परीक्षाओं के बीच PSEB का नया कारनामा! राज्य भर के विद्यार्थियों और अध्यापकों में रोष
punjabkesari.in Thursday, Feb 26, 2026 - 11:10 AM (IST)
लुधियाना (विक्की): पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड का विवादों के साथ चोली-दामन का साथ रहा है और एक बार फिर बोर्ड अपनी कार्यप्रणाली को लेकर सवालों के घेरे में आ गया है। कल आयोजित हुई आठवीं कक्षा की कंप्यूटर साइंस विषय की परीक्षा के प्रश्न पत्र में बोर्ड द्वारा की गई बड़ी लापरवाही सामने आई है। इस विसंगति के कारण राज्य भर के कंप्यूटर अध्यापकों, विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों में भारी रोष है और उन्होंने बोर्ड से विद्यार्थियों के लिए 'ग्रेस मार्क्स' की मांग उठाई है।
इस संबंध में जानकारी देते हुए कंप्यूटर फैकल्टी एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप कुमार मलूका, जसपाल फतेहगढ़ साहिब, लखविंदर सिंह फिरोजपुर, पवन शर्मा जालंधर, हरचरण सिंह, जतिंदर सिंह सोढी, राकेश सैनी पठानकोट और कंप्यूटर अध्यापक भूख हड़ताल संघर्ष कमेटी के नेता परमवीर सिंह पम्मी ने बताया कि 24 फरवरी को 8वीं कक्षा के कंप्यूटर साइंस विषय की परीक्षा हुई। नियम के अनुसार फाइनल बोर्ड परीक्षा में सभी प्रश्न पत्र अंग्रेजी, हिंदी और पंजाबी माध्यम में एक साथ आते हैं और तीनों माध्यमों के प्रश्न एक समान होने चाहिए। परंतु, इस परीक्षा में पंजाबी माध्यम में दिए गए प्रश्न हिंदी माध्यम से बिल्कुल भिन्न थे, जबकि प्रश्न पत्र एक ही था।
किसी और की गलती का खमियाजा क्यों भुगतें विद्यार्थी?
हैरानी की बात यह है कि एक-एक नंबर वाले प्रश्नों में पूछी गई 'फुल फॉर्म्स' पंजाबी में कुछ और थीं, जबकि हिंदी और अंग्रेजी में कुछ और। इसके अलावा 4-4 नंबर के 3 प्रश्न भी माध्यमों के आधार पर पूरी तरह अलग थे, जिसके चलते कुल 13 नंबर का बड़ा फर्क सामने आया है। हालांकि सवाल अपनी जगह गलत नहीं हैं, लेकिन एक ही प्रश्न पत्र में माध्यम के आधार पर प्रश्नों के अलग होने से किसी विद्यार्थी के लिए यह पेपर सरल रहा तो किसी के लिए बहुत कठिन।
कंप्यूटर अध्यापकों ने कहा कि अब यह गंभीर सवाल उठ रहा है कि क्या बोर्ड के किसी अधिकारी ने यह चैक करना जरूरी नहीं समझा कि तीनों माध्यमों में पेपर एक समान है या नहीं? अध्यापकों और अभिभावकों का कहना है कि बोर्ड अधिकारियों की इस गलती का खमियाजा विद्यार्थी क्यों भुगतें? इसी के चलते पंजाब भर के कंप्यूटर अध्यापकों, विद्यार्थियों और अभिभावकों ने विद्यार्थियों के भविष्य को देखते हुए बोर्ड से ग्रेस मार्क्स देने की पुरजोर मांग की है।
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