23 लैब टेक्नीशियन को डिस्मिस करने के निर्देशों पर सेहत मंत्री ने लगाई रोक

6/20/2020 4:36:05 PM

अमृतसर(दलजीत शर्मा): सेहत सचिव अनुराग अग्रवाल द्वारा अमृतसर के सिविल अस्पताल के 23 लैब टेक्नीशियन को डिस्मिस करने के जारी निर्देशों पर सेहत मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू ने तुरंत रोक लगा दी है मंत्री ने जहां सचिव के फैसले को नादर शाही बताया है वही स्पष्ट किया है कि कोरोना कि महामारी के दौरान न तो किसी कच्चे तथा न ही पक्के कर्मचारी की सेवाएं समाप्त की जाएंगी। उन्होंने कहा है कि सरकार कोरोना में काम कर रहे सेहत कर्मचारियों को सलाम करती है। 

पंजाब केसरी से बातचीत करते हुए मंत्री ने कहा कि सचिव द्वारा अपनी मनमानी करते हुए बेतुका की फरमान जारी करना गलत है। नियमों के अनुसार किसी को भी सीधे तौर पर डिस्मिस नहीं किया जा सकता। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने भी सचिव के फैसले का संज्ञान लिया है मुख्यमंत्री द्वारा सेहत विभाग को स्पष्ट शब्दों में कहा गया है कि न तो किसे कच्चे तथा न ही किसे पक्के कर्मचारी की सेवाएं कोरोना महामारी के दौरान खत्म की जाएंगी। 

मंत्री ने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान सेहत कर्मचारी तनदेही से अच्छी सेवाएं लोगों तक देने के लिए काम कर रहे हैं। उनके जज्बे को सरकार सलाम करती है तथा सरकार अच्छे कार्य करने वाले कर्मचारियों को सम्मानित भी कर रही है। उन्होंने कहा कि वह इस समय अपने सेहत विभाग के कर्मचारियों के साथ चट्टान की तरह खड़े हैं। इसके अलावा राज्य के सभी सिविल सर्जनों को निर्देश दिए गए हैं कि जो कर्मचारी डेपुटेशन पर लगाए गए हैं उनकी तुरंत रिपोर्ट बनाकर उन्हें भेजी जाए।
 
उन्होंने बताया कि अमृतसर का सिविल अस्पताल जिले में सबसे बड़ा है तथा वहां पर काफी तादाद में मरीज प्रतिदिन आते हैं मरीजों की सुविधा के लिए ही कर्मचारियों को वहां पर लगाया गया था। अक्सर ही ज्यादा काम वाले अस्पतालों में कर्मचारी डेपुटेशन पर लगा दिए जाते हैं परंतु यह नहीं कि उन पर गलत फरमान जारी करके उनकी सेवाएं खत्म कर दी जाए। सरकार इस समय अपने कर्मचारियों के साथ है। उन्होंने कहा कि जिन कर्मचारियों को डिस्मिस करने का फैसला किया गया था उस संबंध में भी सरकार द्वारा रिपोर्ट मांगी गई है। उधर दूसरी ओर जिला स्तरीय सिविल अस्पताल में सचिव के फैसले के खिलाफ से सेवाएं ठप्प कर दी गई थी जिस कारण मरीजों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा था।

सेहत विभाग एंप्लाइज वेलफेयर एसोसिएशन के चेयरमैन पंडित राकेश शर्मा ने सेहत मंत्री से फोन पर बातचीत करके उनके मामला ध्यान में लाया था जिसके बाद मंत्री के आश्वासन के चलते एसोसिएशन द्वारा अपना संघर्ष अगले समय के लिए मुल्तवी कर दिया गया है। पंडित राकेश शर्मा ने कहा कि सेहत मंत्री द्वारा बढिय़ा ढंग से उनकी बातचीत सुनी गई है तथा उन्हें उम्मीद है कि जारी किए गए प्रमाण मुकम्मल तौर पर रद्द कर दिए जाएंगे


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