किसान आंदोलन: अमेरिका से नौकरी छोड़ आए भारत, अब बॉर्डर पर लगा रहे हेल्थ कैंप

1/20/2021 10:34:36 AM

चंडीगढ़ (अर्चना सेठी): किसानों के आंदोलन को समर्थन देने के लिए अमरीका से नौकरी छोड़कर भारत आए डॉ.स्वायमान सिंह बॉर्डर पर मल्टीस्पैशिएलिटी हैल्थ चैकअप कैम्प चला रहे हैं। उनका कहना है कि 55 दिन से ज्यादा समय बीत चुका है, ऐसे में घरों से दूर बैठे किसानों में तनाव बढऩे लगा है। उन्हें उम्मीद थी कि सरकार कुछ दिनों में बात मान लेगी और वह लौट जाएंगे लेकिन केंद्र बात मानने को तैयार नहीं और आंदोलन दिन ब दिन बढ़ता जा रहा है।

बॉर्डर पर बैठे किसानों की तादाद में भी बढ़ौतरी होती जा रही है। कैम्प में जांच के लिए आने वाले किसानों में इतना हाई ब्लड प्रैशर देखने को मिल रहा है, जैसा पहले नहीं देखा था। 250 से ज्यादा ब्लड प्रैशर वालों को दूसरी स्वास्थ्य समस्याएं भी हो सकती हैं। आंखों और किडनी के अलावा अन्य अंगों को भी नक्सान पहुंच सकता है। जोड़ों के दर्द से भी कई महिलाएं और बुजुर्गों को परेशानी आ रही है। ठंड की वजह से कई लोगों को बुखार व खांसी के अलावा सर्दी से संबंधी अन्य शिकायतें भी हो रही हैं। कुछ दिन पहले लोगों को डायरिया हो गया था परंतु दवाओं की वजह से अब मामले कम हो गए हैं।

डॉ.स्वायमान कहते हैं कि बॉर्डर पर लोगों की सुविधा के लिए एम्बुलैंस के इंतजामात भी किए गए हैं। किसी को गंभीर समस्या होती है तो तुरंत नजदीकी सिविल अस्पताल ले जाया जाता है। बॉर्डर पर फिलहाल किसी भी पेशैंट को ग्लूकोज या खून की जरूरत नहीं पड़ी है। ऐसी किसी भी स्थिति पर निकट के अस्पताल में ले जाने के प्रबंध किए गए हैं। डॉ.स्वायमान का कहना है कि बॉर्डर पर इन दिनों पीने के पानी की दिक्कत बढ़ रही है। लोगों को साफ पेयजल नहीं मिल रहा है। लोग बॉर्डर पर मदद के लिए राशन, दूध, लस्सी, कपड़े वगैरह तो बड़ी मात्रा में पहुंचा रहे हैं परंतु पीने के पानी के इंतजाम ज्यादा करने होंगे।


Tania pathak

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