पंजाब में मैडिकल कॉलेज के डॉक्टर और कर्मचारियों के सेवाकाल में वृद्धि

3/26/2020 8:25:02 PM

अमृतसर (दलजीत): कोरोना वायरस की महामारी को देखते हुए सेहत विभाग के बाद मैडिकल शिक्षा एवं खोज एंड विभाग द्वारा 31 मार्च को होने वाली पैरा मैडिकल स्टाफ तथा डॉक्टरों की सेवा मुक्ति का समय बढ़ा दिया है। विभाग द्वारा पैरा मैडिकल स्टाफ की सेवामुक्ति अब जहां 30 सितंबर तक कर दी गई है। वहीं डॉक्टरों की रिटायरमैंट की उम्र 58 से बढ़ाकर 62 कर दी है विभाग के इस फैसले से पंजाब के सरकारी मैडिकल कॉलेजों में एकदम आने वाले स्टाफ की कमी दूर हो गई है। 

विभाग के प्रिंसिपल सैक्रेटरी डीके तिवारी ने वीरवार को इस संबंधी आदेश जारी किए। तिवारी ने कहा कि उक्त विभाग में जो पैरा मैडिकल स्टाफ है उनकी रिटायरमेंट इसी महीने होने वाली है, लेकिन इस समय में कोरोना वायरस के चलते सारा स्टाफ इस जंग के साथ लड़ रहा है, इसलिए 31 मार्च को सेवा मुक्त होने वाले कर्मचारी अब 30 सितंबर 2020 तक काम कर सकेंगे उधर दूसरी ओर पंजाब सरकार के मेडिकल शिक्षा व खोज विभाग ने विभिन्न जिलों में स्थित मेडिकल कालेज के स्टाफ सदस्यों की उम्र 58 से 62 साल बढ़ा दी गई है। विभाग के मुख्य सेक्रेटरी डीके तिवारी ने जारी आदेश में कहा है कि पंजाब के सरकारी मेडिकल कालेज, पटियाला औऱ् अमृतसर सरकारी डैंटल कालेज, पटियाला और अमृतसर, सरकारी आर्युवेदिक कालेज, पटियाला में टीचिंग फैकल्टी की कमी को ध्यान में रखते हुए इन कालेजों में काम कर रही मेडिकल, डेंटल, आयुर्वेदिक, टीचिंग फैकल्टी की रिटायरमेंड उम्र 58 से 62 साल कर दी है। 

बताने योग्य है कि 31 मार्च को सैकड़ों की तादाद में कर्मचारी तथा डॉक्टरों ने 58 आयु की नौकरी पूरी करके सेवा मुक्त हो जाना था सरकार द्वारा अभी कोई नई भर्ती न करने के कारण एकदम से पंजाब के विभिन्न सरकारी मेडिकल कॉलेज खाली हो जाने थे। कोरोना वायरस के कारण पहले ही विभाग के अधीन चलने वाले सरकारी अस्पतालों में मरीजों का काफी बोझ है। इस दौरान विभाग द्वारा सेवा मुक्ति की आयु बढ़ाकर पंजाब के मरीजों के लिए सराहनीय फैसला लिया है।


Mohit

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