Ludhiana : 11 सितंबर तक कोर्ट में ‘No Work Day’, जानें क्या है खबर
punjabkesari.in Tuesday, Sep 08, 2026 - 08:03 PM (IST)
लुधियाना (मेहरा): जिला बार एसोसिएशन (डीबीए), लुधियाना के वार्षिक चुनाव को लेकर कानूनी जगत में चुनावी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। 11 सितंबर को होने वाले चुनाव में 3,250 अधिवक्ता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इस बार मतदाताओं की संख्या पिछले वर्ष के मुकाबले 229 अधिक है। पिछले वर्ष 3,021 अधिवक्ता मतदाता सूची में शामिल थे। डीबीए के विभिन्न पदों के लिए कुल 31 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं, जिसके चलते कई महत्वपूर्ण पदों पर कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है। चुनाव को लेकर अधिवक्ताओं में भी खासा उत्साह है।
अध्यक्ष पद के लिए चार उम्मीदवारों में मुकाबला
डीबीए के प्रतिष्ठित अध्यक्ष पद के लिए जसविंदर सिंह सिब्बल, विकास गुप्ता, विपिन सग्गड़ और राजेश खन्ना मैदान में हैं। चारों उम्मीदवारों द्वारा अधिवक्ताओं से व्यक्तिगत संपर्क कर समर्थन जुटाने का सिलसिला जारी है। उपाध्यक्ष (जनरल) पद के लिए अनिल सग्गड़ और गुरबख्शिश सिंह बेदी आमने-सामने हैं, जबकि महिला अधिवक्ताओं के लिए आरक्षित उपाध्यक्ष पद पर हरसिमरत कौर, कविता और विजय शर्मा चुनाव लड़ रहे हैं। सचिव पद के लिए मनिंदर हीर और जगजीत सिंह के बीच मुकाबला है। महिला अधिवक्ताओं के लिए आरक्षित संयुक्त सचिव पद पर अनीता, चरनजीत कौर सेखों, डेजी सिंगला, मनप्रीत कौर और सुष्मिता सहित पांच उम्मीदवार मैदान में हैं। वित्त सचिव पद के लिए दिनेश कुमार शर्मा, हिमाकर, कोनार्क शर्मा और परमिंदर सिंह (कुक्की) चुनाव लड़ रहे हैं।
कार्यकारिणी पदों पर भी मुकाबला
कार्यकारिणी सदस्य (जनरल) के पदों के लिए अमरदीप सिंह सेखों, अंकुश दुबे, अंकित रात्रा, अतुल कश्यप, बिरजोत सिंह और समीर जोशी मैदान में हैं। वहीं महिला अधिवक्ताओं के लिए आरक्षित चार कार्यकारिणी सदस्य पदों के लिए हरजीत कौर, मधु गुप्ता, सतिंदर कौर, तरनम और हरसीन कौर के बीच मुकाबला है।
11 सितंबर तक ‘नो वर्क डे’
डीबीए चुनाव के चलते 11 सितंबर तक जिला अदालत परिसर में ‘नो वर्क डे’ रहेगा। इस संबंध में रिटर्निंग ऑफिसर वरिंदर खरा द्वारा घोषणा की गई है। चुनाव प्रक्रिया को सुचारू रूप से संपन्न करवाने और अधिवक्ताओं को चुनावी गतिविधियों के लिए पर्याप्त समय देने के मद्देनजर यह निर्णय लिया गया है। नो वर्क डे के चलते अदालतों में अधिवक्ताओं की नियमित पेशी और न्यायिक कार्यवाही प्रभावित रहेगी। अधिवक्ता इन दिनों चुनाव प्रचार, बैठकों और मतदान की तैयारियों में व्यस्त हैं।

