924 मुलाजिमों के तबादलों से अभी तक उभर नहीं पाया महानगर, पेश आ रहीं ये मुश्किलें

punjabkesari.in Friday, Jun 10, 2022 - 08:16 PM (IST)

लुधियाना (तरुण) : 6 मई को पुलिस कमिश्नर डा. कौस्तुभ शर्मा ने आर्डर जारी कर 28 थानों के 924 मुलाजिमों के तबादले किए थे। जोकि लुधियाना के इतिहास में अभी तक एक मजबूत और  साहसिक फैसला रहा है। परंतु इस फैसले को लगभग 35 दिन बीत चुके है, परंतु महानगर के अधिकतर थाने व चौकिंयों के प्रभारी सहित अधिकतर मुलाजिम इस तबादले के असर से उभर नहीं पाए है। तबादले के बाद सभी थानों के मुलाजिमों पर अत्याधिक वर्क लोड दिखाई दे रहा है। नए थाने में ज्वाइनिंग करने वाले मुलाजिम को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इतने दिन बीत जाने के बावजूद अधिकतर थानों व चौकिंयों के प्रभारी सहित मुलाजिम इन तबादलों से खुश नहीं दिखाई दे रहे हैं। कुल मिलाकर इसकी कीमत आम-जन को ही चुकानी पड़ रही है।

मुलाजिम केस स्टडी में बिता रहे है समय
ट्रांसफर के बाद मुलाजिम जब किसी केस की फाइल हाथ में लेता है, तो वह अधिकतर समय केस स्टडी करने में बिता रहा है। उदाहरण के तौर पर अगर किसी केस की फाइल को पहले ही 2-3 महीने बीत चुके हैं, तो नया जांच अधिकारी शुरूआत से ही केस को स्टडी करेगा, जिसकी कीमत पीडि़त को चुकानी पडेगी।

नया थाना नया इलाका
पुलिस कमिश्नर डा. कौस्तुभ शर्मा ने सभी थानों के प्रभारी ओर मुंशी को छोड़ अधिकतर मुलाजिमों को इधर से उधर कर दिया था, जिस कारण मुलाजिमों सहित थाने व चौंकियों के प्रभारियों को शिकायतकर्र्ताओं के कार्य करने में कई दिक्कतें आ रही हैं। तबादले के कारण नया मुलाजिम नए थाने के इलाके से अनजान है। जिस कारण सभी मुलाजिमों को इलाके के माहौल में ढलने में भी वक्त लग रहा है।

महिला मुलाजिमों की हालत खस्ता
थानों व सांझ केंद्र में अत्याधिक बढ़ते काम के बोझ के कारण कई महिला मलाजिमों की हालत खस्ता है। ऐसा ही एक वाक्या शुक्रवार दोपहर को थाना डिवीजन नं. 5 के सांझ केंद्र में देखने को मिला, जब सांझ केंद्र में अत्यधिक गर्मी व वर्क लोड के कारण एक महिला मुलाजिम की तबीयत बिगड़ गई, जिसे डाक्टर के पास ले जाना पड़ा। जहां प्राथमिक उपचार के बाद महिला मुलाजिम की हालत स्थिर बताई जा रही है।

कई राज दफन जांच अधिकारी के पास
अधिकतर केस में जांच अधिकारी एक ही होता है। लुधियाना इतिहास में एकदम से कभी इतने मुलाजिमों के एक साथ ट्रांसफर नहीं हुए हैं, जिस कारण 90 प्रतिशत केस में जांच अधिकारी ही केस को शुरू से लेकर आखिर तक डील करता है। परंतु 924 तबादले के बाद हजारों केस के जांच अधिकारी बदले जाने के कारण पुराने जांच अधिकारियों के पास दोनों पार्टियों के कई राज दफन हैं, जबकि अब ट्रांसफर के बाद नए जांच अधिकारी को शुरूआत से ही केस को हल करने का दबाव रहेगा। नाम न छापने की शर्त पर एक मुलाजिम ने बताया कि उसे थाने से 2 केस का जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है, परंतु पुराना जांच अधिकारी उसकी कोई मदद नहीं कर रहा है, जिस कारण उसे खासा मेहनत करनी पड़ रही है।

अपने शहर की खबरें Whatsapp पर पढ़ने के लिए Click Here

पंजाब की खबरें Instagram पर पढ़ने के लिए हमें Join करें Click Here

अपने शहर की और खबरें जानने के लिए Like करें हमारा Facebook Page Click Here

 

 


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Writer

Subhash Kapoor

Related News

Recommended News