अवैध नशा छुड़ाओ केंद्र का पर्दाफाश, पुलिस ने छापेमारी कर छुड़वाए नौजवान

punjabkesari.in Sunday, Jul 03, 2022 - 01:46 PM (IST)

कपूरथला (भूषण/महाजन): करतारपुर-अमृतसर राष्ट्रीय राज मार्ग पर पड़ते गांव रमीदी में नशा छुड़ाने व धार्मिक ज्ञान देकर नशे से मुक्ति दिलाने की आड़ में चल रहे एक अवैध नशा छुड़ाओ केंद्र में भर्ती युवकों से लाखों रुपए की रकम हड़पने तथा मारपीट करने के मामले में थाना सुभानपुर की पुलिस ने बड़े स्तर पर कार्रवाई करते हुए जहां नशा छुड़ाओ केंद्र के संचालक सहित 5 आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर छापामारी के दौरान 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, वहीं इस अवैध नशा छुड़ाओ केन्द्र में भर्ती किए गए 20 युवकों को छुड़वाकर उनके परिजनों के हवाले कर दिया गया। जानकारी के अनुसार एस.पी. (डी) जगजीत सिंह सरोया तथा डी.एस.पी. भुलत्थ अमरीक सिंह चाहल की निगरानी में थाना सुभानपुर के एस.एच.ओ. हरजीत सिंह ने क्षेत्र में नाकाबंदी की हुई थी।

पुलिस को दी शिकायत में परमजीत सिंह चंदी पुत्र सोहन सिंह चंदी निवासी गांव पर्जियां खुर्द, हाल निवासी राजोवाल ने बताया की उसका बेटा नशे का आदि था जिसके चलते उसने अपने बेटे को शहीद बाबा दीप सिंह विद्यालय नशा छुड़ाओं केंद्र में भर्ती करवाया था, जिसका संचालक जगतार सिंह पुत्र स्वर्ण सिंह निवासी गांव रमीदी है। इस नशा छुड़ाओ केंद्र के संचालक जगतार सिंह ने उसके बेटे नरिंद्र पाल सिंह को नशे से मुक्त करवाने के लिए 20,000 रुपए की फीस मांगी थी। 9 अप्रैल, 2022 को जगतार सिंह अपने साथियों पवित्र सिंह, पप्पू, निवासी गांव भगवानपुर थाना भुलत्थ, बलजीत सिंह तथा सुखविंद्र सिंह उर्फ सुक्खा गाड़ी में सवार होकर गांव राजोवाल में आए थे तथा उसके बेटे नरिंद्रपाल सिंह को अपने साथ ले गए थे।

एक सप्ताह बाद जगतार सिंह ने उसकी बेटी को फोन किया तथा 15,000 रुपए उसके खाते में डालने को कहा। उक्त 15,000 रुपए की रकम उसके खाते में डाल दी गई। कुछ दिन बीत जाने के बाद जब वह अपने बेटे से मिलने उक्त नशा छुड़ाओ केंद्र में गया तो जगतार सिंह ने उसके बेटे को उसके साथ मिलने नहीं दिया तथा कहा कि इलाज के दौरान वह अपने बेटे के साथ नहीं मिल सकते तथा वह उसकी फोन पर ही बात करवा सकता हैं। एक दिन बाद जब उसने अपने बेटे से फोन पर बात की तो वह काफी सहमा हुआ था तथा अपने साथ हुई मारपीट के बारे में बता रहा था।

जब उसने इस संबंध में जगतार सिंह ने पूछा तो उसने कहा कि तुम्हारा बेटा झूठ बोल रहा था तथा बाबा जगतार सिंह उससे 5,000 रुपए की ओर रकम मांगने लगा, जो उसने उसके खाते में डाल दी। जिसके बाद जगतार सिंह ने उससे 30,000 रुपए की ओर रकम मांगी, जब 6 जून को वह 30,000 रुपए लेकर गांव रमीदी स्थित नशा छुड़ाओ केंद्र में बेटे को मिलने के लिए पहुंचा तो उसके बेटे के पांव पर काफी चोटों के निशान थे तथा उसकी हालत भी काफी खराब थी। उसने 30,000 रुपए जगतार सिंह को दे दिए तथा अपने बेटे को घर लेकर जाने की बात कही। परंतु जगतार सिंह ने उसके बेटे को घर भेजने को इंकार कर दिया तथा 1 सप्ताह तक ओर रुकने को कहा।

7 जून को जगतार सिंह ने फोन पर उसको बताया कि तुम्हारा लड़का डेरे से भाग गया है तथा वह सीधा तुम्हारे पास पहुंचा है उसे जल्द नशा छुड़ाओ केन्द्र लेकर आओ। जगतार सिंह ने उसे धमकी दी कि यदि उसने पुलिस को शिकायत की तो तुम्हारे लड़के नरिंद्रपाल सिंह को मार दिया जाएगा। इस दौरान कुछ दिन बाद बाबा जगतार सिंह ने उसे बताया कि तुम्हारा लड़का मिल गया है और यदि वह उसे 3 लाख रुपए की रकम देने की मांग करने लगे।

इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए एस.एस.पी. कपूरथला राज बचन सिंह संधू ने तुरंत छापेमारी के आदेश दिए। छापेमारी के दौरान इस अवैध नशा छुड़ाओ केन्द्र में बंधक बनाए गए 20 युवकों को छुड़वा कर उनके परिजनों के हवाले कर दिया गया। उक्त नशा छुड़ाओ केन्द्र में तलाशी के दौरान पुलिस को लकड़ी की लाठियां, कई कागजात, स्विफ्ट कार तथा नशीली गोलियां बरामद हुई। छापामारी के दौरान पुलिस ने उक्त अवैध नशा छुड़ाओ केन्द्र के संचालक जगतार सिंह, सुखविंद्र सिंह उर्फ सुक्खा ग्रनेट, बलजीत सिंह तथा पवित्र सिंह को गिरफ्तार कर लिया, जब कि 5वें आरोपी की तलाश में छापेमारी जारी है। मुख्य आरोपी जगतार सिंह के खिलाफ 11 मामले दर्ज हैं।

 

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News Editor

Kalash

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