Ludhiana में काल बनकर दौड़ी ट्रैक्टर-ट्रॉली, साइकिल सवार को बेरहमी से कुचला
punjabkesari.in Wednesday, May 27, 2026 - 04:05 PM (IST)
लुधियाना (राज): शेरपुर चौक पर रफ्तार के कहर और नियम तोड़ने की सनक ने एक और हंसते-खेलते इंसान की जिंदगी लील ली। यहाँ रॉन्ग साइड (गलत दिशा) से आंधी की तरह आ रही एक बेकाबू ट्रैक्टर-ट्रॉली ने एक मासूम साइकिल सवार को अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी भयानक थी कि साइकिल सवार सीधे भारी-भरकम ट्रॉली के टायरों के नीचे आ गया और उसकी मौके पर ही तड़प-तड़प कर दर्दनाक मौत हो गई।
प्रशासन और पुलिस के खिलाफ भारी गुस्से में लोग
वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी ड्राइवर अपने वाहन को बीच सड़क पर ही छोड़कर भाग गया । इस खौफनाक हादसे के बाद मौके पर मौजूद लोगों में प्रशासन और पुलिस के खिलाफ भारी गुस्सा देखने को मिल रहा है। जानकारी देते हुए जांच अधिकारी ए.एस.आई. (ASI) जसविंदर सिंह ने बताया कि पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना मिली थी कि शेरपुर चौक के पास एक बड़ा हादसा हुआ है, जहां एक ट्रैक्टर-ट्रॉली ने साइकिल सवार को कुचल दिया है। पुलिस ने जब मौके पर पहुंचकर जांच की, तो एक और बड़ा और हैरान करने वाला खुलासा हुआ।
जोरदार धमाके की आवाज से चीख-पुकार
जिस ट्रैक्टर-ट्रॉली से यह हादसा हुआ, उस पर कोई नंबर प्लेट ही नहीं लगी हुई थी। यानी बिना किसी रजिस्ट्रेशन नंबर के यह वाहन सरेआम सड़कों पर यमराज बनकर दौड़ रहा था। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए बिना नंबरी ट्रैक्टर-ट्रॉली को अपने कब्जे में ले लिया है और फरार चालक की सरगर्मी से तलाश शुरू कर दी है। एएसआई ने भरोसा दिलाया है कि आरोपी के खिलाफ कानून के तहत सख्त से सख्त धाराएं लगाकर कार्रवाई की जाएगी। मौके पर मौजूद एक चश्मदीद बिंदर ने पूरी कहानी बयां की। बिंदर ने बताया कि वह शेरपुर चौक के पास ही अपनी ड्यूटी पर तैनात थे, तभी उन्होंने एक जोरदार धमाके की आवाज सुनी और चीख-पुकार मच गई। उन्होंने बताया कि दुर्घटना इतनी गंभीर थी कि युवक लहूलुहान होकर ट्रॉली के नीचे फंसा हुआ था। बिंदर का आरोप है कि हादसे के बाद न तो सरकारी एंबुलेंस समय पर मौके पर पहुंची और न ही घायल को तुरंत कोई मेडिकल सहायता मिल सकी।
करीब 45 मिनट की देरी से घटनास्थल पर पहुंची पुलिस
अंत में तंग आकर उन्होंने खुद एक प्राइवेट एंबुलेंस का इंतजाम किया और मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी और अत्यधिक खून बह जाने के कारण तड़प रहे घायल व्यक्ति ने दम तोड़ दिया था।इस दर्दनाक हादसे के बाद स्थानीय दुकानदारों और राहगीरों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। वहां मौजूद लोगों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि हादसे की तुरंत सूचना देने के बावजूद पुलिस और प्रशासनिक अमला करीब 45 मिनट की लंबी देरी से घटनास्थल पर पहुंचा। अगर पुलिस और एंबुलेंस समय पर आ जाती, तो शायद उस बेकसूर की जान बचाई जा सकती थी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर किसी तरह स्थिति को संभाला और उग्र हो रहे लोगों को शांत करवाया। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, मृतक के पास से ऐसा कोई दस्तावेज नहीं मिला है जिससे उसकी पहचान हो सके, इसलिए फिलहाल शव को शिनाख्त और पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया गया है। आस-पास के इलाकों में अलर्ट जारी कर मृतक की पहचान करने की कोशिश की जा रही है।

