ब्रांडेड बोतलों में नकली शराब! जीरकपुर में एक्साइज टीम की बड़ी कार्रवाई, ऐसे हुआ पर्दाफाश
punjabkesari.in Monday, May 04, 2026 - 01:54 PM (IST)
जीरकपुर: शराब के शौकीनों को सावधान रहने की जरूरत है। दरअसल, आबकारी विभाग की टीम ने स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर गुप्त सूचना के आधार पर जीरकपुर-चंडीगढ़ रोड स्थित एक होटल के पीछे बने गोदाम में चल रहे अवैध शराब भरने के अड्डे का पर्दाफाश किया है। विभाग के अनुसार यहां महंगी ब्रांडेड बोतलों में सस्ती और बिना ब्रांड वाली शराब भरकर बेची जा रही थी, जिससे न केवल सरकारी राजस्व को नुकसान हो रहा था बल्कि लोगों की सेहत से भी खिलवाड़ किया जा रहा था।
दुकान के बाहर लिखे 13 नंबर से शक गहराया
आबकारी इंस्पेक्टर गुरप्रीत सिंह ने बताया कि उच्च अधिकारियों के निर्देशों पर अवैध शराब के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत रविवार शाम करीब 6 बजे टीम ने गोदाम पर छापा मारा। गोदाम के बाहर कोई साइन बोर्ड नहीं था, केवल “13 नंबर” लिखा हुआ था, जिससे यह स्थान संदेह के घेरे में था। छापेमारी के दौरान अंदर से दो व्यक्तियों को मौके पर ही बोतलों में शराब भरते हुए पकड़ा गया।
पकड़े गए आरोपियों की पहचान
पकड़े गए आरोपियों की पहचान अक्षय कुमार पुत्र अर्जुन निवासी राम दरबार, चंडीगढ़ और सकून पुत्र राज किशोर निवासी धनास, चंडीगढ़ के रूप में हुई है। दोनों को मौके से गिरफ्तार कर जीरकपुर पुलिस के हवाले कर दिया गया है।
छापेमारी के दौरान कुल 53 भरी हुई बोतलें बरामद की गईं, जिनमें 12 मंकी शोल्डर, 15 चिवास रीगल, 12 गोल्ड लेबल, 5 हेंड्रिक्स जिन और 9 ग्लेनलिवेट ब्रांड की बोतलें शामिल हैं। इसके अलावा 61 खाली बोतलें भी बरामद हुईं, जो विभिन्न ब्रांडों की थीं। विभाग के अनुसार मौके से किसी प्रकार की मशीनरी बरामद नहीं हुई, जिससे अंदेशा है कि शराब को हाथों से ही बोतलों में भरा जा रहा था।
गोदाम को सील कर जांच में जुटी पुलिस
मौके पर मौजूद जांच अधिकारी राज कुमार ने बताया कि इस संबंध में जीरकपुर थाने में केस दर्ज कर लिया गया है और गोदाम को सील कर दिया गया है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। जांच के दौरान यह पता लगाया जाएगा कि यह अवैध गतिविधि कब से चल रही थी और इसमें और कौन-कौन लोग शामिल हैं। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक यह भी जांच की जा रही है कि नकली शराब किन-किन क्षेत्रों में सप्लाई की जा रही थी और क्या इसका संबंध किसी बड़े गिरोह से है। इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में चर्चा है कि यदि समय रहते इस तरह की गतिविधियों का खुलासा न होता, तो लोगों की सेहत पर गंभीर असर पड़ सकता था।

