बड़े नेता ने अकाली दल के सभी पदों से दिया इस्तीफा

punjabkesari.in Monday, Jul 20, 2026 - 03:05 PM (IST)

मानसा (संदीप मित्तल): शिरोमणि अकाली दल को मानसा जिले में उस समय बड़ा राजनीतिक झटका लगा, जब यूथ अकाली दल मानसा के जिला शहरी अध्यक्ष हनीश बंसल ने अपनी प्राइमरी मेंबरशिप और जिला शहरी अध्यक्ष के पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने पार्टी के अंदरूनी हालात और लोकल लीडरशिप की परफॉर्मेंस पर गंभीर सवाल उठाते हुए पार्टी अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल को अपना लिखित इस्तीफा भेजा। उनका कहना है कि मानसा में पार्टी के मौजूदा वर्किंग स्टाइल की वजह से वर्करों का भरोसा लगातार कम हो रहा है और संगठन कमजोर हो रहा है। हनीश बंसल ने अपने इस्तीफे में लिखा कि वह लंबे समय से शिरोमणि अकाली दल से जुड़े हुए हैं और पार्टी द्वारा दी गई हर जिम्मेदारी को पूरी वफादारी, ईमानदारी और लगन से निभाया है। अलग-अलग पदों पर रहते हुए उन्होंने हमेशा संगठन को मजबूत करने और पार्टी की नीतियों को लोगों तक पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभाई, लेकिन फिलहाल पार्टी के अंदरूनी हालात की वजह से वह घुटन महसूस कर रहे थे, जिसकी वजह से उन्होंने पार्टी को अलविदा कहने का फैसला किया।

बातचीत के दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि मानसा में पार्टी की लोकल लीडरशिप मनमाने तरीके से काम कर रही है और फैसले लेते समय न तो सीनियर नेताओं की राय ली जाती है और न ही ग्राउंड लेवल पर काम करने वाले वर्करों को भरोसे में लिया जाता है। इस वजह से वर्कर खुद को नजरअंदाज महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब  किसी भी पॉलिटिकल पार्टी में वर्करों की आवाज सुननी बंद कर दी जाती है, तो पार्टी का जनाधार कमजोर होना स्वाभाविक है। उनके मुताबिक, मानसा में अकाली दल भी ऐसे ही हालात से गुजर रहा है। बातचीत के दौरान हनीश बंसल ने कहा कि लोकल लीडरशिप की कारगुजारी ने पार्टी को इतना कमजोर कर दिया है कि अब उसका दोबारा उठना बहुत मुश्किल लग रहा है।

उन्होंने कहा कि पार्टी के समर्पित वर्कर निराश हैं और उनका हौसला लगातार गिर रहा है। अगर समय रहते हालात नहीं सुधरे, तो पार्टी को भविष्य में और नुकसान उठाना पड़ सकता है। हालांकि, उन्होंने साफ किया कि फिलहाल उन्होंने किसी दूसरी पॉलिटिकल पार्टी में शामिल होने का कोई फैसला नहीं लिया है। उन्होंने कहा कि वह अपने सपोर्टर्स और साथियों से सलाह करने के बाद ही अपनी अगली पॉलिटिकल रणनीति का ऐलान करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि उनका यह फैसला किसी पर्सनल फायदे के लिए नहीं, बल्कि अपनी सेल्फ-रिस्पेक्ट और सिद्धांतों को ध्यान में रखकर लिया गया है।

पॉलिटिकल गलियारों में यह भी चर्चा है कि हनीश बांसल के इस्तीफे के बाद मानसा यूनिट में दूसरे नेताओं और वर्करों की नाराजगी भी सामने आ सकती है। अब सबकी निगाहें शिरोमणि अकाली दल हाईकमान पर हैं कि वह इस इस्तीफे को कैसे लेता है और मानसा में पार्टी को फिर से मजबूत करने के लिए क्या कदम उठाता है। साथ ही, आने वाले समय में हनीश बंसल कौन सा पॉलिटिकल रास्ता अपनाएंगे, इसे लेकर भी पॉलिटिकल गलियारों में कयास लगाए जा रहे हैं। दूसरी ओर मानसा के एक सीनियर अकाली नेता से बात की, तो उन्होंने कहा कि ये सभी आरोप मनगढ़ंत हैं, बल्कि पार्टी को बदनाम करने के लिए लगाए जा रहे हैं।

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News Editor

Urmila

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