कनाडाई खुफिया एजेंसी का दावा: भारत से जुड़ी गतिविधियों पर अब भी चिंता

punjabkesari.in Monday, Mar 02, 2026 - 04:59 PM (IST)

ओटावा (सरबजीत सिंह बनूड़): कनाडा की खूफिया एजेंसी कैनेडियन सिक्योरिटी इंटेलिजेंस सर्विस (CSIS) ने कहा है कि कनाडा के खिलाफ विदेशी दखलअंदाजी और जासूसी गतिविधियों के मुख्य दोषियों में से एक है। यह बयान उस दावे का विरोध करता है जो पिछले हफ्ते एक सीनियर सरकारी अधिकारी ने कहा था कि भारतीय एजेंट अब ऐसी गतिविधियों से संबंधित नहीं हैं।

CSIS ने पिछले कुछ सालों के दौरान कनाडा में कई बार भारत सरकार को कनाडा में विदेशी दखलअंदाजी और सरहद पार दबार के मुख्य कारणों में शामिल किया है। नेशनल पोस्ट को भेजे एक ईमेल में CSIS के प्रवक्ता ऐरिक बालसम ने पुष्टि की है कि एजेंसी की धमकी मुल्यांकन रिपोर्ट में कोई बदलाव नहीं आया। CSIS के डायरेक्टर डैन रोजर्स ने  "चीन, रूस, भारत और अन्यों" को कनाड़ा को निशाना बनाने वाले सरगर्म देशों के रूप में दर्शाया था। 

बता दें कि कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी जो भारत के दौरे पर हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने वाले हैं। सरकार को साफ करना होगा कि वह मानती है कि भारतीय एजेंट कनाडा में सरहद पार दबाव में अभी भी शामिल है। इस बयान से कनाडा के सिख भाईचारे में नाराजगी पैदा हुई है। कई संसद मैंबरों ने भी सरकारी अधिकारी के बयान से असहमति जताई। 

रूबी सहोता ने कहा कि यह कहना कि खतरा खत्म हो चुके हैं, कनाडा की मौजूदा सुरक्षा हकीकत को नहीं दर्शाता। सुक्ख धालीवाली ने भी अधिकारी की टिप्पणी पर सवाल खड़े किए। विदेश मंत्री अनीता आनंद ने साफ जवाब देने से इनकार कर दिया कि भारतीय एजेंटों से संबंधित हिंसा रुकी है या नहीं। उन्होंने कहा कि चिंताओं को हल सीधे बातचीत से किया जा सकता है।

अपने शहर की खबरें Whatsapp पर पढ़ने के लिए Click Here


सबसे ज्यादा पढ़े गए

News Editor

Kalash

Related News