भीषण गर्मी के बीच पंजाबियों को बड़ी राहत, लहरा थर्मल प्लांट की एक यूनिट फिर से चालू
punjabkesari.in Wednesday, Jun 24, 2026 - 02:08 PM (IST)
बठिंडा (विजय वर्मा) : पंजाब के बठिंडा जिले के गांव लहरा मोहब्बत स्थित 920 मेगावाट क्षमता वाले गुरु हरगोबिंद थर्मल प्लांट (जीएचटीपी) के चारों यूनिट बंद होने के बाद सोमवार सुबह एक यूनिट को दोबारा चालू कर दिया गया। भीषण गर्मी और धान रोपाई के चरम सीजन में बढ़ी बिजली मांग के बीच इस यूनिट के शुरू होने से राज्य को बड़ी राहत मिली है।
रविवार को प्लांट के सभी यूनिट बंद होने से बिजली उत्पादन को लेकर चिंता बढ़ गई थी। तीन यूनिट पहले से तकनीकी कारणों से बंद थे, जबकि चौथा यूनिट फ्लाई ऐश (राख) के अत्यधिक जमाव के कारण बंद करना पड़ा था। बताया जा रहा है कि करीब 1,800 ठेका कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल के चलते फ्लाई ऐश की निकासी और अन्य जरूरी परिचालन कार्य प्रभावित हुए, जिससे यह स्थिति पैदा हुई।
संकट से निपटने के लिए प्रबंधन ने अतिरिक्त श्रमिकों की व्यवस्था की। सूत्रों के अनुसार प्लांट में लगभग 500 स्थायी कर्मचारी हैं, जिनमें बड़ी संख्या प्रशासनिक कार्यों में तैनात है। ऐसे में तकनीकी और फील्ड संचालन पर असर पड़ा। जानकारी के मुताबिक पहला यूनिट 17 जून को, दो अन्य यूनिट 19 जून को और अंतिम यूनिट रविवार को बंद हुआ था।
जीएचटीपी के मुख्य अभियंता तेज बंसल ने बताया कि 210 मेगावाट क्षमता वाले एक यूनिट को सोमवार सुबह करीब पांच बजे सफलतापूर्वक चालू कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि शेष तीन यूनिटों को भी बहाल करने का काम युद्धस्तर पर जारी है और अगले दो दिनों के भीतर उनसे बिजली उत्पादन शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है।
मुख्य अभियंता के अनुसार कर्मचारी ठेका व्यवस्था समाप्त कर उन्हें सीधे पीएसपीसीएल में नियमित करने की मांग कर रहे हैं। यह आंदोलन 9 जून से शुरू हुआ था, जबकि 16 जून से कर्मचारियों ने पूर्ण हड़ताल का रास्ता अपनाया। इस बीच मामले के समाधान के लिए राजनीतिक स्तर पर भी प्रयास तेज हो गए हैं। हड़ताली कर्मचारियों का प्रतिनिधिमंडल सोमवार को चंडीगढ़ में पंजाब के वित्त मंत्री से मुलाकात करेगा। उम्मीद जताई जा रही है कि बैठक में कर्मचारियों की मांगों पर चर्चा कर गतिरोध समाप्त करने की दिशा में कोई सकारात्मक समाधान निकाला जाएगा, ताकि किसानों और आम उपभोक्ताओं को बिजली संकट का सामना न करना पड़े।
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