नए सैशन के पहले दिन ही खुली सरकारी स्कूलों की व्यवस्था की पोल
punjabkesari.in Thursday, Apr 02, 2026 - 11:09 AM (IST)
लुधियाना (विक्की): शिक्षा विभाग के नए शैक्षणिक सेशन का आगाज विशेष कर स्टूडेंट्स के लिए फीका सा रहा क्योंकि उन्हें नई क्लास में अपने नए अध्यापकों को मिलने का अवसर नहीं मिला। वजह रही कि अधिकतर स्कूलों के अध्यापक या तो बोर्ड एग्जाम की मार्किंग के लिए रिलीव हो चुके हैं या फिर कई विभिन्न योजनाओं में ड्यूटी देने पहुंचे हुए हैं। बुधवार को पहले दिन स्कूलों के गेट खुलते ही विद्यार्थियों के चेहरों पर एक अलग ही उत्साह देखने को तो मिला। लंबे समय के बाद अपने दोस्तों और अध्यापकों से मिलने की खुशी विद्यार्थियों के चेहरों पर साफ झलक रही थी लेकिन ज्यों ही क्लासेज शुरू हुईं तो आते ही किसी अन्य अध्यापक ने 2-2 क्लासों को कंबाइंड कर दिया जिससे कई स्टूडेंट्स को पता चला कि अभी उनके कक्षा अध्यापक स्कूल में नहीं हैं।
जानकारी के मुताबिक शहर के विभिन्न सरकारी स्कूलों में सुबह से ही चहल-पहल शुरू हो गई थी, जिससे एक बार फिर शिक्षा के मंदिरों में रौनक लौट आई। जहां एक ओर विद्यार्थी भारी संख्या में स्कूल पहुंचे, वहीं सरकारी स्कूलों में स्थिति थोड़ी चुनौतीपूर्ण रही। एक स्कूल में मौजूद अध्यापक ने बताया कि उनके स्कूल के कई अध्यापक इन दिनों विभिन्न प्रोजेक्ट्स जैसे बोर्ड परीक्षाओं की मार्किंग, एस.आई.आर. और मुख्यमंत्री सेहत कार्ड बीमा योजना को अमलीजामा पहनाने में व्यस्त हैं। अध्यापकों के अन्य ड्यूटियों पर होने के कारण स्कूलों को प्रबंधन में काफी मशक्कत करनी पड़ रही है ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई का नुकसान न हो, इसके लिए स्कूल प्रशासन द्वारा कई कक्षाओं को आपस में 'कंबाइन' कर दिया गया। एक ही कमरे में एक कक्षा के 2-2 सैक्शन के विद्यार्थियों को बैठाकर उपलब्ध अध्यापकों ने उन्हें नए सैशन के सिलेबस और अन्य गतिविधियों के बारे में जानकारी दी। वहीं दूसरी तरफ स्कूलों में नए दाखिलों के लिए भी विद्यार्थी अपने अभिभावकों के साथ पहुंचे जो दाखिला पाकर खुश नजर आ रहे थे
प्राइवेट स्कूलों में भी शुरू हुआ नया सत्र
सरकारी स्कूलों के साथ शहर के नामी प्राइवेट स्कूलों में भी आज से पढ़ाई का काम शुरू हो गया है। शास्त्री नगर स्थित बी.सी.एम. आर्य स्कूल में भी आज से नया सैशन शुरू हुआ। स्कूल पहुंचने पर विद्यार्थियों का गर्मजोशी से स्वागत किया गया। इस मौके पर प्रिंसीपल डा. अनुजा कौशल ने विद्यार्थियों को नए सैशन की शुभकामनाएं दीं और उन्हें पूरी मेहनत के साथ अपनी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करने के लिए प्रेरित किया।
या तो सैशन देरी से लगाएं या फिर फालतू ड्यूटियां न लगाएं
कई अध्यापकों के अनुसार सैशन के शुरुआत में ही हमें मार्किंग और अन्य सरकारी योजनाओं की ड्यूटियों में लगाने से स्कूलों के सुचारू कामकाज पर असर पड़ता है। हालांकि, अध्यापकों का कहना है कि वे अपनी ड्यूटियों के साथ-साथ विद्यार्थियों के भविष्य के प्रति भी गंभीर हैं और जल्द ही इन कार्यों को पूरा कर वापस नियमित कक्षाओं में लौट आएंगे। फिलहाल, पहले दिन की शुरुआत काफी सकारात्मक रही है। अभिभावक भी अपने बच्चों को स्कूल भेजकर खुश दिखे। अब देखना यह होगा कि शिक्षा विभाग कब तक अध्यापकों को इन अतिरिक्त ड्यूटियों से मुक्त कर पूरी तरह से क्लासरूम टीचिंग में वापस लाता है ताकि नए सैशन की पढ़ाई पटरी पर लौट सके।
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