Ludhiana में पार्षद पति-पत्नी ने निगम प्रशासन के खिलाफ खोला मोर्चा, पढ़े पूरा मामला
punjabkesari.in Tuesday, Aug 11, 2026 - 03:06 PM (IST)
लुधियाना (राज): नगर निगम की सुस्त कार्यप्रणाली और अधिकारियों की अनदेखी से परेशान होकर अब जनप्रतिनिधियों को भी सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। शहर के वार्ड नंबर 7 में पिछले कई दिनों से जारी सीवरेज जाम की गंभीर समस्या का समाधान न होने पर पार्षद पति रविंदर मोनू खिंडा अपनी पत्नी एवं पार्षद रविंदर कौर के साथ नगर निगम के जोन-डी स्थित कमिश्नर दफ्तर के बाहर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए हैं।
धरने पर बैठे रविंदर मोनू खिंडा ने नगर निगम अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके वार्ड में पिछले काफी समय से सीवरेज ओवरफ्लो और जाम की विकराल समस्या बनी हुई है। गंदा पानी सड़कों और गलियों में भरने के कारण इलाके के लोग नरकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। उन्होंने बताया कि इस समस्या को लेकर वे बार-बार संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों से गुहार लगा चुके हैं, लेकिन अफसरशाही के तानाशाही रवैये के कारण कोई भी अधिकारी सुनने को तैयार नहीं है। मजबूर होकर उन्हें अपनी पत्नी के साथ कमिश्नर दफ्तर के बाहर मोर्चा खोलना पड़ा।
निगम की बेरुखी का आलम यह रहा कि धरना शुरू होने के करीब 2 घंटे तक किसी भी प्रशासनिक अधिकारी ने मौके पर आकर उनकी बात सुनना तक मुनासिब नहीं समझा। बाद में जब प्रशासनिक गलियारों में गरमाया, तो जोनल कमिश्नर खुद मौके पर पहुंचे। उन्होंने धरना दे रहे पार्षद पति और महिला पार्षद को समझाने और आश्वासन देकर धरना खत्म कराने का काफी प्रयास किया, लेकिन खिंडा दंपति सीवरेज समस्या का पक्का समाधान होने तक धरने पर अड़े रहे।
धरने की सूचना मिलते ही कांग्रेस के जिला प्रधान संजय तलवाड़ भी रविंदर मोनू खिंडा के समर्थन में नगर निगम जोन-डी दफ्तर पहुंचे। तलवाड़ भी खिंडा के साथ धरने में शामिल हुए और नगर निगम के ढुलमुल रवैये की कड़े शब्दों में निंदा की।संजय तलवाड़ ने निगम प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर वार्ड नंबर 7 की सीवरेज समस्या का तुरंत और स्थायी समाधान नहीं निकाला गया, तो आने वाले दिनों में कांग्रेस पार्टी इस जनहित के मुद्दे को लेकर उग्र आंदोलन शुरू करेगी।
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