Punjab में 14 से 20 सितंबर तक इंडस्ट्री रहेगी बंद, जानें क्यूं लेना पड़ा बड़ा फैसला
punjabkesari.in Wednesday, Sep 09, 2026 - 10:50 AM (IST)
लुधियाना(राम): ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव का असर अब लुधियाना की टेक्सटाइल और डाइंग इंडस्ट्री पर भी दिखाई देने लगा है। कच्चे माल, डाई-केमिकल, गैस और पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी से डाइंग कारोबारियों की लागत बढ़ गई है। ऐसे में शहर की विभिन्न डाइंग एसोसिएशनों ने 14 से 20 सितंबर तक डाइंग यूनिटें बंद रखने का सामूहिक फैसला लिया है। इसके साथ ही डाइंग रेट में भी बढ़ोतरी करने का निर्णय लिया गया है। अब पॉलीएस्टर डाइंग पर 10 रुपये प्रति किलो और कॉटन डाइंग पर 20 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी की जाएगी।
उत्पादन लागत बढ़ने से कारोबारी परेशान
पंजाब डायर्स एसोसिएशन के कमल चौहान और रजनीश गुप्ता के अनुसार, पिछले कुछ समय से डाइंग इंडस्ट्री की उत्पादन लागत लगातार बढ़ रही है। कच्चे माल, गैस, डाई-केमिकल और पेट्रोलियम उत्पाद महंगे होने से कारोबारियों पर आर्थिक दबाव बढ़ गया है। उद्योग प्रतिनिधियों का कहना है कि तैयार माल की कीमतों में लागत के अनुपात में बढ़ोतरी नहीं हो पा रही। ऐसे में मौजूदा दरों पर उत्पादन करना मुश्किल होता जा रहा है।
पॉलीएस्टर और कॉटन डाइंग की दरें बढ़ेंगी
विभिन्न डाइंग एसोसिएशनों की संयुक्त बैठक में डाइंग रेट बढ़ाने पर सहमति बनी। बैठक के मुताबिक पॉलीएस्टर डाइंग की दर में 10 रुपये प्रति किलो और कॉटन डाइंग की दर में 20 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी की जाएगी। कारोबारियों का कहना है कि यह बढ़ोतरी अतिरिक्त मुनाफे के लिए नहीं, बल्कि बढ़ती उत्पादन लागत को संभालने के लिए जरूरी हो गई है।
14 से 20 सितंबर तक बंद रहेंगी यूनिटें
एसोसिएशनों ने तय किया है कि 14 सितंबर से 20 सितंबर तक लुधियाना की डाइंग यूनिटों में उत्पादन बंद रहेगा। सभी डाइंग कारोबारियों से इस सामूहिक फैसले का पालन करने की अपील की गई है। उद्योग प्रतिनिधियों के मुताबिक बिजली, गैस, मजदूरी, केमिकल और अन्य खर्च लगातार बढ़ रहे हैं। ऐसे में एक सप्ताह के लिए उत्पादन रोकना उद्योग के हित में जरूरी समझा गया है।
धागे के दाम में भी भारी बढ़ोतरी
उद्योग से जुड़े कारोबारियों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय तनाव का असर सिंथेटिक यार्न, डाई-केमिकल और अन्य औद्योगिक सामान की कीमतों पर पड़ा है। कुछ किस्म के धागे के दाम में करीब 50 प्रतिशत तक बढ़ोतरी होने का दावा उद्योग प्रतिनिधियों ने किया है। इसके अलावा गैस की समस्या के कारण पहले भी डाइंग यूनिटों का काम प्रभावित हुआ था, जिससे उत्पादन लागत पर और दबाव बढ़ा।
सरकार से राहत की मांग
डाइंग उद्योग से जुड़े प्रतिनिधियों ने कहा कि अगर अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों में जल्द सुधार नहीं हुआ तो टेक्सटाइल उद्योग की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। उन्होंने सरकार और संबंधित विभागों से उद्योग की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए राहत देने के लिए जरूरी कदम उठाने की मांग की है। बैठक में पंजाब डायर्स एसोसिएशन की ओर से कमल चौहान, रजनीश गुप्ता बालाजी डाइंग सहित मोहित महाराजा, रजनीश खन्ना रॉकी, सुभाष सैनी एकता, बावा गुप्ता, बॉबी जिंदल, जी.पी. सिंह, राहुल वर्मा और अजय हांडा समेत अन्य उद्योग प्रतिनिधि मौजूद रहे।

