पंजाब सरकार के मुफ्त इलाज के दावे फेल? हेल्थ कार्ड के बावजूद अस्पताल में इलाज से इनकार

punjabkesari.in Saturday, Apr 04, 2026 - 02:14 PM (IST)

अमृतसर (रमन) :  एक तरफ पंजाब सरकार पंजाब के लोगों के लिए 10 लाख तक के इलाज के लिए हेल्थ कार्ड बनवा रही है ताकि लोगों को सही इलाज मिल सके, वहीं दूसरी तरफ कुछ अस्पतालों में यह कार्ड बहुत कम चल रहा है, जिससे मरीज़ों को परेशानी हो रही है, जिसका ताज़ा उदाहरण अमृतसर से सामने आया, जहां अमृतसर के मकबूलपुरा इलाके के एक पल्स अस्पताल में उस समय तनाव पैदा हो गया जब एक गरीब परिवार ने सरकार की तरफ़ से जारी 10 लाख के हेल्थ कार्ड पर अपने बीमार बच्चे का इलाज करवाने की कोशिश की, लेकिन अस्पताल प्रशासन ने उनका इलाज करने से मना कर दिया। पीड़ित परिवार ने बताया कि अस्पताल ने पहले 3500 रुपये की फ़ीस और दूसरे खर्चे मांगे। परिवार का कहना है कि वे पहले ही कई सालों से अपने बच्चे का इलाज अलग-अलग अस्पतालों में करवा रहे हैं और अब उनके पास पैसे की कमी है। उन्होंने बताया कि सरकार की तरफ़ से जारी कार्ड होने के बावजूद अस्पताल ने उनका इलाज करने से मना कर दिया, जिससे वे बहुत परेशान हैं।

 Chief Minister Health Scheme

इस बीच, लोकल आम आदमी पार्टी के नेता और पार्षद कमल कुमार और दूसरे AAP नेता मौके पर पहुंचे और हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेशन से उनकी तीखी बहस हुई। उन्होंने कहा कि कुछ प्राइवेट हॉस्पिटल सरकारी स्कीम लागू नहीं कर रहे हैं और गरीब लोगों से पैसे वसूल रहे हैं, जिससे सरकार की इमेज खराब हो रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पूर्वी हलके की MLA जीवनजोत कौर भी मौके पर पहुंचीं। उन्होंने कहा कि यह मुख्य रूप से मिसकम्युनिकेशन का मामला है।

Health Card

उन्होंने हॉस्पिटल से अपील की कि वे मरीज़ों के साथ प्यार से पेश आएं और अगर वहां इलाज मुमकिन नहीं है, तो उन्हें सही डायरेक्शन दिया जाए। जीवनजोत कौर ने यह भी कहा कि कुछ बीमारियां या सुविधाएं हर हॉस्पिटल में नहीं मिलतीं, जिसकी वजह से मरीज़ों को दूसरे हॉस्पिटल में रेफर करना पड़ता है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पीड़ित परिवार की हर मुमकिन मदद की जाएगी और बच्चे का सही इलाज किया जाएगा। 

Health Card

दूसरी ओर, हॉस्पिटल के डायरेक्टर डॉ. ऋषभ ने कहा कि मरीज़ की बीमारी स्कीम के तहत कवर नहीं थी और इसी वजह से गलतफहमी हुई। उन्होंने कहा कि मरीज़ को अब बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर कर दिया गया है और कंसल्टेशन से मामला सुलझा लिया गया है और मरीज़ को आगे के इलाज के लिए भेज दिया गया है।

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News Editor

Urmila

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