बठिंडा की सियासत में बवाल! विधायक जगरूप गिल ने अपनी ही पार्टी को कटघरे में लिया
punjabkesari.in Tuesday, May 26, 2026 - 08:24 PM (IST)
बठिंडा, (विजय वर्मा) : नगर निगम चुनावों के दौरान बठिंडा की राजनीति में उस समय बड़ा धमाका हो गया जब जगरूप सिंह गिल ने अपनी ही पार्टी के कुछ नेताओं और प्रशासन के खिलाफ खुला मोर्चा खोल दिया। तीखे पत्रकार सम्मेलन के दौरान गिल ने चुनावों में गुंडागर्दी, फायरिंग, पैसे और शराब बांटने से लेकर टिकटों के वितरण तक गंभीर आरोप लगाकर राजनीतिक हलचल पैदा कर दी।गिल ने कहा कि “यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बात है कि मेरी बहन की बहू चुनाव लड़ रही थी और आम आदमी पार्टी के एक नेता ने अपने समर्थकों के साथ वहां जाकर फायरिंग की, मारपीट की और फॉर्च्यूनर गाड़ी पर गोलियां चलाईं।” उन्होंने दावा किया कि इस संबंध में सीसीटीवी फुटेज भी उनके पास मौजूद है।
विधायक गिल यहीं नहीं रुके। उन्होंने अपनी ही पार्टी की नीति और चुनाव प्रणाली पर भी सीधे सवाल खड़े कर दिए। गिल ने कहा कि अरविंद केजरीवाल ने स्वराज और साफ-सुथरी राजनीति के नाम पर लोगों से वादा किया था कि चुनावों में न पैसा चलेगा, न शराब बांटी जाएगी और न ही गुंडागर्दी बर्दाश्त की जाएगी, लेकिन बठिंडा में ये सभी दावे झूठे साबित हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि “एक ही व्यक्ति को सभी टिकट बांटने का ठेका दे दिया गया। वार्डबंदी से लेकर उम्मीदवार खड़े करने तक सब कुछ एक गिरोह के हाथ में रहा, जिसके कारण पूरी चुनाव प्रक्रिया सवालों के घेरे में आ गई।”
गिल ने भाजपा के जिला प्रधान और पूर्व विधायक सरूप चंद सिंगला पर हुए हमले का जिक्र करते हुए कहा कि “एक राजनीतिक नेता पर हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल करना लोकतंत्र के लिए शर्मनाक घटना है। इससे बड़ी गुंडागर्दी की मिसाल और क्या हो सकती है?” पुलिस प्रशासन पर भी तीखे हमले करते हुए गिल ने कहा कि उन्होंने अपनी भांजी की शिकायत एसएसपी को दी थी और लिखित रूप में नामजद शिकायत भी सौंपी गई थी, लेकिन इसके बावजूद पुलिस ने अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ ही मामला दर्ज कर लिया। गिल ने दावा किया कि “एसएसपी पर चंडीगढ़ से दबाव था, इसलिए नाम होने के बावजूद कार्रवाई नहीं की गई।”
उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि अब वे पीछे नहीं हटेंगे और सच्चाई के लिए लड़ाई जारी रहेगी। “लोगों के साथ जो धक्केशाही और गुंडागर्दी हुई है, उसकी आवाज घर-घर तक पहुंचाई जाएगी,” गिल ने कहा। विधायक ने यह भी आरोप लगाया कि कई वार्डों में खुलेआम पैसा और शराब बांटी गई। वार्ड नंबर 21 में तो कथित तौर पर बैलेट बॉक्स तक उठा लिए गए और लोगों ने धरना भी दिया, लेकिन प्रशासन ने कोई सख्त कार्रवाई नहीं की।
नगर निगम चुनावों की टिकट वितरण प्रक्रिया, वार्डबंदी, वोटिंग और प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर अपनी ही पार्टी के नेताओं पर विधायक जगरूप सिंह गिल द्वारा लगाए गए ये गंभीर आरोप अब बठिंडा की राजनीति में बड़े तूफान का कारण बन गए हैं।

