Ludhiana : किसान जत्थेबंदियों ने मेन चौक किया जाम, रूट डायवर्ट
punjabkesari.in Saturday, Apr 18, 2026 - 02:25 PM (IST)
लुधियाना(गणेश/सचिन): पंजाब में एक बार फिर किसानों का आंदोलन तेज होता नजर आ रहा है। विभिन्न किसान जत्थेबंदियों द्वारा फिरोज़पुर रोड पर बड़े स्तर पर धरना प्रदर्शन किया जा रहा है। इस प्रदर्शन के चलते शहर के प्रमुख चौराहों में से एक आरती चौक को पूरी तरह जाम कर दिया गया है, जिससे पूरे इलाके की यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो गई है।

सुबह से ही बड़ी संख्या में किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और अन्य वाहनों के साथ फिरोज़पुर रोड पर पहुंचने लगे थे। देखते ही देखते यह विरोध प्रदर्शन एक बड़े धरने में तब्दील हो गया। किसानों ने सड़क के बीचों-बीच बैठकर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और अपनी मांगों को लेकर जोरदार आवाज उठाई।
धरने के कारण फिरोज़पुर रोड के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। ऑफिस जाने वाले लोग, स्कूल-कॉलेज के छात्र और रोजमर्रा के काम से निकलने वाले नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई लोगों को घंटों तक जाम में फंसे रहना पड़ा, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ।

किसानों की प्रमुख मांगें:
किसान संगठनों ने साफ तौर पर कहा है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक उनका प्रदर्शन जारी रहेगा। उनकी मुख्य मांगों में शामिल हैं:
- बिजली बिलों में कटौती की जाए और बकाया बिलों से राहत दी जाए
- फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी दी जाए
- किसानों के कर्ज को माफ किया जाए या उसमें राहत प्रदान की जाए
- कृषि से जुड़े लंबित मुद्दों का जल्द समाधान किया जाए
- सरकारी नीतियों में किसानों के हितों को प्राथमिकता दी जाए
किसानों का कहना है कि बढ़ते बिजली बिलों ने उनकी आर्थिक स्थिति को और ज्यादा कमजोर कर दिया है। सिंचाई और अन्य कृषि कार्यों के लिए बिजली की आवश्यकता लगातार बनी रहती है, लेकिन महंगे बिलों के कारण उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। ऐसे में सरकार को इस दिशा में तुरंत कदम उठाने चाहिए।
धरने में शामिल कई किसान नेताओं ने कहा कि वे लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर सरकार के सामने आवाज उठा रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है। इसी के चलते उन्हें सड़क पर उतरकर प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होना पड़ा है।

प्रशासन की प्रतिक्रिया:
धरने की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंच गईं। स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। अधिकारी किसानों से बातचीत करने और उन्हें शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करने की अपील कर रहे हैं। प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें, ताकि जाम से बचा जा सके। साथ ही, ट्रैफिक पुलिस द्वारा रूट डायवर्जन की व्यवस्था भी की गई है, जिससे कुछ हद तक यातायात को सुचारू किया जा सके।

शहर पर असर:
फिरोज़पुर रोड शहर का एक महत्वपूर्ण मार्ग है, जहां से रोजाना हजारों वाहन गुजरते हैं। ऐसे में इस सड़क के बंद होने से पूरे शहर की ट्रैफिक व्यवस्था पर असर पड़ा है। कई इलाकों में जाम की स्थिति बनी हुई है और लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में काफी देरी हो रही है। व्यापारिक गतिविधियों पर भी इसका असर देखने को मिला है। दुकानदारों का कहना है कि ग्राहक जाम के कारण उनके प्रतिष्ठानों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं, जिससे उनके कारोबार पर भी असर पड़ा है।

आगे की स्थिति:
किसान संगठनों ने साफ कर दिया है कि जब तक उनकी मांगों को लेकर कोई ठोस आश्वासन नहीं मिलता, तब तक धरना जारी रहेगा। वहीं, प्रशासन लगातार किसानों से बातचीत कर समाधान निकालने की कोशिश कर रहा है। अब यह देखना होगा कि सरकार और प्रशासन इस स्थिति को कैसे संभालते हैं और किसानों की मांगों पर क्या निर्णय लिया जाता है। फिलहाल, फिरोज़पुर रोड और आसपास के क्षेत्रों में हालात तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में बताए जा रहे हैं।
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