किसान आंदोलन में शामिल बच्चे रेलवे स्टेशन पर कर रहे Exam की तैयारी

1/22/2021 5:04:38 PM

मानसा (संदीप मित्तल) : मोगा के गांव में जन्मी सामाजिक वर्कर नरिंद्र कौर ने एक दशक से जिंदगी के कठिन पड़ावों में विजय प्राप्ति के लिए सामाजिक संघर्षों का इस तरह का रास्ता अपनया कि फिर कभी पीछे नहीं देखा। केंद्रीय सदस्य, लिबरेशन के पार्टी कार्यालय में मानसा की सचिव के तौर पर जिम्मेदारी निभा रही नरिंद्र कौर का कहना है कि जिंदगी का असली अर्थ ‘संघर्ष’ है। यदि हम जिंदगी में संघर्षशील बनेंगे तो इतिहास स्वयं रचा जाएगा। उन्होंने कहा कि वह हमेशा संघर्ष के रास्ते पर रहना चाहती है। जिससे उसे भरपूर सुकून मिलता है। 

उन्होंने कहा कि चाहे उसका बेटा हरमन सिंह भट्टी और बेटी अरविंद कौर भट्टी दोनों मानसा, बुढलाडा में पढ़ते हैं पर इन दिनों दोनो पढ़ने की आयु में भी केंद्र सरकार के कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली आंदोलन में डटे हुए हैं। उन्होंने बताया कि उनका बेटा व बेटी मानसा में 8वीं और 10वी के पेपर दे रहे है। ऐसे में इन हालातों में भी दोनों रेलवे स्टेशन पर बैठ कर परीक्षा की तैयारी में लगे हुए है। इसी के साथ वह आंदोलन में भी किसानों का साथ देने के लिए डटे हुए है। बच्चों द्वारा किसानों की जंग में इस तरह से अपनी मौजूदगी दर्ज करवाने की प्रशंसा हर तरफ की जा रही है। 

गौरतलब है कि पिछले कई समय से दिल्ली बॉर्डर पर डटे किसान अपनी मांगों को अपनाने के लिए अड़े हुए है वही दूसरी तरफ केंद्र सरकार भी इन कानूनों को वापिस लेने के लिए तैयार नहीं है। जिसके चलते पंजाब, हरियाणा समेत कई राज्यों के किसान अपनी मांग को लेकर आंदोलन कर रहे है। 


Tania pathak

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