ऑनलाइन पार्ट-टाइम जॉब के नाम पर बिछाया जा रहा है ठगी का जाल, ऑफर पड़ सकता है भारी
punjabkesari.in Friday, Jun 05, 2026 - 12:47 AM (IST)
बरनाला, (विवेक सिंधवानी, रवि): बढ़ती डिजिटल निर्भरता के बीच साइबर अपराधियों ने आम लोगों की गाढ़ी कमाई पर डाका डालने के लिए नए-नए हथकंडे अपनाना शुरू कर दिया है। जिले में ऑनलाइन ठगी और साइबर अपराध के बढ़ते मामलों को गंभीरता से लेते हुए जिला पुलिस प्रमुख (एस.एस.पी.) मोहम्मद सरफराज आलम ने आमजन को जागरूक करने के लिए एक विशेष मुहिम की शुरुआत की है। एसएसपी ने आज एक उच्च स्तरीय प्रेस कॉन्फ्रेंस में साइबर अपराधियों के नए ट्रेंड 'ऑनलाइन पार्ट-टाइम जॉब फ्रॉड' का पर्दाफाश करते हुए एक विस्तृत कानूनी एवं सुरक्षात्मक एडवाइजरी जारी की।
एसएसपी मोहम्मद सरफराज आलम ने बताया कि आज के समय में इंटरनेट की आभासी दुनिया में बैठे ठग बेहद शातिर तरीके से लोगों की मनोवैज्ञानिक स्थिति का फायदा उठा रहे हैं। उन्होंने कहा, "बेरोजगार युवाओं, गृहिणियों और अतिरिक्त आय की चाह रखने वाले नौकरीपेशा लोगों को निशाना बनाने के लिए 'घर बैठे कमाएं', 'लाइक एंड शेयर जॉब' और 'यूट्यूब वीडियो रेटिंग' जैसे लुभावने ऑफर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे टेलीग्राम, व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम पर धड़ल्ले से भेजे जा रहे हैं।"
अपराध की कार्यप्रणाली (मोडस ऑपेरेंडी) का विवरण देते हुए जिला पुलिस प्रमुख ने साझा किया कि ये ठग शुरुआत में पीड़ित का विश्वास जीतने के लिए बहुत ही आसान काम देते हैं, जैसे किसी होटल को गूगल पर रेटिंग देना या किसी यूट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करना। इसके बदले में शुरुआती तौर पर 200 से 500 रुपए का वास्तविक भुगतान भी पीड़ित के खाते में किया जाता है।
जब पीड़ित को लगता है कि यह काम पूरी तरह से सुरक्षित और मुनाफे वाला है, तो उसे एक 'वीआईपी ग्रुप' या 'क्रिप्टो इन्वेस्टमेंट टास्क' में शामिल होने का लालच दिया जाता है। यहीं से असली खेल शुरू होता है, जहां बड़े मुनाफे का झांसा देकर लाखों रुपये की 'टास्क मनी' जमा करवा ली जाती है और अंत में आरोपी वेबसाइट या ग्रुप को बंद कर गायब हो जाते हैं।

