बठिंडा में आमने-सामने कांग्रेस-भाजपा, कार्यकर्ताओं में टकराव, मौके पर पहुंची पुलिस
punjabkesari.in Thursday, Oct 08, 2026 - 11:24 PM (IST)
बठिंडा (विजय वर्मा): वोट चोरी के आरोपों और राहुल गांधी व प्रियंका गांधी के साथ कथित धक्का-मुक्की तथा गिरफ्तारी के विरोध में कांग्रेस के एक धड़े के कार्यकर्ता फायर ब्रिगेड चौक पर तख्तियां लेकर पहुंचे। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ नारेबाजी करते हुए केंद्र सरकार पर तानाशाही का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक अधिकारों और वोट की पारदर्शिता से जुड़े मुद्दे पर आवाज उठाने पर कांग्रेस नेताओं के साथ की गई कार्रवाई के विरोध में पार्टी कार्यकर्ता सड़कों पर उतरने को मजबूर हैं।
इसी दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा काला दिवस मनाए जाने की सूचना पर भाजपा के कुछ कार्यकर्ता भी फायर ब्रिगेड चौक पर पहुंच गए। भाजपा कार्यकर्ता 25 जून 1975 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा लगाए गए आपातकाल के विरोध से संबंधित पोस्टर लेकर पहुंचे और कांग्रेस नेताओं से आपातकाल को लेकर सवाल पूछने लगे। दोनों पक्षों के आमने-सामने आने से माहौल तनावपूर्ण हो गया। भाजपा नेताओं ने कांग्रेस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कहा कि देश आपातकाल को कभी नहीं भूल सकता। भाजपा नेता आशुतोष तिवाड़ी और जिला सचिव संदीप अग्रवाल ने कहा कि कांग्रेस को देश में लगाए गए आपातकाल और सिखों के नरसंहार सहित अपने शासनकाल से जुड़े गंभीर मुद्दों पर जवाब देना होगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विश्व के लोकप्रिय नेताओं में शामिल हैं और उनकी छवि पारदर्शी है।
वहीं, कांग्रेस कार्यकर्ताओं का कहना था कि मौजूदा समय में लोकतांत्रिक संस्थाओं और चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। वोट चोरी के आरोपों को लेकर कांग्रेस नेताओं के आंदोलन को दबाने का प्रयास किया जा रहा है, जिसे पार्टी कार्यकर्ता बर्दाश्त नहीं करेंगे। दोनों पक्षों के बीच नारेबाजी और तीखी बहस के कारण कुछ समय के लिए फायर ब्रिगेड चौक पर तनाव की स्थिति बन गई। स्थिति बिगड़ने से पहले पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों के कार्यकर्ताओं को अलग-अलग कर दिया। पुलिस की दखलअंदाजी के बाद माहौल शांत हुआ और किसी बड़े टकराव को टाल दिया गया।



