Ludhiana में अवैध कब्जों, रेहड़ी-फड़ी माफिया की मनमानी, सीनियर डिप्टी मेयर ने कमिश्नर को लिखा पत्र
punjabkesari.in Tuesday, Jul 14, 2026 - 07:30 PM (IST)
लुधियाना (राज): महानगर में अवैध कब्जों, रेहड़ी-फड़ी माफिया की मनमानी और नगर निगम की तहबाजारी शाखा के ढुलमुल रवैये के खिलाफ अब निगम के भीतर से ही विद्रोह का बिगुल फूंक दिया गया है। लुधियाना नगर निगम के सीनियर डिप्टी मेयर राकेश पराशर ने शहर की बदहाल ट्रैफिक व्यवस्था और धड़ल्ले से हो रहे नाजायज कब्जों को लेकर सीधे नगर निगम कमिश्नर को एक शिकायती पत्र भेजा है।

इस पत्र में सीनियर डिप्टी मेयर ने साफ तौर पर आरोप लगाया है कि वीआईपी इलाके लोधी क्लब रोड पर नगर निगम द्वारा विशेष रूप से बनाए गए 'लेबर शेड' पर रेहड़ी-फड़ी वालों ने पक्के तौर पर नाजायज कब्जा जमा लिया है। उन्होंने दोटूक कहा कि तहबाजारी विंग कार्रवाई के नाम पर सिर्फ 'खानापूर्ति' कर रही है, जिससे साफ जाहिर होता है कि इस पूरे खेल में निगम अधिकारियों की मोटी मिलीभगत है। इस पत्र के सामने आने के बाद नगर निगम के प्रशासनिक गलियारों में भारी हड़कंप मच गया है।

लोधी क्लब रोड का लेबर शेड बना 'अवैध मार्केट', शाम होते ही थम रही शहर की रफ्तार
कमिश्नर को भेजी गई अपनी आधिकारिक चिट्ठी में सीनियर डिप्टी मेयर राकेश पराशर ने सबूत के तौर पर मौके की तस्वीरें भी नत्थी की हैं। उन्होंने लिखा कि लोधी क्लब रोड पर मजदूरों के बैठने के लिए नगर निगम के सरकारी खर्च पर जो लेबर शेड बनाया गया था, उस पर अब रेहड़ी-फड़ी माफिया का पूरी तरह नियंत्रण हो चुका है। शेड के भीतर और उसके आस-पास सरेआम पक्के अवैध कब्जे कर लिए गए हैं। स्थिति इस कदर बदतर हो चुकी है कि शाम के समय लोधी क्लब रोड पर पूरी तरह से महा-जाम लग जाता है, जिससे वहां से गुजरने वाले आम नागरिकों, महिलाओं और वीआईपी गाड़ियों को घंटों रेंगने पर मजबूर होना पड़ता है।
जवाहर नगर कैंप से लेकर चौड़ा बाजार तक कब्जों का जाल; इन प्रमुख बाजारों का नामजद जिक्र:
सीनियर डिप्टी मेयर ने अपने पत्र में केवल एक इलाके नहीं, बल्कि पूरे लुधियाना शहर के उन प्रमुख व्यापारिक केंद्रों और बाजारों की सूची कमिश्नर के सामने रखी है, जहां तहबाजारी विंग की नाक के नीचे
- सड़कें सिकुड़ चुकी हैं। पत्र में मुख्य रूप से इन इलाकों का हवाला दिया गया है:
- जवाहर नगर कैंप और मॉडल टाउन मार्केट
- शास्त्री नगर और डंडी स्वामी रोड
- राहे रोड और जोधेवाल बस्ती चौक
- माधोपुरी चौक और शिंगार सिनेमा रोड
- कैंपा कोला चौक से लेकर सीधे नहर तक की सड़क
- फील्ड गंज, घंटा घर चौक और ऐतिहासिक चौड़ा बाजार
शिकायत में कहा गया है कि इन सभी प्रमुख बाजारों में रेहड़ियों और फड़ियों के कारण सड़कें पूरी तरह से अवरुद्ध हो चुकी हैं, जिसके चलते शहर में हर समय ट्रैफिक जाम की गंभीर समस्या बनी रहती है।
"कार्रवाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति"— तहबाजारी विंग की मिलीभगत सरेआम उजागर
राकेश पराशर ने अपने पत्र में निगम की अपनी ही तहबाजारी शाखा की कार्यप्रणाली पर गहरा रोष जताते हुए सीधे उंगली उठाई है। उन्होंने लिखा कि जब भी इन कब्जों के खिलाफ जनता आवाज उठाती है, तो तहबाजारी विभाग के कर्मचारी मौके पर जाकर महज खानापूर्ति (रस्म अदायगी) करके लौट आते हैं। न तो सामान स्थायी रूप से जब्त किया जाता है और न ही माफिया पर कोई कड़ा जुर्माना लगाया जाता है। सीनियर डिप्टी मेयर ने साफ शब्दों में लिखा, "तहबाजारी विंग की इस ढीली कारगुजारी से साफ जाहिर होता है कि इस अवैध कब्जे के धंधे में विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की पूरी मिलीभगत है। इसके चलते जहां जनता को नरकीय ट्रैफिक का सामना करना पड़ रहा है, वहीं नगर निगम का अक्स भी जनता की नजरों में लगातार खराब हो रहा है।
अधिकारियों की जिम्मेदारी तय हो, लापरवाही करने वालों को सस्पेंड करे प्रशासन
पत्र के अंत में सीनियर डिप्टी मेयर ने कड़े तेवर अपनाते हुए कमिश्नर से मांग की है कि इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित तहबाजारी ब्रांच के उच्चाधिकारियों की जवाबदेही तुरंत तय की जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि ड्यूटी के प्रति लापरवाही बरतने वाले और अवैध कब्जा माफिया को संरक्षण देने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ तुरंत सख्त से सख्त दंडात्मक कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाए। अब देखना यह होगा कि सीनियर डिप्टी मेयर के इस बड़े कदम के बाद निगम कमिश्नर भ्रष्ट मुलाजिमों और कब्जाधारियों पर क्या हंटर चलाते हैं।
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