पंजाब के खपतकारों को मिल सकती है बड़ी राहत

9/21/2021 6:49:06 PM


पटियाला (परमीत) : पंजाब के खपतकारों को बिजली दरों में बड़ी राहत मिलने की आस बंध गई है, क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड की पछवाड़ा कोयला खान चलाने के मामले में (पॉवरकाम) के हक में फैसला सुना दिया है। बता दें कि पछवाड़ा केंद्रीय खान कंपनी पंजाब राज्य बिजली बोर्ड को अलाट हुई थी, जिसको चलाने के लिए पी.एस.ई.बी. ने एमटा कंपनी के साथ मिलकर पानेम कंपनी बनाई थी, जिसका 25 नवम्बर 2004 को झारखंड सरकार के साथ समझौता हो गया था। 

इस कंपनी में पी.एस.ई.बी. का 26 फीसदी और एमटा का 74 फीसदी हिस्सा था। साल 2014 में सुप्रीम कोर्ट ने 1993 से 2011 तक की कोयला खानों की अलाटमैंट रद्द कर दी थीं। इस उपरांत केंद्र सरकार ने 31 मार्च 2015 को फिर से कोयला खान अब नई कंपनी पावरकाम को अलाट कर दी थी। जब खान को चलाने के लिए पॉवरकाम ने टैंडर लगाया तो एमटा कंपनी ने 2015 में इस टैंडर को पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट में चुनौती दे दी। इस उपरंत जब पॉवरकाम ने एमटा के दावे पर विचार करने का भरोसा दिया तो एमटा ने पटीशन वापिस ले ली पर दोनो पक्षों में फिर विवाद खड़ा हो गया तो 2018 में एमटा ने फिर से पंजाब व हरियाणा हाई कोर्ट में केस दर्ज किया। इस मामले में हाई कोर्ट ने एमटा के हक में फैसला दे दिया, जिसको पॉवरकाम ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी।

सुप्रीम कोर्ट में आज जसटिस एल. नागेशवर राव, जसटिस बी.आर. गवई और जसटिस बी.वी. नागारतना के बैंच ने पॉवरकाम के हक में फैसला देते हुए हाई कोर्ट द्वारा 26 जनवरी 2019 को सुनाया फैसला खारिज कर दिया। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के साथ पावरकाम को बड़ी राहत मिली है। पॉवरकाम अब तक कोयला कोल इंडिया लिमटिड से ले रहा था। पावरकाम के सी.एम.डी.ए. वेनू प्रसाद के अनुसार अब पछवाड़ा कोयला खान शुरू होने पर पावरकाम को सालाना 500 करोड़ रूपए की बचत होने का अनुमान है। यह पैसा खपतकारों के लिए बिजली सस्ती करने के लिए प्रयोग में लाया जा सकता है। सुप्रीम कोर्ट का फैसला उस समय आया है, जब कुछ दिन पहले ही पावरकाम ने यह बताया था कि उसे तकरीबन 1450 करोड़ रूपए सालाना मुनाफा हुआ है। 

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Content Writer

Subhash Kapoor

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