बरनाला में सफाई सेवकों का बड़ा ऐलान: 6 मई से अनिश्चितकालीन हड़ताल, चक्का जाम की चेतावनी
punjabkesari.in Tuesday, May 05, 2026 - 09:15 AM (IST)
बरनाला (विवेक सिंधवानी, रवि): कहा जाता है कि सब्र का फल मीठा होता है। लेकिन जब सब्र के बदले सिर्फ वादे मिलें और वादे भी पूरे न हों, तो फिर सब्र का बांध टूटना लाजमी है। बरनाला की सफाई सेवक यूनियन के साथ ठीक यही हुआ। नगर निगम कार्यालय बरनाला में हुई अहम बैठक के दौरान यूनियन ने 6 मई से अनिश्चितकालीन राज्य स्तरीय हड़ताल करने का ऐलान कर दिया।
भरोसे का संकट — असली मुद्दा
इस बैठक में यूनियन के जिला अध्यक्ष गुलशन कुमार, विक्रमजीत विक्की और म्युनिसिपल कर्मचारी यूनियन के गुरमीत सिंह ने साफ शब्दों में कहा कि हम लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन हमें भरोसे के अलावा कुछ भी नहीं मिला। यह सिर्फ वेतन या पक्का करने का मामला नहीं है — यह उस भरोसे का संकट है जो सरकार और कर्मचारियों के बीच होना चाहिए। उन्होंने बताया कि हमारी मुख्य मांगों में कच्चे कामगारों को पक्का किया जाए, समान काम समान वेतन लागू किया जाए और पक्का करने संबंधी बनाई गई 10 साल की पॉलिसी को रद्द करके तीन साल में पक्का किया जाए। ये मांगें कोई नई नहीं हैं, ये वही मांगें हैं जो वर्षों से चली आ रही हैं, लेकिन सरकार के कानों पर जूं तक नहीं रेंगी।
यूनियन ने सरकार को दी चेतावनी
यूनियन ने सरकार को साफ चेतावनी देते हुए कहा कि यदि हमारी मांगें न मानी गईं तो हम चक्का जाम भी करेंगे, धरने भी देंगे और यदि जरूरत पड़ी तो तीखा संघर्ष भी करेंगे। उन्होंने कहा कि अब बातों से काम नहीं चलेगा — सरकार को जमीन पर नतीजे देने होंगे।
इस अवसर पर भारतीय वाल्मीकि धर्म समाज, भगवान वाल्मीकि सहारा क्लब, आदि धर्म समाज बरनाला और वाल्मीकि मंदिर प्रबंधक कमेटियों द्वारा यूनियन को भरपूर समर्थन दिया गया। यह समर्थन दर्शाता है कि यह संघर्ष सिर्फ कर्मचारियों का नहीं बल्कि पूरे भाईचारे का संघर्ष बन गया है। इस अवसर पर जगजीत सिंह, ड्राइवर यूनियन के अध्यक्ष चरणजीत सिंह, संतपाल रिंकू, रमेश कुमार, राजेश कुमार मेट, मुकेश कुमार, बिंदु प्रधान, अशोक कुमार, मंगत राम, सतपाल, विनय कुमार, संजय कुमार, शनि कुमार, जगदीश सिंह, सोनू, गुरकिरपाल सिंह, विक्की आदि बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
बरनाला की सफाई दांव पर
सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि हड़ताल होती है तो बरनाला शहर की सफाई का क्या होगा? सफाई सेवक वे लोग हैं जो रोजाना सुबह उठकर शहर को साफ रखते हैं। यदि यह काम रुक गया तो शहर में गंदगी के ढेर लग जाएंगे और बीमारियों का खतरा पैदा हो जाएगा। इसलिए सरकार को चाहिए कि समय रहते इनकी मांगों की ओर ध्यान दे ताकि आम लोगों को परेशानी न हो।

