पंजाब मंत्रिमंडल में विस्तार कार्पोरेशन व गुजरात चुनाव के उपरांत : कैप्टन

Thursday, December 07, 2017 4:55 PM
पंजाब मंत्रिमंडल में विस्तार कार्पोरेशन व गुजरात चुनाव के उपरांत : कैप्टन

जालंधर (धवन): पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरेन्द्र सिंह ने आज स्पष्ट संकेत दिए हैं कि पंजाब कैबिनेट में विस्तार कार्पोरेशन व गुजरात चुनाव सम्पन्न होने के बाद कर दिया जाएगा। गुजरात व हिमाचल चुनावों के नतीजे 18 दिसम्बर को आने हैं। मुख्यमंत्री ने राज्य में उपमुख्यमंत्री की नियुक्ति की किसी भी सभावना को रद्द करते हुए कहा कि कांग्रेस परम्परा के अनुसार उपमुख्यमंत्री की नियुक्ति नहीं होती है। उन्होंने कहा कि कैबिनेट में विस्तार चाहे लंबे समय से लंबित पड़ा हुआ है परन्तु अब इसमें और देरी नहीं होगी। इसी तरह से सरकार द्वारा बोर्डों व कार्पोरेशनों में नियुक्तियां भी कार्पोरेशन चुनाव के उपरांत कर दी जाएंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि कार्पोरेशन चुनाव सम्पन्न होने के उपरांत वह राहुल गांधी से मुलाकात करेंगे जिसमें कैबिनेट में शामिल किए जाने वाले चेहरों बारे फैसला लिया जाएगा। तब तक गुजरात विधानसभा के चुनाव भी खत्म हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी फिलहाल गुजरात चुनावों में व्यस्त हैं। इसलिए राहुल गांधी से बैठक भी हो नहीं सकी है। 

 


कैप्टन अमरेन्द्र सिंह ने कहा कि वह तो काफी समय पहले अपने कैबिनेट में विस्तार करने के इच्छुक थे, परन्तु पहले गुरदासपुर लोकसभा सीट का उपचुनाव आ गया। वह गुरदासपुर उपचुनाव के बाद कैबिनेट में विस्तार करने के इच्छुक थे, परन्तु उसके बाद अब कार्पोरेशन चुनाव आ गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि कैबिनेट विस्तार में अब और देरी बिल्कुल नहीं होगी तथा इससे संबंधित सभी फैसले राहुल से बैठक करने के उपरांत कर दिए जाएंगे। कार्पोरेशन चुनाव सम्पन्न होने के 15-20 दिनों के अंदर वह सरकार से जुड़े सभी कार्यों को सम्पन्न करेंगे। 

 


दूसरी ओर कांग्रेसी हलकों ने बताया है कि पंजाब कैबिनेट में शामिल होने के लिए इस समय विधायक सुखजिन्द्र सिंहरंधावा, विधायक ओ.पी. सोनी, राकेश पांडे का नाम तो चल ही रहा है परन्तु साथ ही युवा विधायकों में विजय इंद्र सिंगला व अन्य के नाम भी चर्चा में चल रहे हैं। कैप्टन अमरेन्द्र सिंह द्वारा कैबिनेट में विस्तार करते समय सभी वर्गों जाट, हिन्दू व दलित में संतुलन बनाया जाएगा। विधायकों की वरिष्ठता को लेकर भी ध्यान रखा जाएगा। 

 


इसी तरह से पंजाब सरकार द्वारा कार्पोरेशन चुनाव सम्पन्न होने के बाद संसदीय सचिवों की नियुक्तियों बारे भी अहम फैसला लिया जाएगा। पंजाब कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने भी कैप्टन अमरेन्द्र सिंह द्वारा कैबिनेट में विस्तार कार्पोरेशन चुनाव के उपरांत करने के फैसले का स्वागत करते हुए कहा है कि इससे कांग्रेसी विधायकों को समायोजित किया जा सकेगा तथा सरकार के कामकाज में तेजी आएगी। यह भी पता चला है कि कैप्टन द्वारा मंत्रिमंडल विस्तार करते समय इस बात पर पूरा गौर किया जाएगा कि संकट के दिनों में उनका किन-किन विधायकों ने साथ दिया था। क्योंकि संकट के दिनों में अनेकों कांग्रेसियों ने उनसे किनारा कर लिया था, इसलिए इस पारी में कैप्टन द्वारा कैबिनेट विस्तार व अन्य सरकारी ओहदे देते समय निष्ठा को प्रमुख तौर पर आधार बनाया जा रहा है। इसीलिए भी कैबिनेट विस्तार में कुछ देरी हुई है। कैप्टन द्वारा अपनी टीम से पूरी रिपोर्टें भी एकत्रित कर ली गई हैं, जिसका प्रयोग वह कैबिनेट विस्तार के समय फीडबैक के रूप में करेंगे। 
 
चैक गणराज्य के राजदूत ने मुख्यमंत्री से की बैठक
चैक गणराज्य के राजदूत मिलन होवोर्का ने आज उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरेन्द्र सिंह के साथ बैठक की, जिसमें पंजाब में पूंजी निवेश की संभावनाओं को तलाशा गया। मुख्यमंत्री अमरेन्द्र सिंह के साथ बैठक में पंजाब कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष सुनील जाखड़ था कैबिनेट मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू भी शामिल हुए। सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने चैक गणराज्य के राजदूत को पंजाब में पूंजी निवेश के लिए आमंत्रित करते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार उद्यमियों को हर सहूलियत देने के लिए तैयार बैठी हुई है। उन्होंने कहा कि सिंगल विंडो सिस्टम के तहत उद्यमियों के प्रस्तावों को उनकी सरकार द्वारा मंजूर किया जा रहा है। चैक गणराज्य के राजदूत मिलन होवोर्का ने कहा कि उनके देश की कम्पनियां पंजाब में कृषि, उद्योग व अन्य क्षेत्रों में निवेश करने के लिए तैयार है।  
 



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