PM मार्क कार्नी के भारत दौरे से पहले नया खुलासा, भारत-कनाडा रिश्तों पर मंडराया संकट
punjabkesari.in Monday, Mar 02, 2026 - 04:23 PM (IST)
ओटावा (कनाडा)/(सरबजीत सिंह बनूड़) : कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी, जो भारत दौरे पर हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करने वाले हैं, उनसे कुछ घंटे पहले, एक कनाडाई नेशनल अखबार के नए खुलासों ने पॉलिटिकल सर्कल और भारत व कनाडा के बीच बन रहे रिश्तों में एक नया संकट पैदा कर दिया है। अखबार की एक एक्सक्लूसिव रिपोर्ट के मुताबिक, कनाडा के राष्ट्रीय सुरक्षा अधिकारियों के पास सबूत हैं, जिसके मुताबिक वैंकूवर में इंडियन कॉन्सुलेट से जुड़े कुछ अधिकारियों ने खालिस्तान सिख एक्टिविस्ट हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में जानकारी दी थी।
यह रिपोर्ट दो सूत्रों के हवाले से पब्लिश की गई है, जिन्होंने नाम न बताने की शर्त पर बात की, एक कनाडाई लॉ एनफोर्समेंट ऑफिसर और दूसरा राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी को सोर्स बताया है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि वैंकूवर कौंसलखाने में पोस्टेड एक वीज़ा ऑफिसर ने सरी (BC) में रहने वाले कुछ लोगों से निज्जर के बारे में जानकारी इकट्ठा करने के लिए अपने पद का इस्तेमाल किया। रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि यह जानकारी भारत की इंटेलिजेंस एजेंसी RAW से जुड़े अधिकारियों को दी गई है। हालांकि, भारत सरकार ने इस मामले में किसी भी तरह की भूमिका से लगातार इनकार किया है और इन आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया है।
रिपोर्ट में याद दिलाया गया है कि अक्टूबर 2024 में, कनाडा सरकार ने 6 भारतीय डिप्लोमैट्स को निकाल दिया था। उस समय, सिर्फ हाई कमिश्नर का नाम पब्लिक किया गया था। सितंबर 2023 में, उस समय के कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने पार्लियामेंट को बताया कि निज्जर मर्डर केस में भारत सरकार की संभावित भूमिका के बारे में "विश्वसनीय जानकारी" थी। उसी दिन, कनाडा के विदेश मंत्री मेलिन जॉली ने घोषणा की कि कनाडा में मौजूद एक सीनियर भारतीय इंटेलिजेंस अधिकारी को देश छोड़ने के लिए कहा गया है।
कनाडा के दूसरे नेशनल अखबार, नेशनल पोस्ट ने भी इस मामले पर रिपोर्ट प्रकाशित की है। इसमें कहा गया कि सीएसआईएस के एक प्रवक्ता ने पुष्टि की है भारत अभी भी कनाडा के खिलाफ विदेशी दखल और जासूसी में शामिल मुख्य देशों में से एक है। इस बयान को हाल ही में एक सीनियर सरकारी अधिकारी के उस दावे के उलट माना जा रहा था जिसमें उन्होंने कहा था कि भारतीय एजेंट अब ऐसी गतिविधियों में शामिल नहीं हैं।
कनाडा की फेडरल पुलिस एजेंसी RCMP जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि कुछ सबूत वायरटैप और इंटेलिजेंस सर्विलांस से इकट्ठा किए गए हैं। हालांकि, यह कहा गया है कि डिप्लोमैटिक इम्युनिटी के कारण कथित तौर पर नामजद अधिकारियों के खिलाफ सीधी कार्रवाई करना मुश्किल है। किसी भी कॉन्सुलर या डिप्लोमैट के खिलाफ कोई सीधा अपराधिक आरोप लगे होने की पुष्टि नहीं हुई है।
इन नए खुलासों ने एक बार फिर कनाडा-भारत के रिश्तों तनाव के दौर में दाखिल हो गए हैं।। कनाडाई मीडिया इस मामले को डेमोक्रेसी और नेशनल सिक्योरिटी से जोड़ रहा है, जबकि भारत सरकार ने लगातार आरोपों से इनकार किया है। मामले की जांच अभी भी चल रही है और आने वाले दिनों में और खुलासे होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है।
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