राहुल गांधी के एक जवाब ने बढ़ाई सियासी हलचल! कैप्टन अमरिंदर सिंह को लेकर दिए बड़े संकेत?
punjabkesari.in Friday, Aug 07, 2026 - 11:35 AM (IST)
चंडीगढ़: पंजाब की राजनीति में एक बार फिर कैप्टन अमरिंदर सिंह का नाम चर्चा के केंद्र में आ गया है। इस बार चर्चा की वजह कोई चुनावी रैली या राजनीतिक बयान नहीं, बल्कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी का एक छोटा-सा जवाब बना है। एक इंटरव्यू के दौरान जब राहुल गांधी से पूछा गया कि भाजपा में उनका पसंदीदा नेता कौन है, तो उन्होंने बिना किसी हिचकिचाहट के कैप्टन अमरिंदर सिंह का नाम लिया। इसके बाद राजनीतिक गलियारों में इस बयान के कई मायने निकाले जा रहे हैं।
इसके पीछे छिपे कई राजनीतिक संदेश
राहुल गांधी ने कैप्टन अमरिंदर सिंह के बारे में कहा कि वह उनके पसंदीदा नेताओं में से एक हैं, एक बेहतरीन सैन्य इतिहासकार (मिलिट्री हिस्टोरियन) हैं और उनके साथ काम करने का अनुभव भी अच्छा रहा है। भले ही यह एक छोटा-सा जवाब था, लेकिन पंजाब की राजनीति में इसे एक बड़े राजनीतिक संकेत के रूप में देखा जा रहा है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि राहुल गांधी का यह बयान महज औपचारिक टिप्पणी नहीं था। इसके पीछे कई राजनीतिक संदेश छिपे हो सकते हैं। खासकर ऐसे समय में, जब पंजाब कांग्रेस अंदरूनी खींचतान का सामना कर रही है और दूसरी ओर कैप्टन अमरिंदर सिंह भी भाजपा में अपने भविष्य को लेकर चर्चाओं में बने हुए हैं।
राहुल गांधी के साथ आज भी कैप्टन के अच्छे संबंध
कैप्टन अमरिंदर सिंह कई मौकों पर यह कह चुके हैं कि उनके राहुल गांधी और गांधी परिवार के साथ व्यक्तिगत संबंध आज भी कायम हैं। उन्होंने यह भी कहा है कि राहुल गांधी उन्हें जन्मदिन पर शुभकामनाएं देते हैं और दोनों के बीच संपर्क बना रहता है। इसके अलावा कैप्टन यह भी कहते रहे हैं कि कांग्रेस का राजनीतिक कल्चर उन्हें ज्यादा सहज लगता था और वह उस माहौल में अधिक आरामदायक महसूस करते थे। इसी पृष्ठभूमि में जब राहुल गांधी ने भाजपा के अपने पसंदीदा नेता के रूप में कैप्टन अमरिंदर सिंह का नाम लिया, तो इसे केवल व्यक्तिगत प्रशंसा तक सीमित नहीं माना जा रहा। राजनीतिक हलकों में चर्चा शुरू हो गई है कि क्या राहुल गांधी ने एक साथ तीन अलग-अलग संदेश देने की कोशिश की है।
आज भी कैप्टन के योगदान का सम्मान करता है कांग्रेस नेतृत्व
पहला संदेश कैप्टन अमरिंदर सिंह के लिए माना जा रहा है। माना जा रहा है कि राहुल गांधी ने यह संकेत देने की कोशिश की कि राजनीतिक रास्ते भले ही अलग हो गए हों, लेकिन व्यक्तिगत रिश्तों में कोई कड़वाहट नहीं है। साथ ही यह भी संदेश दिया गया कि कांग्रेस नेतृत्व आज भी कैप्टन के योगदान का सम्मान करता है। दूसरा संदेश भाजपा के लिए माना जा रहा है। राहुल गांधी ने किसी ऐसे भाजपा नेता का नाम नहीं लिया, जिसकी पूरी राजनीतिक पहचान भाजपा या राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़ी रही हो। इसके बजाय उन्होंने उस नेता का नाम लिया, जिसकी राजनीतिक शुरुआत और लंबा सफर कांग्रेस के साथ रहा। इसलिए कुछ राजनीतिक विश्लेषक इसे एक प्रतीकात्मक राजनीतिक संदेश भी मान रहे हैं।
कांग्रेस में अंदरूनी मतभेद और नेतृत्व को लेकर कई तरह की चर्चाएं
तीसरा संदेश पंजाब कांग्रेस के लिए माना जा रहा है। पिछले कुछ समय से पंजाब कांग्रेस में अंदरूनी मतभेद और नेतृत्व को लेकर कई तरह की चर्चाएं चल रही हैं। ऐसे समय में कैप्टन की खुलकर प्रशंसा को कुछ लोग पार्टी के भीतर एक नरम संकेत के रूप में देख रहे हैं कि पुराने साथियों के प्रति सम्मान आज भी बरकरार है। यह भी उल्लेखनीय है कि कांग्रेस छोड़कर भाजपा में जाने वाले कई बड़े नेताओं के नाम चर्चा में रहे हैं। पंजाब में सुनील जाखड़ से लेकर अन्य राज्यों में ज्योतिरादित्य सिंधिया और मिलिंद देवड़ा जैसे नेता भी कांग्रेस छोड़ चुके हैं, लेकिन राहुल गांधी ने इनमें से किसी का नाम नहीं लिया। इसके बजाय कैप्टन अमरिंदर सिंह को अपना पसंदीदा नेता बताना राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है। फिलहाल इतना स्पष्ट है कि राहुल गांधी के एक छोटे-से जवाब ने कांग्रेस, भाजपा और पंजाब की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले दिनों में कैप्टन अमरिंदर सिंह, भाजपा और पंजाब कांग्रेस की ओर से इस पर क्या प्रतिक्रिया सामने आती है।

