दिल दा मामला है: सावधान, कहीं धोखा न दे जाए ... ये दिल

12/28/2020 2:11:30 PM

जालंधर (रत्ता): सर्दियों का मौसम चाहे स्वास्थ्य के लिहाज से बहुत ही अनुकूल मौसम माना जाता है लेकिन सर्दियों में तापमान कम हो जाने के कारण हृदय रोगियों को अपना विशेष ध्यान रखना चाहिए अन्यथा उनका दिल कभी भी उन्हें धोखा दे सकता है।

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दरअसल सर्दियों के मौसम में पारा गिरने के साथ ब्लड वेसल्स तो सिकुड़ ही जाती हैं साथ ही खून की थिक्नैस भी बढ़ने लगती है जिसके कारण हृदय में रक्त का प्रवाह सही तरह से नहीं हो पाता और व्यक्ति को हार्ट अटैक आने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है।

विशेषज्ञों के मुताबिक हृदय रोगियों को सर्दियों में सबसे अधिक सजगता सुबह व शाम के समय बरतने की जरूरत इसलिए होती है क्योंकि विभिन्न अध्ययनों से पता चला है कि सर्दियों में दिल का दौरा पड़ने के 50% से अधिक मामले सुबह के समय होते हैं। 

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टैगोर हार्ट केयर के वरिष्ठ कार्डियक सर्जन डॉक्टर अश्वनी सूरी के मुताबिक हृदय रोगियों की नाड़ियों में ब्लॉकेज की वजह से उनके हृदय को पहले ही रक्त की सप्लाई कम हो रही होती है और ऐसे में ठंड से जब शरीर के अंदर की नाड़ियां सिकुड़नी शुरू हो जाती हैं तो हृदय को रक्त की सप्लाई और भी कम हो जाती है जोकि कभी भी खतरनाक साबित हो सकती है। इसी के साथ सर्दियों में पसीना ना आने की वजह से शरीर मैं से साल्ट बाहर नहीं निकलता और शरीर में ही जमा होता है जिससे हृदय की मांसपेशियों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है।

सर्दियों में हृदय रोगी इन बातों का रखें ध्यान

*ठंडे की बजाय गुनगुने पानी से नहाए।
*शरीर को गर्म कपड़ों से ढक कर रखें।
*खाने में नमक की मात्रा कम कर दें।
*अधिक कैलोरी एवं वसा युक्त भोजन का परहेज करें।
*सुबह सवेरे बाहर सैर करने की बजाय घर में ही सैर करें।
*शराब एवं धूम्रपान का परहेज करें।


Tania pathak

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