नेता जी के पी.ए. की तरफ से बनवाई जा रही अवैध बिल्डिंग को नोटिस

3/28/2021 11:43:57 AM

जालंधर (खुराना): नगर निगम ने पिछले दिनों कुछ अवैध बिल्डिंगों पर कार्रवाई की थी परंतु इसके बावजूद शहर में अवैध बिल्डिंग बनाने का कारोबार एक बार फिर से तेज हो गया है। चाहे निगम प्रशासन ने छुट्टी वाले दिनों में हो रहे अवैध निर्माणों को रोकने के लिए निगम स्टाफ की ड्यूटियां लगा दी हैं परंतु इसके बावजूद अवैध निर्माणों का सिलसिला रुक नहीं रहा।

इन दिनों एक कांग्रेसी नेता के पी.ए. द्वारा बनवाई जा रही अवैध कमर्शियल बिल्डिंग को लेकर निगम में घमासान मचा हुआ है। यह अवैध बिल्डिंग दोमोरिया पुल से किशनपुरा चौक की ओर जाती सड़क के किनारे बन रही है जिसका रिहायशी नक्शा पास करवाया गया था परंतु वहां दो बड़े-बड़े शोरूम बना लिए गए जहां फर्नीचर हाऊस खोलने की तैयारी है। इससे पहले कि वहां शटर लगा लिए जाते, निगम टीम ने शिकायतें मिलने पर उक्त अवैध निर्माण को रुकवा दिया और डिमोलिशन नोटिस तक जारी किया।

पता चला है कि अब वहां मात्र दिखावे के लिए पार्टीशन इत्यादि की जा रही है ताकि यह रिहायशी निर्माण लगे परंतु निगम अधिकारियों ने बताया कि पूरा निर्माण ही कमर्शियल नेचर का है इसलिए बिल्डिंग मालिक से नक्शे के मुताबिक ही बिल्डिंग बनाने को कहा गया है। इंस्पैक्टर अरुण खन्ना ने बताया कि इस बिल्डिंग का कई बार काम रुकवाया गया और सामान तक जब्त किया गया परंतु फिर भी निर्माण रोका नहीं जा रहा। इस निर्माण बारे शिकायतें भी चंडीगढ़ तक पहुंची हुई हैं।

मंडी फेंटनगंज और लंम्मा पिंड रोड बारे में शिकायतें मिली
निगम प्रशासन को आर.टी.आई. एक्टिविस्ट तथा मंथन फाऊंडेशन ऑफ इंडिया के सैक्रेटरी रजनीश शर्मा ने शिकायत की कि लंम्मा पिंड रोड पर एक फैक्टरी को तोड़कर वहां 9 दुकानें बना दी गई जिनका नक्शा पास नहीं है । इसके अलावा उन्होंने मंडी फेंटनगंज गेट पर लकी स्टोर के ऊपर बनी बिल्डिंग बारे भी शिकायत की है और कहा कि निगम दबाव में आकर उस अवैध निर्माण पर कोई कार्रवाई नहीं कर रहा।

बिल्डिंग विभाग के पास नहीं है अपनी डिच मशीन
नगर निगम जालंधर का बजट इस बार 425 करोड़ रुपए के आसपास है और कई बार यह बजट 500 करोड़ के पार भी जा चुका है। इसके बावजूद नगर निगम के बिल्डिंग विभाग के पास अपनी एक डिच मशीन तक नहीं है। हालांकि बिल्डिंग विभाग से नगर निगम को करोड़ों रुपए की आय होती है ।

गौरतलब है कि बिल्डिंग विभाग का काम अवैध निर्माणों को रोकना और अवैध रूप से पनप रही कालोनियों को तोड़ना होता है जिसके लिए इस विभाग को डिच की हर समय जरूरत पड़ती है । हैरानीजनक बात यह है कि बिल्डिंग विभाग के पावरफुल अधिकारियों को डिच के लिए बी. एंड आर. विभाग की मिन्नतें करनी पड़ती हैं और कई बार तो डिच न मिलने की सूरत में कार्रवाई ही नहीं हो पाती।

निगम अधिकारियों ने बताया कि विभाग के पास अपनी डिच ना होने के चलते विभाग को अक्सर सीलिंग करनी पड़ती है जो बाद में दबाव में आकर खुलवा ली जाती है। नगर निगम के लिए शर्मनाक तथ्य यह है कि वह अभी तक बिल्डिंग विभाग को मात्र 5 लाख रूपए की एक डिच मशीन तक खरीद कर नहीं दे पाया।


Content Writer

Tania pathak

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