12 साल में पंजाब को क्या मिला? जानिए पंजाब के लिए मोदी सरकार की बड़ी उपलब्धियां
punjabkesari.in Thursday, Jun 11, 2026 - 07:47 PM (IST)
पंजाब डैस्क : पंजाब केवल एक राज्य नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक चेतना, कृषि शक्ति और राष्ट्रीय सुरक्षा का महत्वपूर्ण स्तंभ है। पिछले 12 वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने पंजाब के विकास को केवल आर्थिक दृष्टि से नहीं, बल्कि सांस्कृतिक विरासत, किसान कल्याण, औद्योगिक प्रगति और सीमा सुरक्षा के व्यापक दृष्टिकोण से देखने का प्रयास किया है।
सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को मिला वैश्विक सम्मान
पंजाब की पहचान उसकी समृद्ध सिख विरासत से जुड़ी है। मोदी सरकार के कार्यकाल में सबसे ऐतिहासिक उपलब्धियों में से एक करतारपुर कॉरिडोर का निर्माण और उद्घाटन रहा। इस पहल ने लाखों श्रद्धालुओं के लिए श्री गुरु नानक देव जी के अंतिम निवास स्थल गुरुद्वारा दरबार साहिब करतारपुर तक आसान पहुंच सुनिश्चित की। 2019 में शुरू हुए इस कॉरिडोर ने दशकों पुरानी धार्मिक भावना को साकार किया और विश्वभर के सिख समुदाय में सकारात्मक संदेश दिया। गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भव्य रूप से मनाया गया। इससे पंजाब की आध्यात्मिक विरासत को वैश्विक मंच पर नई पहचान मिली।
किसानों के हित में व्यापक पहल
पंजाब की अर्थव्यवस्था का आधार कृषि है। केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) योजना के तहत राज्य के लाखों किसानों को प्रत्यक्ष आर्थिक सहायता प्राप्त हुई। इसके अतिरिक्त, न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में लगातार वृद्धि, रिकॉर्ड सरकारी खरीद तथा उर्वरक सब्सिडी जैसी पहलों ने किसानों को राहत प्रदान की। हाल के वर्षों में फसल विविधीकरण, आधुनिक कृषि तकनीकों और जल संरक्षण पर भी विशेष जोर दिया गया है। केंद्र और राज्य के बीच सहयोग के माध्यम से कृषि क्षेत्र को अधिक टिकाऊ बनाने के प्रयास किए गए हैं।
औद्योगिक और बुनियादी ढांचे का विस्तार
पंजाब लंबे समय से लघु और मध्यम उद्योगों का केंद्र रहा है। मोदी सरकार के दौरान राष्ट्रीय राजमार्गों, लॉजिस्टिक्स नेटवर्क, रेल और हवाई संपर्क को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया गया। लुधियाना क्षेत्र के लिए हलवारा एयरपोर्ट का विकास एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इससे पंजाब के औद्योगिक और कृषि क्षेत्रों को बेहतर राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय संपर्क मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा, सड़क और राजमार्ग परियोजनाओं के विस्तार से व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिला तथा पंजाब को उत्तरी भारत के प्रमुख आर्थिक गलियारों से जोड़ने का कार्य तेज हुआ।
सीमा क्षेत्रों के विकास और राष्ट्रीय सुरक्षा को प्राथमिकता
पंजाब की लगभग 550 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा पाकिस्तान से लगती है। इसलिए यहां विकास और सुरक्षा साथ-साथ चलना आवश्यक है।
मोदी सरकार ने सीमा पर आधुनिक निगरानी प्रणाली, बाड़बंदी, तकनीकी सुरक्षा उपायों और सीमा चौकियों को मजबूत करने पर विशेष बल दिया। करतारपुर कॉरिडोर के साथ विकसित आधुनिक इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट भी सीमा प्रबंधन और यात्री सुविधा का महत्वपूर्ण उदाहरण है। सीमा क्षेत्रों में सड़क, संचार और सुरक्षा अवसंरचना को मजबूत करने से राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ-साथ स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को भी प्रोत्साहन मिला है।
आपदा प्रबंधन और पुनर्निर्माण में केंद्र का सहयोग
हाल के वर्षों में पंजाब ने बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं का सामना किया। ऐसे समय में केंद्र सरकार ने राहत और पुनर्निर्माण के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई। इससे प्रभावित क्षेत्रों में पुनर्वास और आधारभूत ढांचे की बहाली को गति मिली।

