CM भगवंत मान के खिलाफ भाजपा ने DGP को दी शिकायत, कहा-दर्ज हो FIR
punjabkesari.in Thursday, May 07, 2026 - 06:47 PM (IST)
चंडीगढ़ : भारतीय जनता पार्टी पंजाब इकाई ने पंजाब के मुख्यमंत्री Bhagwant Mann के खिलाफ डीजीपी पंजाब को शिकायत सौंपते हुए एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। भाजपा पंजाब के प्रदेश अध्यक्ष Sunil Jakhar और कार्यकारी अध्यक्ष Ashwani Sharma और की ओर से दी गई शिकायत में कहा गया कि मुख्यमंत्री के बयान सार्वजनिक शांति, सामाजिक सौहार्द और पंजाब की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर असर डाल सकते हैं। भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ने जालंधर स्थित बीएसएफ मुख्यालय और अमृतसर आर्मी कैंप के पास हुए ब्लास्ट को लेकर उनकी पार्टी पर बेबुनियाद और भड़काऊ आरोप लगाए हैं।
भाजपा द्वारा दी गई शिकायत में कहा गया है कि मुख्यमंत्री ने 6 मई को दिए एक सार्वजनिक बयान में कहा था कि यह घटनाएं “2027 चुनावों की तैयारी” का हिस्सा हैं और इसके पीछे एक राष्ट्रीय राजनीतिक पार्टी का हाथ है। भाजपा ने आरोप लगाया कि इस तरह के बयान जनता में डर, भ्रम फैलाने वाले हैं।
शिकायत में यह भी कहा गया कि मुख्यमंत्री के इन बयानों से जांच एजेंसियों का ध्यान असली आरोपियों से भटक सकता है और इससे पंजाब की आंतरिक सुरक्षा प्रभावित हो सकती है। भाजपा ने दावा किया कि डीजीपी कार्यालय पहले ही इन हमलों के पीछे पाकिस्तान की ISI और सीमा पार आतंकी मॉड्यूल्स की भूमिका की बात कह चुका है। ऐसे में मुख्यमंत्री के बयान जांच एजेंसियों के दावों से विपरीत और राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित प्रतीत होते हैं। पार्टी का कहना है कि मुख्यमंत्री के बयान सामाजिक सौहार्द और राज्य की शांति व्यवस्था के लिए खतरा बन सकते हैं।
भाजपा नेताओं ने कहा कि मुख्यमंत्री ने ब्लास्ट मामले को लेकर भाजपा और उसके कार्यकर्ताओं की छवि खराब करने की कोशिश की है। पार्टी का आरोप है कि करोड़ों भाजपा कार्यकर्ताओं की छवि को नुकसान पहुंचाने और विपक्ष को बदनाम करने के लिए जानबूझकर इस तरह के बयान दिए गए। भाजपा ने इसे राज्य सरकार की कानून व्यवस्था में विफलता से ध्यान भटकाने की कोशिश बताया।

भाजपा नेताओं ने शिकायत में यह भी आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री का हालिया व्यवहार गैर-जिम्मेदाराना रहा है। पार्टी ने दावा किया कि मुख्यमंत्री पंजाब विधानसभा में नशे की हालत में पहुंचे थे और सदन में गैर-जिम्मेदाराना तरीके से बोलकर संवैधानिक पद की गरिमा को ठेस पहुंचाई। भाजपा ने कहा कि इस तरह का आचरण मुख्यमंत्री पद की मर्यादा के खिलाफ है।
शिकायत में कहा गया कि पंजाब में कानून व्यवस्था बनाए रखना मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी है, लेकिन सुरक्षा में हुई चूक पर जवाबदेही लेने की बजाय वह विपक्ष पर आरोप लगाकर अपनी प्रशासनिक नाकामी छिपाने की कोशिश कर रहे हैं। भाजपा का आरोप है कि निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के बजाय मुख्यमंत्री ने सार्वजनिक मंच से पहले ही “फैसला” सुनाने का प्रयास किया।
भारतीय जनता पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस मुख्यालय में अपनी गिरफ्तारी भी पेश की और कहा कि यदि उनके खिलाफ कोई सबूत है तो कार्रवाई की जाए, अन्यथा मुख्यमंत्री और अन्य आप नेताओं को जांच में शामिल कर उनके द्वारा लगाए जा रहे बेबुनियाद आरोपों और भड़काऊ बयानों पर कार्रवाई की जाए।
सुनील जाखड़ ने मुख्यमंत्री के बम धमाकों संबंधी बयान को न केवल सांप्रदायिक सद्भावना के लिए खतरनाक बताया बल्कि इसे “देशद्रोही” भी करार दिया। उन्होंने कहा कि जब भी भारत अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद का मुद्दा उठाएगा, तब पाकिस्तान मुख्यमंत्री के इस वीडियो बयान का इस्तेमाल अपने बचाव में करेगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की टिप्पणियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की छवि को नुकसान पहुंचाया है। जाखड़ ने कहा कि एक तरफ पंजाब के डीजीपी कह रहे हैं कि धमाकों के पीछे पाकिस्तान की आईएसआई का हाथ है, वहीं दूसरी तरफ मुख्यमंत्री पाकिस्तान को क्लीन चिट दे रहे हैं, इसलिए उनके खिलाफ देशद्रोह का मामला दर्ज होना चाहिए।
जाखड़ ने आगे आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री, अरविंद केजरीवाल द्वारा रची गई एक बड़ी साजिश का केवल एक मोहरा बनकर काम कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि आप का उद्देश्य पंजाब में सांप्रदायिक तनाव पैदा करना और राजनीतिक लाभ के लिए राज्य की सामाजिक एकता को नुकसान पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि आप नेताओं द्वारा एक जैसे बयान दिए जाना यह साबित करता है कि यह पार्टी नेतृत्व की एक सुनियोजित और समन्वित रणनीति का हिस्सा है ताकि पंजाब में नफरत फैलाई जा सके।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि 2017 के पंजाब चुनावों के दौरान अरविंद केजरीवाल उन लोगों के घरों में ठहरे थे जिनका संबंध उग्रवादियों से जोड़ा जाता रहा है और उनका खुद का पिछला रिकॉर्ड भी संदेह के घेरे में है। ऐसे में उन्हें भाजपा जैसी राष्ट्रवादी पार्टी पर आरोप लगाने का कोई अधिकार नहीं है।
जाखड़ ने कहा कि पंजाब की सबसे बड़ी ताकत उसकी सांप्रदायिक सद्भावना है और भाजपा किसी को भी इसे नष्ट नहीं करने देगी। भगवंत मान का फिर से जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पहले ही कथित तौर पर विधानसभा में नशे की हालत में पहुंचकर पद पर बने रहने का नैतिक अधिकार खो चुके हैं और यह ताजा बयान उनकी “अयोग्यता” को और साबित करता है।
भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि यदि बम धमाकों को लेकर दिए गए बयान पर नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा के खिलाफ मामला दर्ज कर उनसे पूछताछ की जा सकती है, तो मुख्यमंत्री और आप नेता कानून से ऊपर कैसे हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि यदि मुख्यमंत्री के पास कोई सबूत है तो उसे पेश करें, अन्यथा उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए और अरविंद केजरीवाल को भी जांच में शामिल किया जाए, क्योंकि पूरी आप नेतृत्व कथित तौशांति भंग करने वाले एक जैसे बयान दे रही है।
जाखड़ ने आगे कहा कि भाजपा इस संबंध में भारत सरकार को पत्र लिखकर मुख्यमंत्री के बयान की एनआईए जांच की मांग करेगी। उन्होंने कहा कि पंजाब की सांप्रदायिक सद्भावना की रक्षा करने और आप की विभाजनकारी राजनीति को रोकने के लिए पार्टी हर लोकतांत्रिक माध्यम का इस्तेमाल करेगी।
इस अवसर पर भारतीय जनता पार्टी पंजाब के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष अश्वनी शर्मा , कोर ग्रुप के सदस्य विधायक जंगी लाल महाजन, इकबाल सिंह लालपुरा, मनोरंजन कालिया, तिक्शन सूद, राणा सोढ़ी, केवल सिंह ढिल्लों, बीबी अमनजोत रामूवालिया, एस.एस. विरक, पी.एस. गिल, राकेश राठौर, परमिंदर बराड़, एन.के. वर्मा और विनीत जोशी सहित सीनियर लीडरशिप हाज़िर थी l

