर रामपाल उप्पल ने कहा हैं कि निगम हाउस की मीटिंग पूरी तरह है कायदे और सरकारी नियमों अनुसार हुई हैं। मेयर उप्पल ने कहा कि निगम की मीटिंग में आकर मीडिया के समक्ष विकास न होने के दावे करना कुछ विपक्षी दलों के पार्षदों की पुरानी आदत हैं। इसमें नया क्या है?
जबकि सच्चाई यह हैं कि बतौर मेयर उनके द्वारा शहर के सभी 50 वार्डों में बिना किसी भेदभाव के विकास कार्य करवाएं जा रहे हैं। मेयर उप्पल ने कहा कि सरकारी तौर पर निगम के पास जो क्षमता हैं उसी अनुसार बिना किसी पक्षपात के सभी वार्डों में विकास कार्यों को पूरा करवाया जा रहा है।
कुछ कार्य जारी है जबकि कुछ जल्द शुरू होने वाले हैं। ऐसे में सभी विकास कार्य तयशुदा नियमों के अनुसार सरकारी तौर पर निर्धारित समय सीमा के अनुसार पूरे होगें। इसी मध्य विपक्षी पार्षदों ने आरोप लगाया कि निगम प्रशासन शहर में मनमाने ढंग से प्रस्ताव पास कर रहा है। विपक्षी पार्षदों में संजीव बुग्गा, सीता देवी, जतिंदर वरमानी, तरनजीत वालिया, परमजीत कौर वालिया आदि शामिल हैं।
एक पार्षद ने कहा कि वह सारे मामले को सी.बी.आई. जांच के लिए माननीय उच्च न्यायलय में न्याय की गुहार लगा लेकर जा रहे हैं? विपक्षी पार्षदों ने 2 करोड़ रुपए के स्ट्रीट लाइट टेंडर में बड़े पैमाने पर घोटाले की आशंका जताई और कहा कि पहले से लगे पोलों पर नई लाइटें लगाने के बावजूद भारी बजट का प्रावधान किया गया है।
होशियारपुर रोड पर एक निजी स्कूल के पास नाले को ढकने के 2 करोड़ के प्रस्ताव का भी कड़ा विरोध किया गया क्योंकि इससे शहर के निचले इलाकों में जलभराव की समस्या और अधिक विकराल होने का अंदेशा है।
कांग्रेस पार्षद परमजीत कौर वालिया ने बताया कि उनके वार्ड में पेयजल आपूर्ति ठप्प हैं और वर्ष 2025 में शिकायत दर्ज कराने के बावजूद अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई। वहीं ‘आप’ पार्टी की ही एक महिला पार्षद ने भी वार्ड में स्ट्रीट लाइट न लगाए जाने पर असंतोष व्यक्त करते हुए बताया कि उन्हें अपने निजी खर्च पर लाइटें लगवानी पड़ीं।
बैठक में 134 कच्चे सफाई कर्मचारियों को तुरंत पक्का करने और उनसे अनावश्यक बैंक स्टेटमेंट मांगकर परेशान न करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई।
विपक्षी पार्षदों ने चेतावनी दी है कि यदि इन धांधलियों की निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो वे पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में रिट याचिका दायर करेंगे और वार्ड स्तर पर धरने-प्रदर्शन करेंगे।
कुल मिलाकर निगम हाउस में जनरल हाउस की बैठक पूर्व की भांति विपक्षी पार्षदों और मेयर के मध्य आरोप प्रत्यारोपों के चले हंगामे पूर्ण दौर के बीच सम्पन्न हो गई है।
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