Amritsar : जाली रजिस्ट्रियों के मामले में ‘नकली चाचा’ करेगा अहम खुलासे, SDM ने किया तलब

punjabkesari.in Friday, Jan 02, 2026 - 01:24 PM (IST)

अमृतसर (नीरज): रजिस्ट्री दफ्तर टू और रजिस्ट्री दफ्तर थ्री में कलयुगी भतीजों की तरफ से एक नकली चाचा खड़ा करके अपने असली चाचा की जमीन की अलग-अलग 8 रजिस्ट्रियां किए जाने के मामले में नकली चाचा भी कई बड़े खुलासे करेगा क्योंकि रजिस्ट्रियों में साफ पता चल रहा है कि नकली चाचा खड़ा है, प्रशासनिक अधिकारियों के पास इसके पुख्ता सबूत भी मिल चुके हैं।

तस्वीरों में साफ पता चल रहा है कि नकली चाचा है। वहीं असली चाचा की तरफ से एस.डी.एम. मनकंवल सिंह चहल के दफ्तर में दिए गए एक ऐफिडेविट जिसमें उसने सभी रजिस्ट्रियों को असली बताया है, इस ऐफिडेविट से एस.डी.एम. संतुष्ट नहीं है और एस.डी.एम. ने असली चाचा को अपने दफ्तर में तलब कर लिया है वैसे भी जांच इस समय अंतिम दौर में पहुंच चुकी है जिस जल्द ही एस.डी.एम. अपनी रिपोर्ट बनाकर डी.सी. व डी.सी. की तरफ से एफ.सी.आर. को भेजी जाएगी जिसमें कानूनी कार्रवाई होना तय है।

लैंड रजिस्ट्रेशन के शिकंजे में सभी पक्ष

जमीन-जायदाद की रजिस्ट्रियों में कोई व्यक्ति किसी दूसरे व्यक्ति की जमीन न बेच सके और धोखाधड़ी को रोकने के लिए लैंड रजिस्ट्रेशन एक्ट बनाया गया है जिसके तहत यदि कोई व्यक्ति रजिस्ट्री दफ्तर में सब-रजिस्ट्रार या फिर तहसीलदार को जाली दस्तावेज पेश करता है तो उसमें 5 लाख रुपए तक का जुर्माना और 8 वर्ष की सजा का प्रावधान है, इन हालात में चाहे असली चाचा अपने भतीजों से किसी भी प्रकार का राजीनामा क्यों न कर लेकिन नकली दस्तावेज पेश किए जाने के कारण कानून के शिकंजे में आते हैं और यदि असली चाचा भी गलत दस्तावेज पेश करने के मामले में संलिप्त पाया जाता है तो उसके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई होना तय है।

लैंड माफिया पर शिकंजा कसने के लिए एक्शन जरूरी

 आए दिन लैंड माफिया गैंग की तरफ से किसी न किसी रजिस्ट्री दफ्तर में जाली दस्तावेज पेश करके जाली रजिस्ट्रियां करवाई जा रही हैं जिससे उन लोगों को नुकसान होता है जो जिले से बाहर रहते हैं या फिर एन.आर.आई. हैं। लैंड माफिया दफ्तर के ही कुछ भ्रष्ट कर्मचारियों के साथ मिलीभगत करके ऐसा करता है और लोगों की जमीनें हड़पता है। ऐसे में अब जहां जाली दस्तावेज तैयार करने वाले सामने आ चुके हैं तो इन पर कार्रवाई करना जरूरी है। नवनियुक्त डी.सी. दलविन्दरजीत सिंह ने भी एस.डी.एम. मनकंवल चहल को इस मामले में ठोस कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

एक सरकारी कर्मचारी को भी जांच में किया शामिल

जाली रजिस्ट्रियों के मामले में एक सरकारी कर्मचारी को भी जांच में शामिल किया गया है यही कर्मचारी एक अनरजिस्टर्ड वसीका नवीस के पास पार्टियों को लेकर आया था हालांकि यह कर्मचारी खुद को बेकसूर बता रहा है, देखना यह है कि इसके कसूर साबित होते हैं या नहीं।

अंबैसेडर के केस में भी मुख्य आरोपी बाहर

रजिस्ट्री दफ्तर थ्री में पिछले वर्ष हुई एक रजिस्ट्री जिसमें जर्मनी में भारत की अंबैसेडर रचिता भंडारी की गांव हेर स्थित 588 गज जमीन की जाली रजिस्ट्री के मामले में भी अभी तक मुख्य आरोपी शेर सिंह व नकली रचिता भंडारी पुलिस के शिकंजे में नहीं आ सकी है जबकि पुलिस के पास आरोपियों के घर का पूरा पता है यह केस भी इस समय एक पहेली ही बना हुआ है।

आरोपियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई हो

वसीका नवीस यूनियन के जिला प्रधान नरेश शर्मा ने कहा कि जिन लोगों ने नकली दस्तावेज तैयार करके रजिस्ट्रियां करवाई हैं, उनके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए क्योंकि ऐसे मामले आने से लोगों को सरकार पर विश्वास कम होता है और भय का माहौल बनता है रजिस्ट्री दफ्तरों में जंगलराज नहीं होना चाहिए।

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News Editor

Urmila

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