नाबालिग बच्चों को दोपहिया और चार पहिया वाहन देने वाले सावधान, हो सकती है सख्त कार्रवाई
punjabkesari.in Tuesday, Feb 17, 2026 - 06:06 PM (IST)
टांडा उड़मुड़ (पंडित): शहर और आस-पास के गांवों में नाबालिग लड़के-लड़कियों के दोपहिया और चार पहिया वाहन चलाने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। स्कूल यूनिफॉर्म में कई युवा छात्र बिना लाइसेंस और बिना हेलमेट के मोटरसाइकिल और स्कूटर चलाते नजर आ रहे हैं, जिससे वे न सिर्फ अपनी जान खतरे में डाल रहे हैं, बल्कि दूसरे राहगीरों के लिए भी खतरा बन रहे हैं। शहर में, स्कूलों के पास और भीड़भाड़ वाले इलाकों में तेज रफ्तार और स्टंट के मामले बढ़ रहे हैं। कई बार नाबालिग लड़के तीन-तीन सवारियों को बिठाकर बाइक चलाते देखे गए हैं। ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन, बिना नंबर प्लेट वाली गाड़ियां चलाना और मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हुए गाड़ी चलाना आम बात हो गई है।
डी.एस.पी. दविंदर सिंह बाजवा ने कहा कि मोटर व्हीकल एक्ट के मुताबिक नाबालिग का गाड़ी चलाना कानूनी जुर्म है। कानून के मुताबिक, अगर कोई नाबालिग गाड़ी चलाते हुए पकड़ा जाता है, तो उसके माता-पिता या गाड़ी मालिक के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है, 25,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है और गाड़ी जब्त की जा सकती है। इसके साथ ही, भविष्य में ड्राइविंग लाइसेंस बनने पर भी इसका असर पड़ सकता है।
समाजसेवी संस्थाओं और बुद्धिजीवियों डा . केवल सिंह काजल, डा . लवप्रीत सिंह पाबला, लोकेश वशिष्ठ, गगन वैद, गुरसेवक मार्शल, रोहित टंडन ने चिंता जताई है कि माता-पिता छोटी उम्र में बच्चों को गाड़ी सौंपकर उनकी जान से खिलवाड़ कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्कूल प्रशासन को भी माता-पिता को इस बारे में बताना चाहिए कि अगर कोई स्टूडेंट गाड़ी चलाता हुआ आता है।
उन्होंने जिला प्रशासन और ट्रैफिक पुलिस से मांग की है कि स्कूल टाइम में स्पेशल चेकिंग अभियान चलाया जाए और नियम तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि जागरूकता अभियान चलाकर बच्चों और माता-पिता को ट्रैफिक नियमों का पालन करने के लिए मोटिवेट करना भी बहुत जरूरी है। अगर समय रहते इस मामले पर काबू नहीं पाया गया, तो कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। इसलिए, समाज के हर वर्ग को कम उम्र में गाड़ी चलाने के ट्रेंड को रोकने के लिए आगे आना चाहिए।
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