मासूम की जान पर भारी ड्राइवर की लापरवाही: ट्रॉली के नीचे दबकर दो बहनों के इकलौते भाई की मौ+त
punjabkesari.in Thursday, May 14, 2026 - 08:27 AM (IST)
लुधियाना (राज): भामियां कलां इलाके में स्थित एक ईंटों के भट्टे पर बुधवार दोपहर एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को दहला दिया। ड्राइवर की कथित लापरवाही के चलते 10 वर्षीय मासूम रोहन की ईंटों से भरी ट्रॉली के नीचे दबकर मौत हो गई। चौथी कक्षा में पढ़ने वाला रोहन अपने माता-पिता का इकलौता बेटा और दो बहनों का लाडला भाई था। हादसे के बाद आरोपी चालक मौके से फरार हो गया, जिससे लोगों में भारी रोष है।
जेसीबी की मदद से रोहन को निकाला बाहर
जानकारी के अनुसार, रविंद्र कुमार पिछले करीब 8 महीनों से परिवार सहित भट्टे पर काम कर रहे हैं। बुधवार दोपहर करीब साढ़े तीन बजे जेसीबी की मदद से मिट्टी से भरी ट्रॉली खाली की जा रही थी। इसी दौरान चालक ने पहले रोहन को पानी लेने भेजा। जब वह वापस लौटा तो आरोपी ड्राइवर ने कथित तौर पर ट्रैक्टर का स्टेयरिंग एक अन्य छोटे बच्चे के हाथ में थमा दिया। अनाड़ी हाथों में वाहन आते ही ट्रैक्टर अनियंत्रित हो गया और सीधे रोहन के ऊपर पलट गया। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। लोगों ने शोर मचाया, लेकिन चालक घायल बच्चे की मदद करने के बजाय मौके से फरार हो गया। करीब 15 मिनट की मशक्कत और जेसीबी की मदद से रोहन को ट्रॉली के नीचे से बाहर निकाला गया, मगर तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
इकलौते बेटे की मौत की खबर मिलते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। माता-पिता और बहनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पूरे इलाके में इस घटना को लेकर शोक और गुस्से का माहौल बना हुआ है। वहीं, इस मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। परिजनों का आरोप है कि जब वे इंसाफ की मांग लेकर थाना जमालपुर पहुंचे तो उन्हें मदद देने के बजाय शव खुद अस्पताल ले जाने के लिए कह दिया गया। आरोप है कि बिना किसी सरकारी एम्बुलेंस या पुलिस सहायता के परिजन खुद ही रोहन के शव को सिविल अस्पताल की मोर्चरी तक लेकर पहुंचे। एक तरफ ड्राइवर की कथित लापरवाही ने एक घर का इकलौता चिराग बुझा दिया, वहीं दूसरी तरफ पुलिस की कथित संवेदनहीनता ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

