पंजाब में सभी Encounters की कहानी एक जैसी क्यों? हाईकोर्ट ने DGP से तलब की रिपोर्ट
punjabkesari.in Thursday, Mar 05, 2026 - 05:43 PM (IST)
पंजाब डेस्क : पंजाब पुलिस द्वारा रणजीत सिंह के एनकाउंटर मामले में हाईकोर्ट सख्त नजर आ रहा है। आज इस मामले को लेकर हाईकोर्ट अहम सुनवाई हुई। कोर्ट ने पंजाब डीजीपी को नोटिस जारी कर आज दोपहर तक जवाल तलब करने के लिए कहा था। रणजीत सिंह एनकाउंटर मामले में उठ रहे सवालों को देखते हुए हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया और डीजीपी गौरव यादव से 2 सप्ताह में रिपोर्ट तलब की है। इस दौरान हाईकोर्ट ने पंजाब पुलिस को फटकार भी लगाई।
इस दौरान पंजाब डीजीपी गौरव यादव वीडियो कांफ्रैंसिंग के जरिए पेश हुए। इस सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कहा कि, पुलिस सिस्टम पर सवाल उठाए। कोर्ट ने कहा कि, हम आंखें बंद करके नहीं बैठ सकते हैं। वहीं पुलिस ने कहा कि हथियारों की रिकवरी के दौरान उनके साथ 3 से 4 पुलिस कर्मी गए थे। फिर कोर्ट ने सवाल उठाया कि हर एनकाउंटर की कहानी एक जैसी ही क्यों होती है। वकील तनु बेदी ने सुनवाई दौरान कोर्ट को बताया कि नवंबर 2025 से जनवरी तक 34 एनकाउंटर हुई हैं। इन सभी की कहानी एक जैसी ही है।
सुनवाई के दौरान डीजीपी ने जवाब देते हुए कहा कि एनकाउंटर मामले में SIT का गठन कर दिया गया है। मामला CJM गुरदासपुर के भी ध्यान में है और इसकी गहराई से जांच चल रही है। कोर्ट ने कहा कि उन्हें पूरे मामले की रिपोर्ट 2 सप्ताह में पेश की जाए। क्योंकि एनकाउंटर में मारा गया रणजीत सिंह महज 18-19 साल का बच्चा था। मामला काफी गंभीर है, इसमें आंख बंद नहीं कर सकते हैं। इस मामले में अब अगली सुनवाई 17 मार्च को है।
वहीं दूसरी तरफ परिवार वालों द्वारा गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं। परिवार वालों ने रणजीत का अंतिम संस्कार करने से इंकार कर दिया है। रणजीत मां सुखजिंदर कौर ने हाईकोर्ट का रुख कर लिया है। एनकाउंटर मामले में रिटायर जज या सीबीआई से जांच की मांग की गई है। इस मामले में हाईकोर्ट में कल सुनवाई होगी।
आपको बता दें कि इस मामले में परिवार वालों का कहना है कि पुलिस वे वाले रणजीत सिंह को घर से उठाकर ले गए थे। इसके बाद में थाने में टार्चर करके उसकी मौत हो गई लेकिन पुलिस ने इसे एनकाउंटर बताकर पूरी कहानी रच डाली। उनके बच्चे के पाकिस्तानी से लिंक बताए गए। अगर उसके पाकिस्तान से लिंक थे तो पुलिस की एक गाड़ी उसे लेकर क्यों गई। उनके लड़के को फरार होने के लिए आधी रात को मोटरसाइकिल कहां से मिला। उनके बेटे के पास तो मोबाइल फोन भी नहीं था कि वह किसी से मदद मांग सके।
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